
Lucknow News
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Lucknow News: राजनीति की चौसर पर चालें कब कैसी पलट जाएँ, कोई ज्योतिषी भी ठीक से न बता पाए। समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल ने सियासी रंगमंच पर ऐसा मोर्चा खोला है कि विरोधियों की भौंहें तन गई हैं और अपनों की नींद उड़ गई है। पार्टी से निष्कासन के ताज़ा थपेड़े के बीच उन्होंने तिरंगे के साये में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जयकार करती तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर दी। अब इसे ‘राष्ट्रभक्ति’ कहें या ‘राजनीतिक रणनीति’। यह तय करना जनता पर छोड़ दिया जाए। फिलहाल, सपा की चाय में तूफ़ान आया हुआ है और बीजेपी की रसोई में पकवान की खुशबू तेज हो गई है।
सीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रकट किया ‘विजन-2047’ का विचार
दरअसल, 15 अगस्त 2025 को पूरे देश में 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। वहीं, राजधानी लखनऊ में स्थित अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस सुनहरे मौके पर उन्होंने राज्य के निरंतर विकास, सुशासन और ‘विजन-2047’ पर अपने विचार प्रकट किये।
पूजा पाल ने सोशल मीडिया पर साझा किये सीएम योगी की तस्वीर

वहीं, इस कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीर और जानकारी विधायक पूजा पाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “आदरणीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ध्वजारोहण किया।” अब इस पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल सरगर्मियां तेज़ हो गयी हैं, क्योंकि बीते दिन यानी 14 अगस्त को समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था। पार्टी की तरफ से उनके खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से भटककर बयान देने के आरोप लगाए गए थे।
गौरतलब है कि सपा पार्टी से निष्कासित होने के बाद पूजा पाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर सवाल खड़े किये थे और सीएम योगी की खुलेआम तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा था कि सीएम योगी का विकास और कानून-व्यवस्था पर फोकस वाकई तारीफ के लायक है।
पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में छिड़ी बहस
अब उनके सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वह भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ कर सकती हैं। हालांकि, इस पर न तो पूजा पाल और न ही बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है। सोशल मीडिया पर पूजा पाल के इस पोस्ट को लेकर समर्थकों और विपक्षियों में बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे उनके साहसिक फैसला बता रहे हैं तो कुछ इसे अवसरवाद बताकर आलोचना कर रहे हैं।
पूजा पाल ने निष्कासन से क्या होगा आगे का परिणाम?
इसी कड़ी में राजनीतिक हलकों में यह भी मुद्दा बना हुआ है कि पूजा पाल का निष्कासन सपा के अंदर गहराते अंतर्विरोध और रणनीतिक बदलाव का परिणाम है। वहीं, उनकी भारतीय जनता पार्टी के प्रति बढ़ती नजदीकियां समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकती हैं, विशेषकर आने वाले विधानसभा चुनाव के संदर्भ में।
अब आने वाले कुछ दिनों पता चल जाएगा कि पूजा पाल का अगला कदम क्या होने वाला है — क्या वह स्वतंत्र रूप से राजनीति करेंगी या किसी नए दल में शामिल होंगी। फिलहाल, सपा से बाहर होने के बाद उनका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ध्वजारोहण का सोशल मीडिया पर पोस्ट करना उनके राजनीतिक भविष्य के नए संकेत दे रहा है।