Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जानिए क्या है इंडिगो की “सेल इंटू 2026”, बेहद कम होगा किराया, बच्चों के लिए 1 रूपए का होगा सफर
    • एक बार बैठ गए तो उतरने का मन नहीं करेगा! सिलीगुड़ी की टॉय ट्रेन क्यों चर्चा में है?
    • Vijaygarh Fort History : क्या है सोनभद्र के इस क़िले की कहानी, जहाँ रहा करती थी चंद्रकांता
    • Uttar Pradesh Budget Travel: उत्तर प्रदेश की टॉप 5 बजट फ्रेंडली घूमने की जगह
    • जनवरी से फरवरी महीने में उत्तर प्रदेश की इन जगहों में करें भ्रमण, खास बनाइये अपना वीकेंड
    • खंडित हुए शिवलिंग, मिटाए गए निशान…लेकिन अडिग रहे महादेव, जानें कब-कब मुस्लिम शासकों ने तोड़ा सोमनाथ मंदिर?
    • UP Famous Temple: ये है आगरा का सबसे चमत्कारिक मंदिर, इसकी कहानी कर देगी आपको हैरान
    • Thailand Tourism: क्यों भारतियों को पसंद आ रहा थाईलैंड? बिना वीजा और पॉकेट फ्रेंडली हो रही यात्रा
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Bihar Famous Devi Mata Mandir: ये हैं बिहार में प्रसिद्ध और पवित्र सिद्ध देवी मंदिर, जहां नवरात्र पर होती है हर मुराद पूरी
    Tourism

    Bihar Famous Devi Mata Mandir: ये हैं बिहार में प्रसिद्ध और पवित्र सिद्ध देवी मंदिर, जहां नवरात्र पर होती है हर मुराद पूरी

    Janta YojanaBy Janta YojanaApril 5, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Bihar Famous Devi Mata Mandir

    Bihar Famous Devi Mata Mandir

    Bihar Famous Devi Mata Mandir: भारत में देवी की पूजा आदिकाल से होती आ रही है। शक्ति, भक्ति और श्रद्धा की परंपरा हमारे देश की आत्मा है। देवी दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती आदि अनेक रूपों में मां की आराधना होती है। इन्हीं में से एक पावन भूमि है बिहार, जहां देवी की पूजा बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ की जाती है। यहां शक्ति के प्रतीक इन देवी मंदिरों में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और मुंहमांगी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आइए, जानते हैं बिहार के कुछ प्रमुख और पवित्र देवी मंदिरों के बारे में विस्तार से-

    1. भारत का सबसे प्राचीन देवी मंदिर मुण्डेश्वरी देवी मंदिर (कैमूर, भभुआ)

    मुण्डेश्वरी देवी मंदिर बिहार के कैमूर जिले के भभुआ में स्थित है। इसे भारत का सबसे प्राचीन जीवित मंदिर माना जाता है। यह मंदिर 625 ईस्वी से भी पहले का है। इसकी मूर्तियां तथा स्थापत्य कला अत्यंत अद्भुत है।

    इस मंदिर में देवी दुर्गा के ‘मुण्डेश्वरी’ रूप की पूजा होती है, जो चार भुजाओं वाली हैं और सिंह पर सवार हैं। यहां से देवी के साथ भगवान शिव की भी पूजा होती है। नवरात्रि के समय यहां विशेष पूजा और भव्य मेले का आयोजन होता है। माना जाता है कि इस मंदिर में की गई पूजा विशेष फलदायी होती है और मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है।

    2. पटनेश्वरी देवी मंदिर (पटना सिटी)

    पटनेश्वरी मंदिर पटना सिटी (पुराने पटना) में स्थित है। यह माता दुर्गा के एक विशिष्ट रूप को समर्पित है। इस मंदिर को बहुत पुराना और ऐतिहासिक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पटना शहर का नाम भी पटनेश्वरी देवी के नाम पर पड़ा है। यहां की देवी को नगर की रक्षिका माना जाता है।

    विशेषकर दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय यहाँ भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में देवी की आरती, पुष्पांजलि और हवन अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

    3. मां काली मंदिर (दरभंगा)

    दरभंगा का काली मंदिर मिथिला क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर बिहार के प्रमुख तंत्र साधना स्थलों में से एक माना जाता है। यहां की देवी अत्यंत जाग्रत मानी जाती हैं। काली पूजा के समय इस मंदिर का वातावरण अत्यंत भक्ति से भर जाता है। श्रद्धालु यहां दीपदान, बलि और विशेष मंत्र जाप करते हैं।

    यह मंदिर एक विशाल परिसर में स्थित है और आसपास का वातावरण भी अत्यंत शांत और आध्यात्मिक होता है।

    4. मां छिन्नमस्तिका मंदिर (रामगढ़ – बिहार/झारखंड सीमा पर)

    यह मंदिर बिहार और झारखंड की सीमा पर स्थित है और देवी छिन्नमस्तिका को समर्पित है। छिन्नमस्तिका देवी तंत्र परंपरा की एक प्रमुख देवी हैं, जो आत्म-बलिदान और पराक्रम की प्रतीक मानी जाती हैं।

    यह मंदिर विशेष रूप से तांत्रिक साधकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां नवरात्रि में विशेष पूजा की जाती है और शक्तिपूजा के दौरान यह स्थान ऊर्जा से भर जाता है।

