
UP New BJP President: उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, और उत्तर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी शामिल रहे। सूत्रों के अनुसार यह बैठक प्रदेश नेतृत्व में बदलाव को लेकर गंभीर विमर्श के लिए बुलाई गई है। नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है और इसकी आधिकारिक घोषणा कभी भी की जा सकती है।
क्यों हो रहा है नेतृत्व परिवर्तन?
2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को उत्तर प्रदेश में अपेक्षा से कम सीटें मिलने के बाद संगठनात्मक स्तर पर आत्ममंथन चल रहा है। पार्टी के रणनीतिकार अब 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के आम चुनाव की दृष्टि से संगठन को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व में बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य हैंं। जैसे युवाओं और पिछड़े वर्गों के बीच पकड़ को और मजबूत करना तथा जमीनी कार्यकर्ताओं को नए उत्साह के साथ संगठित करना।
कौन हो सकता है नया अध्यक्ष?
हालांकि आधिकारिक रूप से किसी नाम की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के अंदरखाने में कुछ नाम तेजी से चर्चा में हैं। इनमें शामिल हैं:
स्वतंत्र देव सिंह (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष) – यदि दोबारा वापसी की रणनीति बनती है।
दिनेश शर्मा (पूर्व डिप्टी सीएम) – संगठन और सरकार दोनों का अनुभव।
लक्ष्मीकांत बाजपेयी – वरिष्ठ नेता, संगठन में अच्छी पकड़।
अनिल राजभर – ओबीसी चेहरा, पूर्व मंत्री।
अरविंद शर्मा – योगी के करीबी, प्रशासनिक अनुभव।
पार्टी फिलहाल ऐसे नेता की तलाश में है जो संगठनात्मक क्षमता, सामाजिक समीकरण और आगामी चुनावी रणनीति को संतुलित कर सके।
दिल्ली दरबार में मंथन
बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश, राज्य इकाई की रिपोर्ट और RSS की सिफारिशें सभी पर विचार किया गया। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि नया प्रदेश अध्यक्ष ऐसा चेहरा हो जो संघ के साथ समन्वय में रहकर, सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना सके।
आगामी दिनों में हो सकती है घोषणा
भाजपा के अंदर के सूत्रों की माने तो नाम लगभग तय हो चुका है। अब बस अंतिम स्वीकृति के बाद घोषणा होगी। यह अगले एक-दो दिनों में हो सकता है। इस घोषणा के साथ ही भाजपा उत्तर प्रदेश में अगले चरण की चुनावी तैयारी में जुट जाएगी। पंचायत चुनाव, निकाय चुनाव और 2027 का रोडमैप।
भाजपा का अगला कदम
उत्तर प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष न केवल संगठन का चेहरा होगा, बल्कि वह 2027 के चुनावी युद्ध में पार्टी का सेनापति भी होगा। ऐसे में नेतृत्व चयन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि रणनीतिक और सामाजिक संतुलन का भी मामला बन चुका है। अब सबकी निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं, जहां अगले अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगने ही वाली है।