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    Home » राजपालसिंह महेंद्रसिंह जाधव: एक किसान पुत्र से सांसद तक, पंचमहल की उम्मीद की नई आवाज़
    राजनीति

    राजपालसिंह महेंद्रसिंह जाधव: एक किसान पुत्र से सांसद तक, पंचमहल की उम्मीद की नई आवाज़

    Janta YojanaBy Janta YojanaJuly 10, 2025No Comments5 Mins Read
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    Rajpalsinh Mahendrasinh Jadhav (Image Credit-Social Media)

    Rajpalsinh Mahendrasinh Jadhav (Image Credit-Social Media)

    Rajpalsinh Mahendrasinh Jadhav: राजपालसिंह महेंद्रसिंह जाधव का राजनीतिक सफर उस उम्मीद और बदलाव की कहानी है, जो एक आम ग्रामीण व्यक्ति के सांसद बनने तक की यात्रा को दर्शाता है। गुजरात के पंचमहल जिले के कलोल से आने वाले इस नेता ने जमीन से जुड़कर राजनीति की बुनियाद रखी और 2024 में लोकसभा पहुंचकर अपने क्षेत्र की आवाज़ को संसद तक पहुंचाया। सादगी, सेवा और समर्पण की मिसाल बने राजपालसिंह जाधव आज जन-जन की आशा का चेहरा हैं। 9 जुलाई को इनके जन्म दिवस के अवसर पर आइए जानते हैं इनके राजनैतिक जीवन से जुड़ी उपलब्धियों और संघर्षों के बारे में –

    शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

    9 जुलाई 1982 को जन्मे राजपालसिंह महेंद्रसिंह जाधव गुजरात के पंचमहल जिले के कलोल गांव के निवासी हैं। उनका जन्म एक सामान्य कृषक परिवार में हुआ। जहां संसाधनों की कमी जरूर थी, लेकिन मूल्यों और संस्कारों की कोई कमी नहीं थी। उनके पिता महेंद्रसिंह जाधव खेती-किसानी से जुड़े रहे और बेटे को भी जमीन से जुड़ने की शिक्षा दी। वे बरैया क्षत्रिय समुदाय से हैं, जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में आता है।

    शिक्षा से लेकर समाजसेवा तक की सोच

    राजपालसिंह ने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय सरकारी स्कूल से पूरी की। उन्होंने कला संकाय में स्नातक तृतीय वर्ष तक अध्ययन किया। हालांकि वे अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए, परंतु जीवन के व्यवहारिक अनुभवों ने उन्हें समाज की गहराइयों को समझने वाला नेता बना दिया। उनकी सोच हमेशा शिक्षा और समाजसेवा के इर्द-गिर्द रही। विद्यार्थी जीवन से ही वे स्थानीय मुद्दों में रुचि लेने लगे थे।

     स्थानीय राजनीति में सशक्त उपस्थिति

    राजनीति में उनका प्रवेश किसी राजनीतिक वंश से नहीं, बल्कि समाज की जरूरतों से हुआ। वे दो बार जिला पंचायत सदस्य रहे और इस भूमिका में उन्होंने अपनी दूरदर्शिता और प्रशासनिक क्षमताओं का परिचय दिया। पंचमहल जिले में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई छोटे लेकिन महत्वपूर्ण विकास कार्यों को उन्होंने प्राथमिकता दी। यही कार्य उन्हें धीरे-धीरे जनता के दिल में जगह दिलाने लगे।

    भारतीय जनता पार्टी से मजबूत नाता

    राजपालसिंह का राजनीतिक सफर भाजपा की विचारधारा से गहराई से जुड़ा रहा। उन्होंने पार्टी के साथ एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में लंबा सफर तय किया। पार्टी के प्रति निष्ठा, संगठनात्मक कार्यों में भागीदारी और जनसंवाद की उनकी कुशलता ने उन्हें पंचमहल से लोकसभा उम्मीदवार बनाने की नींव रखी। पार्टी ने उनकी ज़मीनी लोकप्रियता और निष्कलंक छवि को देखते हुए 2024 के चुनाव में उन्हें लोकसभा का टिकट दिया।

