
South Korea fertility rate (Image Credit-Social Media)
South Korea fertility rate
South Korea Birth Rate Increase: दक्षिण कोरिया में बीते 15 सालों में शिशुओं की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है, जो साल 2020 में कोविड के बाद से बहुत ज्यादा है।
सरकारी आंकड़ों की मानें तो 2025 में जन्म लेने वाले शिशुओं की संख्या में पिछले 15 वर्षों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई, जिससे देश की कुल प्रजनन दर चार वर्षों में पहली बार बढ़कर 0.8 हो गई।
आंकड़ों और सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल कुल 254,500 शिशुओं का जन्म हुआ, जो 2024 की तुलना में 6.8 प्रतिशत या 16,100 अधिक है। योनहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक, मंत्रालय अगस्त में अंतिम आंकड़े जारी करेगा। माना यह भी जा रहा है कि साल 2010 के बाद शिशुओं की संख्या में दूसरी बार बढ़ोत्तरी देखी गई है। पहले साल 2010 में वृद्धि दर्ज की गई थी और 2025 में संख्या में बड़ा उछाल आया है।
देश की कुल प्रजनन दर इस बार 0.8 रही, जोकि पिछले साल की तुलना में 0.05 अधिक है। माना जा रहा है कि ये कुल प्रजनन दर में बढ़ोत्तरी की सीमा बीते चार वर्षो में ज्यादा बढ़ी है। मंत्रालय ने नवजात शिशुओं की संख्या में इस उछाल का कारण विवाहों में वृद्धि और 2021 से 30 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं की आबादी में निरंतर वृद्धि को बताया है, जो कि बच्चे पैदा करने की प्रमुख आयु वर्ग है।
मंत्रालय की तरह से कहा गया कि “कोविड-19 महामारी के कारण अपनी शादी टालने वाले जोड़ों के विवाह संपन्न होने से अप्रैल 2024 से पिछले वर्ष दिसंबर तक लगातार 21 महीनों तक विवाहों की संख्या में वृद्धि हुई। विवाह की संख्या के साथ बच्चों के जन्म की दर भी प्रभावित हुई है।
सरकारी अधिकारी पार्क ने यह भी कहा कि संतानोत्पत्ति के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में उल्लेखनीय बदलाव आया है। मंत्रालय के 2024 के नवीनतम द्विवार्षिक सर्वेक्षण में दो साल पहले की तुलना में विवाह के बाद संतानोत्पत्ति की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने आगे कहा कि विवाह से बाहर संतानोत्पत्ति के लिए इच्छुक लोगों का अनुपात भी बढ़ा है।
सरकारी विभाग को उम्मीद है कि यह आंकड़ा इस वर्ष 0.8 के स्तर से ऊपर रहेगा और 2031 में बढ़कर 1 तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा, आंकड़ों से यह भी पता चला कि 2025 में मृत्यु दर में वार्षिक आधार पर 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 363,400 तक पहुंच गई, जिसके परिणामस्वरूप जनसंख्या में 110,000 की प्राकृतिक गिरावट आई।


