
Jaipur Historical Sites Price Hike
Jaipur Historical Sites Ticket Price Hike: नया साल और लॉन्ग वीकएंड मनाने जयपुर पहुंचे हजारों पर्यटकों के लिए पिंक सिटी की सैर उम्मीद से कहीं ज्यादा महंगी साबित हो रही है। 1 जनवरी 2026 से जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों पर एंट्री टिकट के दाम अचानक बढ़ा दिए गए हैं। आमेर किला, हवा महल, जंतर मंतर जैसे मशहूर टूरिस्ट पॉइंट्स पर टिकट सीधे दोगुने कर दिए गए हैं। इस फैसले से पर्यटक, स्टूडेंट्स और टूरिस्ट गाइड सभी नाराज नजर आ रहे हैं।
आइए जानते हैं क्या हैं पूरा मामला –
नए साल के साथ ही लागू हुए बढ़े हुए टिकट रेट
नए साल की शुरुआत के साथ ही आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने जयपुर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की एंट्री फीस बढ़ा दी है। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ है। विभाग का कहना है कि करीब 10 साल बाद टिकट के दाम में इजाफा किया गया है, लेकिन पर्यटकों का मानना है कि न्यू ईयर और पीक सीजन में ऐसा करना सही नहीं है। लोग जब टिकट काउंटर पर पहुंचे, तब उन्हें बढ़े हुए रेट का पता चला, जिससे कई लोग हैरान रह गए।
आमेर किला जहां सबसे ज्यादा बढ़ी एंट्री फीस
जयपुर के सबसे प्रसिद्ध और सबसे ज्यादा भीड़ वाले पर्यटन स्थल आमेर किले में अब घूमना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। भारतीय पर्यटकों के लिए आमेर किले की एंट्री फीस पहले 100 रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है। आमेर किला जयपुर की पहचान माना जाता है और यहां हर दिन हजारों सैलानी पहुंचते हैं। ऐसे में टिकट दोगुना होना सीधे तौर पर पर्यटकों के बजट पर असर डाल रहा है।
हवा महल, जंतर मंतर और नाहरगढ़ भी हुए महंगे
आमेर किले के साथ-साथ जयपुर के अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर भी टिकट की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। हवा महल, जंतर मंतर, नाहरगढ़ किला और अल्बर्ट हॉल म्यूजियम जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स पर अब पहले के मुकाबले दोगुना पैसा देना होगा। जहां पहले इन जगहों पर 50 रुपए में एंट्री मिल जाती थी, अब इसके लिए 100 रुपए चुकाने होंगे। जयपुर घूमने आए पर्यटक आमतौर पर एक ही दिन में कई जगह देखने की योजना बनाते हैं, ऐसे में हर जगह टिकट बढ़ने से कुल खर्च काफी बढ़ गया है।
कंपोजिट टिकट से भी नहीं मिली राहत
जयपुर आने वाले कई पर्यटक कंपोजिट टिकट लेते हैं, जिससे वे दो दिनों में कई ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकें। पहले यह टिकट एक किफायती विकल्प माना जाता था, लेकिन अब इसकी कीमत भी बढ़ा दी गई है। दो दिन का कंपोजिट टिकट अब 550 रुपए में मिलेगा। परिवार के साथ घूमने वालों और सीमित बजट में ट्रैवल करने वालों के लिए यह बढ़ोतरी परेशानी का कारण बन रही है।
स्टूडेंट्स के लिए घूमना और मुश्किल
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर स्टूडेंट्स पर पड़ता नजर आ रहा है। शिक्षा के साथ-साथ इतिहास और विरासत को करीब से समझने के लिए जयपुर आने वाले छात्रों के लिए टिकट की कीमतें काफी बढ़ा दी गई हैं। आमेर किले में स्टूडेंट टिकट पहले 22 रुपए का था, जिसे अब बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। यानी स्टूडेंट्स को दोगुने से भी ज्यादा पैसे देने होंगे। छात्रों का कहना है कि इतनी महंगी टिकट से उनकी शैक्षणिक यात्राएं प्रभावित होंगी।
विदेशी पर्यटकों पर भी बढ़ा खर्च
सामान्य और स्टूडेंट्स के अलावा विदेशी पर्यटकों की एंट्री फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। हालांकि विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट पहले से ही ज्यादा थे, लेकिन अब जयपुर की विरासत देखने के लिए उन्हें और ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इसका असर विदेशी टूरिस्ट की संख्या पर भी पड़ सकता है।
पर्यटकों में दिख रही नाराजगी
टिकट के दाम बढ़ने से जयपुर आए पर्यटक खुश नहीं हैं। कई लोगों का कहना है कि जयपुर के ऐतिहासिक स्थल सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। इन्हें देखने का मौका ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलना चाहिए। पर्यटकों का मानना है कि ज्यादा भीड़ होने से सरकार को पहले ही अच्छा राजस्व मिलता है, ऐसे में टिकट दोगुना करना सही कदम नहीं है।
टूरिस्ट गाइड्स की रोजी-रोटी पर असर
इस फैसले से टूरिस्ट गाइड्स भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि टिकट महंगे होने से लोकल और मिडिल क्लास टूरिस्ट की संख्या घट सकती है। अगर पर्यटक कम आएंगे तो गाइड्स की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। गाइड्स का मानना है कि अगर टिकट के दाम बढ़ाने ही थे, तो यह फैसला ऑफ-सीजन में लिया जाना चाहिए था।
क्या हैं पुरातत्व विभाग का पक्ष
पुरातत्व विभाग का कहना है कि टिकट के दाम लंबे समय से नहीं बढ़ाए गए थे। बढ़ी हुई फीस का इस्तेमाल ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, रखरखाव और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। विभाग का दावा है कि इससे लंबे समय में पर्यटन अनुभव बेहतर होगा।
क्या वापस लिया जाएगा फैसला?
फिलहाल पर्यटक, स्थानीय लोग और टूरिस्ट गाइड इस फैसले को वापस लेने या कम से कम रेट में आंशिक राहत देने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस पर कोई राहत देते हैं या नहीं। जयपुर की शाही विरासत देखने का सपना लेकर आए पर्यटकों के लिए नया साल महंगा साबित हुआ है। टिकट के दाम बढ़ने से जहां सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, वहीं आम लोगों, स्टूडेंट्स और लोकल टूरिज्म से जुड़े लोगों के लिए पिंक सिटी की सैर अब पहले जितनी किफायती और आसान नहीं रह गई है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी और स्थानीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। टिकट दरें समय, स्थान और सरकारी फैसलों के अनुसार बदल सकती हैं। यात्रा से पहले संबंधित पर्यटन विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से ताजा जानकारी जरूर जांच लें।


