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    Tourism

    सिर्फ घूमने नहीं! अब ‘सोने’ के लिए भी निकले लोग, जानिए क्या है स्लीपिंग टूरिज्म और भारत में इसके टॉप डेस्टिनेशन

    Janta YojanaBy Janta YojanaMay 15, 2025No Comments5 Mins Read
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    What is Sleeping Tourism (Photo – Social Media)

    What is Sleeping Tourism (Photo – Social Media)

    Sleeping Tourism: थकान, तनाव और भागदौड़ भरी ज़िंदगी से ब्रेक लेना अब सिर्फ यात्रा या घूमने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब लोग एक सुकून भरी ‘नींद’ के लिए भी हॉलीडे प्लान करने लगे हैं। यही वजह है कि आजकल स्लीपिंग टूरिज्म यानी ‘नींद के लिए यात्रा’ एक नया ट्रेंड बनकर तेजी से पॉपुलर हो रहा है, जो खासकर शहरों में रहने वाले कामकाजी और मानसिक थकान झेल रहे लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहा है।

    क्या है स्लीपिंग टूरिज्म

    स्लीपिंग टूरिज्म का मतलब है ऐसी जगहों की यात्रा करना जहां पर्यटक का उद्देश्य प्राकृतिक माहौल में सुकून से रहना और भरपूर नींद लेना होता है, न कि दर्शनीय स्थलों की दौड़ में खुद को थकाना। इस ट्रेंड में पर्यटक कम से कम डिजिटल डिस्टर्बेंस, प्रदूषण और शोर से दूर रहते हैं, ताकि वे मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा पुनः प्राप्त कर सकें। यह टूरिज्म ट्रेंड खासकर उन लोगों के बीच तेजी से बढ़ रहा है जो महानगरों में रहते हैं और नींद की समस्याओं, तनाव और बर्नआउट से जूझ रहे हैं। स्लीपिंग टूरिज्म की लोकप्रियता के पीछे कई ऐसी वजहें हैं, जिस कारण ये ट्यूरिज्म लोगों को काफी लुभा रहा है। आइए जानते हैं उन खास वजहों के बारे में

    मेंटल हेल्थ अवेयरनेस 

    आज के व्यस्तता भरे दौर में लोग अपनी मानसिक सेहत को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं। इसी कारण वे खुद को मेंटली और फिजिकली रिचार्ज करने के लिए लोग ऐसी छुट्टियों की तलाश में रहते हैं जो उन्हें अंदर से सुकून दें।

    वर्क प्रेशर की थकावट

    कोविड के बाद काम का दबाव बढ़ने से वर्क कल्चर ने लोगों की नींद पर बुरा असर डाला। अब लोग चाहते हैं कि वे कुछ समय सिर्फ सोकर बिताएं और वो भी किसी खूबसूरत प्राकृतिक जगह पर।

    डिजिटल डिटॉक्स

    मोबाइल और इंटरनेट से भरी ज़िंदगी से कुछ समय के लिए ब्रेक लेना स्लीपिंग टूरिज्म को जन्म देता है। जहां सिर्फ खुद के लिए सोचना और सुकून हासिल करना चाहिए।

    लाइफस्टाइल बीमारियां

    अनिद्रा, हाई बीपी, तनाव जैसी बीमारियों का इलाज भी अब चिकित्सा पद्वति में आराम और नींद से संभव माना जा रहा है।

    भारत में स्लीपिंग टूरिज्म के टॉप डेस्टिनेशन

    1. हिमाचल प्रदेश ‘स्लीपिंग स्टेट ऑफ इंडिया

    हिमाचल प्रदेश को अक्सर “स्लीपिंग स्टेट” कहा जाता है। यहाँ की ठंडी हवाएं, ऊंचे पहाड़, देवदार के जंगल और शांत घाटियां आपको गहरी नींद में ले जाने के लिए काफी हैं।

    डलहौजी

    यहां का मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य ही इतना सुकूनदायक है कि मन शांत हो जाता है।

    धर्मशाला

    तिब्बती संस्कृति और मठों से भरपूर यह स्थान मानसिक शांति के लिए आदर्श है।

    कसोल

    पार्वती वैली की गोद में बसा यह गांव नींद के लिए एक परफेक्ट लोकेशन है।

    स्पीति वैली

    दुनिया से कटा हुआ यह इलाका साइलेंस लवर्स और डिजिटल डिटॉक्स चाहने वालों के लिए जन्नत है।

