
NDA Vice President candidate: देश की राजनीति में इस समय सबसे बड़ी चर्चा उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर है। मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुए इस पद के लिए सत्ताधारी एनडीए (NDA) मंगलवार को अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकता है। हालांकि, इसे लेकर सरकार या किसी भी सहयोगी दल की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेज हैं।
PM मोदी और जेपी नड्डा के हाथ में फैसला
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एनडीए की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में सभी सहयोगी दलों ने सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को उम्मीदवार चुनने का जिम्मा सौंपा था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि अंतिम फैसला पीएम मोदी और नड्डा ही लेंगे। अब 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सबकी निगाहें इस ऐलान पर टिकी हुई हैं।
रेस में कई बड़े नाम
उपराष्ट्रपति पद के लिए कई बड़े नामों की चर्चा चल रही है। इन नामों में बिहार से जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत शामिल हैं। हालांकि, इन सभी नामों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और उम्मीदवार का नाम अंतिम समय तक सस्पेंस में रखा गया है।
विपक्ष भी उतारेगा उम्मीदवार
एनडीए के साथ ही विपक्षी गठबंधन INDIA भी इस चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दल एकजुट होकर एक संयुक्त उम्मीदवार उतारने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस बारे में विपक्षी दलों से बात कर रहे हैं। विपक्ष का मानना है कि चुनाव के नतीजे जो भी हों, लेकिन एक मजबूत राजनीतिक संदेश देना जरूरी है। हालांकि, विपक्ष का एक धड़ा यह भी मानता है कि उन्हें एनडीए के उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही अपना नाम तय करना चाहिए।