     2024 लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत

    2024 में जब वे भाजपा प्रत्याशी के रूप में पंचमहल सीट से मैदान में उतरे, तो उनके सामने कई राजनीतिक चुनौतियां थीं। लेकिन जनता के विश्वास, संगठन के समर्थन और उनकी खुद की मेहनत ने वह कर दिखाया जो विरोधियों की सोच से बाहर था। उन्होंने चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 1,87,000 से अधिक मतों से हराया। यह जीत सिर्फ संख्या की नहीं, एक सोच और भरोसे की जीत थी, जिसमें जनता ने अपना नेता खुद चुना।

     सांसद के रूप में प्रभावी उपस्थिति

    सांसद बनने के बाद उन्होंने सिर्फ दिल्ली जाकर भाषण देने तक सीमित न रहकर क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी। वे विभिन्न संसदीय समितियों का हिस्सा बने, जिनमें ग्रामीण विकास, कृषि और सामाजिक न्याय से जुड़ी समितियां प्रमुख हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं और किसानों के हितों को संसद में मजबूती से रखा। कलोल और आस-पास के गांवों के लिए सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, जलापूर्ति, रेलवे कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर उन्होंने कई प्रस्ताव दिए और केंद्रीय मंत्रालयों से फंड भी मंजूर कराए।

    सामाजिक सरोकारों में गहरी भागीदारी

    राजपालसिंह जाधव केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में शिक्षा के लिए साइकिल योजना, ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं, नशामुक्ति अभियान, महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र जैसी कई पहल की हैं। गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाना और हर सप्ताह ‘जनता दरबार’ लगाना उनकी नियमित दिनचर्या में शामिल है। वे युवाओं को राजनीति में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

    आमजन में लोकप्रियता और भरोसा

    उनकी सबसे बड़ी ताकत है जनता से उनका सीधा संवाद। वे नेता कम, जनप्रतिनिधि ज्यादा हैं। उनके व्यवहार में विनम्रता और काम में पारदर्शिता ने उन्हें हर वर्ग का चहेता बना दिया है। चाहे ग्रामीण महिलाएं हों, युवा किसान हों या बुजुर्ग सभी उन्हें अपना नेता मानते हैं। क्योंकि वे सिर्फ चुनावी मौसम में नहीं, हर जरूरत के समय क्षेत्र में मौजूद रहते हैं।

     भविष्य की योजनाएं और दृष्टिकोण

    राजपालसिंह पंचमहल को एक आदर्श संसदीय क्षेत्र बनाने का सपना रखते हैं। वे युवाओं के लिए टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर, महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाना और किसानों के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों की सुविधा लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। कलोल में एक मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना और मॉडल स्कूल निर्माण की योजना पर भी वे सक्रियता से प्रयास कर रहे हैं। उनका लक्ष्य पंचमहल को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

    जनता की सेवा ही लक्ष्य

    राजपालसिंह महेंद्रसिंह जाधव की जीवन-यात्रा बताती है कि, बिना किसी राजनीतिक विरासत के भी यदि सेवा भावना, मेहनत और सच्ची नीयत हो, तो राजनीति में विश्वसनीय स्थान बनाया जा सकता है। एक किसान परिवार से निकलकर सांसद बनने तक का उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है जो राजनीति को बदलाव का माध्यम बनाना चाहते हैं।

    वर्तमान में वे पंचमहल से लोकसभा सांसद के रूप में कार्यरत हैं और जनता के हर विश्वास पर खरा उतरने के लिए समर्पित भाव से प्रयासरत हैं। उनका अब तक का कार्यकाल दर्शाता है कि राजनीति अगर जनसेवा से जुड़ी हो, तो वह विकास की सबसे सशक्त शक्ति बन सकती है।

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