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    Home » कबीनी वन्यजीव अभयारण्य: हाथियों के झुंड के संग वन्यजीव और प्रकृति का आनंद उठाने की जगह
    Tourism

    कबीनी वन्यजीव अभयारण्य: हाथियों के झुंड के संग वन्यजीव और प्रकृति का आनंद उठाने की जगह

    Janta YojanaBy Janta YojanaAugust 24, 2025No Comments4 Mins Read
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    Kabini Wildlife Sanctuary (Image Credit-Social Media)

    Kabini Wildlife Sanctuary

    Kabini Wildlife Sanctuary: देश के सबसे बेहतर अभयारण्यों में से एक कर्नाटक राज्य में स्थित यह प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य काबिनी नदी के किनारे हाथियों के लिए मशहूर है। इस वन्य जीव अभयारण्य की गणना भारत के मशहूर अभयारण्यों में की जाती है। कबीनी अपने हाथियों के लिए पूरे एशिया में मशहूर है। यहां हाथियों को एक साथ झुंड में देख सकते हैं। इसलिए इस जगह को ‘हाथियों का घर’ के नाम से भी जाना जाता है। हाथियों के अतिरिक्त यहां तेंदुए, चीतल, सांभर, बाघ, मगरमच्छ, भालू जैसे अन्य पशुओं और कई पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती हैं।

    पक्षीविज्ञानी और प्रकृति प्रेमियों के लिए कबीनी स्वर्ग के समान है। दरअसल कबीनी नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का एक हिस्सा है। यहां पर्यटकों को जंगल के अंदर रोमांच के साथ शांत सुकून वातावरण का एहसास होता है। इस अभयारण्य में सागवान, शीशम और चंदन जैसी कई पेड़ों की प्रजातियां देखने को मिल सकती हैं।कबीनी वन्यजीव अभयारण्य की एक और विशेषता यहां के सरीसृप हैं जिनमें मगरमच्छ और विभिन्न प्रकार के सांपों के प्रजाति शामिल हैं।

    कबीनी अभयारण्य आजादी से पूर्व मैसूर के राजाओं के शिकार के लिए मशहूर था, लेकिन आजादी के बाद शिकार पर पाबंदी लगने के बाद यह स्थान हाथियों का रिजर्व क्षेत्र घोषित हो गया। इस जगह हाथी सफारी के अलावा जीप और नाव सफारी का भी आनंद ले सकते हैं।

    हाथी सफारी:

    हाथी की सवारी कर जंगल सफारी का आनंद लेना प्रकृति प्रेमियों को एक अलग एहसास देता है। हाथियों के ऊंची पीठ पर बैठकर उनके मस्त चाल के साथ जंगल के जीव जंतुओं और प्राकृतिक दृश्यों का लुत्फ़ जिंदगी में यादगार पल बनाता है।

    जीप सफारी :

     जीप सफारी में आपको दोस्तों या परिवार के संग एक साथ बैठकर जंगल के अंदर पेड़ पौधों के बीच जानवरों को करीब से देखने का मौका मिलता है। अभयारण्य के बीच तालाब, पहाड़ , बांस के पेड़ों के जंगल सैलानियों को आकर्षित करते हैं।

    नौका विहार :

    अभयारण्य के भीतर मौजूद तालाब में पर्यटक नौका विहार का आनंद ले सकते हैं। इस दौरान तालाब के किनारे घूमते, नहाते और पानी पीते पशु पक्षियों के झुंड आपके इस नौका विहार का आनंद और बढ़ा देते हैं।

    कबीनी के आसपास और भी कई देखने लायक जगह है जिसका आप लुत्फ़ उठा सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान, ब्रह्मगिरी अभयारण्य, इर्पू झरना इत्यादि।

    कैसे पहुंचें

    हवाई मार्ग से यहां पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट बैंगलोर है। यहां से करीब 205 किमी की दूरी पर यह अभयारण्य स्थित है। हवाई अड्डे से बस या टैक्सी के जरिए कबीनी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अभयारण्य से 80 किमी की दूरी पर स्थित निकटतम मैसूर हवाई अड्डा है। जिसे मंडकली हवाई अड्डा भी कहा जाता है । यह भी पर्यटकों के लिए एक विकल्प है।

    रेल मार्ग से यहां पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन मैसूर है। बैंगलोर पहुंच कर मैसूर तक इंटरसिटी एक्सप्रेस ले सकते हैं। बस या टैक्सी के माध्यम से यहां पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा निकटतम स्टेशन नंजनगुड है, जहां से कबीनी करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह स्टेशन कर्नाटक के कई शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

    सड़क मार्ग से कबीनी पहुंचना आसान है। बैंगलोर मैसूर एक्सप्रेस वे पर ड्राइव का आनंद ले सकते हैं। हर दिन कर्नाटक राज्य परिवहन की बसें बैंगलोर से कबीनी के लिए रवाना होती हैं और इसके अलावा टैक्सी के जरिए भी आप यहां पहुंच सकते हैं। जंगल में प्रवेश करते ही आप हिरणों के झुंड देख सकते हैं।

    घूमने का सबसे अच्छा समय :

    कबीनी घूमने के लिए अक्टूबर से जून तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

    इस दौरान मानसून का महीना जाने की कगार पर रहता है।सर्दियों के महीने शुरू होने को होते हैं। इस दौरान मौसम सुहावना और वन्यजीवों को देखने के लिए अनुकूल होने के कारण सैलानी भरपूर आनंद ले सकते हैं।

    यहां ठहरने के लिए कई रिसोर्ट, गेस्ट हाउस आपको ऑनलाइन बुकिंग में मिल जाएंगे। तो देर किस बात की अब छुट्टियों और त्योहारों के दिन आने वाले हैं, अपना प्लान बनाकर इसका आनंद जरूर उठाएं।

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