    उत्तराखंड अध्यात्म और सुकून का मेल

    उत्तराखंड की पहाड़ियां और योग-ध्यान केंद्र स्लीपिंग टूरिज्म के लिहाज से बेमिसाल हैं।

    ऋषिकेश

    गंगा किनारे की शांति और ध्यान-योग की सुविधाएं नींद में सुधार लाने में मददगार हैं।

    औली

    बर्फ से ढकी वादियां और शांत वातावरण इसे एक परफेक्ट स्लो ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाते हैं।

    चोपता और चकराता

    ये ऑफबीट डेस्टिनेशन हैं जहां भीड़ नहीं होती, बस शांति और प्रकृति होती है।

    नैनीताल और मसूरी

    यहां बड़ी पहाड़ी सैरगाहें जो ‘व्यू’ के साथ सुकून भी देती हैं और एक प्यारी सी नींद के लिए भी उपयुक्त हैं। यहां की सैर के बाद पास ही स्थित होटल में आप एक रूम बुक करा कर स्लीपिंग टूरिज्म का लुत्फ उठा सकते हैं।

    केरल प्रकृति, आयुर्वेद और नींद का संगम 

    दक्षिण भारत का यह राज्य अपने शांत बैकवॉटर्स, आयुर्वेदिक रिजॉर्ट्स और हरियाली के लिए जाना जाता है। मुन्नार में चाय के बागानों के बीच ठंडी हवाएं और सुकून भरा सन्नाटा नींद के लिए एकदम सही माहौल यहां मिलता है। वहीं वायनाड के जंगलों और झरनों से घिरा यह इलाका न केवल शांत है, बल्कि यहां की हवा भी ताजगी से भरपूर है। केरल में थेक्कडी के हरे-भरे जंगल, हाथियों की आवाजें और असंख्य पंछियों की सुमधुर चहचहाहट और फूलों की खुशबुओं के साथ बहती मंदमंद ठंडी हवाओं के साथ सोना एक अनोखा और यादगार लम्हा साबित होता है। इसके अलावा कूर्ग (कर्नाटक) कॉफी की खुशबू में सुकून की नींद भी एक रोमांचक अनुभव प्रदान करती है। कूर्ग को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ कहा जाता है। यहां की कॉफी एस्टेट्स और घाटियों में बने होमस्टे स्लीपिंग टूरिज्म के लिए आदर्श हैं।

    स्लीपिंग टूरिज्म में क्या करें और क्या न करें

    स्लीपिंग टूरिज्म का सही तरीके से लाभ उठाने के लिए खासतौर से मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग सीमित करें। गहरी नींद के लिए नैचुरल थैरेपी (जैसे आयुर्वेदिक मसाज, ध्यान) अपनाएं। स्वस्थ खान-पान का पालन करें। बुकिंग करते समय ऐसी जगह चुनें जहां शांति और हरियाली हो। थोड़े समय के लिए मेडिटेशन या योग को दिनचर्या में शामिल करें।

    क्या न करें

    ट्रैवल शेड्यूल में बहुत ज्यादा एक्टिविटी न रखें। सोने के समय को किसी और चीज के लिए बलिदान न करें। बहुत ज्यादा सोशल मीडिया या स्क्रीन टाइम न लें। ओवर थिंकिंग से भी बचें।

    स्लीपिंग टूरिज्म का भविष्य

    विश्व स्तर पर होटल और रिजॉर्ट अब “स्लीप कैप्सूल”, “साउंड थेरेपी”, “स्लीप कॉकटेल” जैसी सुविधाएं दे रहे हैं। भारत में भी ऐसे रिसॉर्ट्स तेजी से बढ़ रहे हैं जो स्पेशल स्लीप पैकेज प्रदान कर रहे हैं। आने वाले समय में यह ट्रेंड न केवल पर्यटकों को राहत देगा, बल्कि टूरिज्म सेक्टर के लिए एक नया आयाम भी बनेगा। स्लीपिंग टूरिज्म सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि आज के तनावग्रस्त जीवन में एक जरूरत बन चुका है। जब लोग नींद की तलाश में पहाड़ों, घाटियों और जंगलों की ओर रुख करते हैं, तो यह साफ होता है कि अब यात्रा का मतलब केवल देखना नहीं, बल्कि ‘महसूस करना’ और ‘आराम करना’ भी है। भारत की खूबसूरत जगहें स्लीपिंग टूरिज्म के लिए एक स्वर्ग बन चुकी हैं आपको बस अपनी थकान लेकर वहां पहुंचना है, और लौटना है पूरी तरह तरोताजा होकर।

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