
Krishi Bhavan Demolition (Image Credit-Social Media)
Krishi Bhavan Demolition
Krishi Bhavan Demolition: केंद्र सरकार के महत्त्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत राजधानी दिल्ली स्थित शास्त्री भवन और कृषि भवन को जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने इन दोनों पुरानी सरकारी इमारतों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत नए मॉडर्न भवनों का निर्माण किया जाएगा। शास्त्री भवन और कृषि भवन में कई केंद्रीय मंत्रालय और विभाग स्थित हैं, जिन्हें अस्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
हालांकि, इस फैसले को लेकर कुछ संगठनों और नागरिक समूहों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि ये इमारतें ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व रखती हैं, और इनके संरक्षण पर भी विचार किया जाना चाहिए था। दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों और जर्जर हो चुकी संरचनाओं को देखते हुए पुनर्विकास आवश्यक है।
गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत इससे पहले भी कई पुराने सरकारी भवनों को हटाकर नए निर्माण किए जा चुके हैं, और आने वाले वर्षों में यह इलाका देश की प्रशासनिक राजधानी के रूप में एक नए स्वरूप में नजर आएगा।
नई इमारतों को लगभग 22 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, और ये लगभग 2027 तक तैयार होने की संभावना है। इस काम पर 3000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नई इमारतों की खासियत
नए भवनों में स्मार्ट आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर, बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया, स्वास्थ्य सुविधाएँ, योग और वेलनेस रूम आदि शामिल होंगे। इसके अलावा ईवी चार्जिंग स्टेशनों, बेहतर वेंटिलेशन और ऊर्जा प्रबंधन के साथ इको फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा।
इन नए सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवनों में कई प्रमुख मंत्रालयों और विभागों को अलग-अलग मंजिलों पर स्थान आवंटित किया जाएगा। इनमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि सभी मंत्रालयों का एक ही परिसर में होना आपसी समन्वय को बेहतर बनाएगा और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएगा।