    5. मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर (बांका जिला)

    बांका जिले में स्थित यह मंदिर देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित है, जो सौंदर्य, शक्ति और ज्ञान की प्रतीक हैं। मंदिर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को चढ़ाई चढनी होती है, जो अपने आप में एक तीर्थ यात्रा का अनुभव देती है।

    यहां देवी के दर्शन मात्र से ही मन शांत हो जाता है। विशेषकर दुर्गा पूजा, नवरात्रि और चैती दुर्गा मेले के समय हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

    6. मां सती स्थान (सीतामढ़ी)

    सीतामढ़ी जिला, जिसे माता सीता की जन्मभूमि माना जाता है, यहां पर स्थित मां सती स्थान भी एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है। मान्यता है कि जब माता सती का शरीर जल रहा था, तो उनके अंग जहां – जहां गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई और यह मंदिर उन्हीं शक्तिपीठों में से एक है। यहां दर्शन करने वाले भक्तों को देवी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। यह मंदिर धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है और पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षक स्थान है।

    7. मां ज्वाला देवी मंदिर (कैमूर)

    कैमूर जिले में स्थित यह मंदिर देवी ज्वाला को समर्पित है। यहाँ देवी की प्रतिमा के समीप एक प्राकृतिक ज्योति जलती रहती है, जिसे चमत्कारी माना जाता है।

    इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ बलि नहीं दी जाती, बल्कि केवल फूल और नारियल चढ़ाए जाते हैं। नवरात्रि के समय यहां भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और देवी की आराधना करते हैं। यहां का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक होता है।

    8. मां वैष्णवी मंदिर (गया)

    गया, जो पितृपक्ष श्राद्ध के लिए प्रसिद्ध है, वहां देवी वैष्णवी का भी एक प्राचीन मंदिर स्थित है। यह मंदिर गया पर्वत की तलहटी में है और तीर्थयात्रियों के लिए विशेष महत्व रखता है।

    यहां पर देवी को विष्णु स्वरूप की बहन माना जाता है । वैष्णवी देवी की पूजा विशेष रूप से विवाह, संतान और स्वास्थ्य संबंधी कामनाओं के लिए की जाती है।

    बिहार में नवरात्रि की भव्यता और लोक आस्था

    बिहार में नवरात्रि के समय देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। हर गली, हर मोहल्ले में देवी दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर, और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहरों में भव्य दुर्गा पंडाल बनाए जाते हैं। भक्तगण उपवास, कीर्तन, हवन और जागरण कर मां की भक्ति में लीन रहते हैं। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में भी देवी की पूजा अत्यंत श्रद्धा से की जाती है। लोकगीत, सोहर, देवी जागरण और भजन की गूंज चारों ओर सुनाई देती है। महिलाएं देवी का ‘सोहारी’ गीत गाकर अपने घर-परिवार की मंगलकामना करती हैं।

    देवी मंदिरों का सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभाव

    बिहार के देवी मंदिर न केवल धार्मिक स्थल हैं बल्कि ये सामाजिक समरसता, नारी शक्ति और लोक परंपरा के प्रतीक भी हैं। इन मंदिरों में सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग एक साथ पूजा करते हैं, जिससे सामाजिक समरसता और एकता का संदेश मिलता है। बच्चियों का कन्या पूजन, महिलाएं द्वारा सामूहिक देवी पाठ और युवाओं द्वारा सेवा और सुरक्षा की भावना – यह सब मंदिरों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं।

    बिहार देवी भक्ति की उस धारा को दर्शाता है जहां श्रद्धा, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम होता है। यहां के देवी मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि ये आत्मिक शांति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक हैं। यदि आप कभी बिहार की यात्रा करें, तो इन देवी मंदिरों का दर्शन अवश्य करें। कहा जाता है कि “जो भक्त सच्चे मन से माता के इन मंदिरों में झोली फैलाकर जाता है, उसकी झोली कभी खाली नहीं लौटती।”

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleWaqf Bill 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया वक्फ विधेयक पर ऐसे रियेक्ट, पार्टी के मुस्लिम नेता दे रहे इस्तीफा?
    Next Article ‘एम्पुरान’ के निर्माता पर ईडी की कार्रवाई अभी क्यों, क्या गुजरात दंगे का जिक्र गुनाह
    Janta Yojana

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    Related Posts

    जानिए क्या है इंडिगो की “सेल इंटू 2026”, बेहद कम होगा किराया, बच्चों के लिए 1 रूपए का होगा सफर

    January 14, 2026

    एक बार बैठ गए तो उतरने का मन नहीं करेगा! सिलीगुड़ी की टॉय ट्रेन क्यों चर्चा में है?

    January 14, 2026

    Vijaygarh Fort History : क्या है सोनभद्र के इस क़िले की कहानी, जहाँ रहा करती थी चंद्रकांता

    January 14, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, IIM कोझिकोड ने घोषित किए CAT 2025 के नतीजे

    December 24, 2025

    मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में किया शिरकत, गरीब बच्चों की शिक्षा पहल की खुले दिल से प्रशंसा की

    November 1, 2025

    Doon Defence Dreamers ने मचाया धमाल, NDA-II 2025 में 710+ छात्रों की ऐतिहासिक सफलता से बनाया नया रिकॉर्ड

    October 6, 2025
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.