
Chandi Devi Temple Haridwar (Image Credit-Social Media)
Chandi Devi Temple Haridwar
Chandi Devi Temple Haridwar: उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में बना है चंडी देवी मंदिर जो नील पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर एक पूजनीय हिंदू तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है और इस मंदिर को दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक भी समझा जाता है। ये मंदिर भारत के आध्यात्मिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जहाँ हर साल श्रद्धालु देवी माँ का आशीर्वाद लेने आते हैं। ऐसी भी मानता है कि यहां पर भूत पिशाच भाग जाते हैं।
क्यों प्रसिद्ध है हरिद्वार का चंडी देवी मंदिर
इस मंदिर को लेकर एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है, ऐसा माना जाता है कि कई सालों पहले राक्षस राजा शुम्भ और निशुंभ ने देवराज इंद्र के राज्य पर कब्जा कर लिया था। जिसके बाद देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया गया। इस स्थिति से दुखी होकर देवताओं ने इस मुसीबत से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना की। उनकी प्रार्थनाओं के फल स्वरुप पार्वती माँ के गर्भ से एक देवी प्रकट हुई। जो अपनी असाधारण सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। सुंदरता के लिए प्रसिद्ध देवी ने शुम्भ का ध्यान आकर्षित किया और उनसे विवाह करना चाहा।
इस पर देवी ने शुम्भ के प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो उसने राक्षस सरदारों चंदा और मुंडा को देवी की हत्या करने के लिए भेजा। माँ चंडिका के क्रोध से प्रकट हुई देवी चामुंडा ने उन्हें पराजित कर दिया। इसके फलस्वरूप शुम्भ और निशुम्भ ने देवी चंडिका को मरने का प्रयास किया लेकिन अंत में देवी चंडिका को वह नहीं मार पाया और चंडिका देवी ने उसे मार दिया।
इस विजय के फल स्वरुप देवी चंडिका ने नील पर्वत पर कुछ समय विश्राम किया था। इसके बाद इस स्थान पर एक मंदिर स्थापित कर दिया गया। तब से इस पर्वत श्रृंखला की दो चोटियों को नाम दिया गया शुम्भ और निशुम्भ। मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक हिंदू मंदिर शैली को दर्शाती है। जिसमें बेहद खूबसूरत नक्काशी और शांत वातावरण आपको सुकून पहुंचाएगा। इस मंदिर में मुख्य देवी चंडी को उनके उग्र रूप में चर्चित प्रदर्शित किया गया है। उसके साथ-साथ मंदिर के आसपास की पहाड़ियों और गंगा नदी के मनमोहक दृश्य आपको काफी आकर्षित करेंगे।
नवरात्रि पर इस मंदिर में भक्तों की काफी भीड़ जमा होती है और सभी मां से आशीर्वाद पाने और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए यहां पहुंचते हैं अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो आपको बता दें कि आधार से लगभग 3 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ेगी इसके बाद या फिर आप केबिल कार की सवारी करके भी इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। जिसमें आपको आसपास के मनोरम दृश्य दिखाई देंगे। मंदिर की यात्रा को शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों ही तरह का अनुभव माना जाता है जो भक्तों की अनुभूति में वृद्धि करता है।
मां चंडी देवी मंदिर को विशेष स्थान भी प्राप्त है क्योंकि यह हरिद्वार के पंच तीर्थ में से एक माना गया है ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में देवी के दर्शन मात्र से ही आपके सभी पाप धुल जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।


