
Uddhav Thackeray (Photo: Social Media)
Uddhav Thackeray (Photo: Social Media)
Uddhav Thackeray News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भाषा और क्षेत्रीय अस्मिता का मुद्दा गरमा गया है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में हिंदी भाषा को अनिवार्य करने के प्रस्ताव ने विवाद को जन्म दिया था। हालांकि जनविरोध और राजनीतिक दबाव के चलते सरकार को यह निर्णय वापस लेना पड़ा। लेकिन इसके बाद भी यह मुद्दा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस बीच, शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर हिंदी थोपने के प्रयासों के खिलाफ अपनी राय को तीखे शब्दों में सामने रखा। उन्होंने साफ कहा, हम किसी भाषा के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, जबरदस्ती किसी पर कोई भाषा थोपना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ठाकरे ने इसके साथ ही मुंबई की घटती राजनीतिक और आर्थिक अहमियत पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें जानबूझकर मुंबई को कमजोर करने और उसे महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश कर रही हैं। ठाकरे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, जो भी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिश करेगा, मैं खुले मंच से कहता हूं, हम उसके टुकड़े-टुकड़े कर देंगे।
उन्होंने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री, हीरा बाजार और अन्य वित्तीय संस्थानों को मुंबई से बाहर शिफ्ट करने की कोशिशें हो रही हैं। बुलेट ट्रेन अहमदाबाद को मिलती है। वित्तीय केंद्र वहीं ले जाया जाता है। यह संयोग नहीं बल्कि साजिश है, ठाकरे ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी से टकराव नहीं साथ ही मुंबई की अस्मिता की रक्षा करना है। हम किसी को तोड़ने की बात नहीं कर रहे। लेकिन जो मुंबई को तोड़ना चाहेगा। हम उसे नहीं छोड़ेंगे।