
Ekdala Village Mystery (Image Credit-Social Media)
Ekdala Village Mystery
भारत में कई ऐसे गांव और स्थान हैं, जिनका इतिहास रहस्यों से भरा हुआ है। इन्हीं में से एक है उत्तर प्रदेश का एकडला गांव, जिसे आज भी सम्राट अकबर के नवरत्न बीरबल के ननिहाल के रूप में जाना जाता है। इस गांव की पहचान केवल ऐतिहासिक किस्सों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की धरती से जुड़े खजाने, सिक्के और रहस्यमयी मान्यताएं लोगों को आज भी हैरान कर देती हैं।
कहां स्थित है एकडला गांव
एकडला गांव उत्तर प्रदेश के विजयपुर ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रशासनिक रूप से यह गांव किशनपुर के नाम से जाना जाता है। यह गांव यमुना नदी के तट के पास बसा हुआ है, जिसकी वजह से प्राचीन काल में इसे एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र माना जाता था।
एकडला नाम कैसे पड़ा
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, पुराने समय में यमुना नदी पार करने के लिए व्यापारियों को बरगद की एक मोटी डाल (डाली) का सहारा लेना पड़ता था। इसी “एक डाल” के कारण गांव का नाम धीरे-धीरे एकडला पड़ गया। कहा जाता है कि यहां बड़े व्यापारी आया-जाया करते थे और यह क्षेत्र व्यापार के लिहाज़ से काफी समृद्ध था।
बीरबल के ननिहाल से जुड़ा किस्सा
गांव से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कहानी बीरबल और अकबर से संबंधित है। मान्यता है कि एक बार बीरबल ने सम्राट अकबर से आग्रह किया कि वे उनके ननिहाल एकडला गांव चलें। अकबर ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।
जब गांव वालों को पता चला कि स्वयं सम्राट अकबर आने वाले हैं, तो उन्होंने यमुना नदी से गांव तक भव्य स्वागत मार्ग तैयार किया। गांव के लोगों की इस आत्मीयता और उत्साह से अकबर बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने गांव के एक क्षत्रिय परिवार को “रावत” की उपाधि प्रदान की। इतिहासकारों और ग्रामीणों के अनुसार, 16वीं शताब्दी में एकडला गांव में सात प्रकार के बाजार लगाया करते थे। यह क्षेत्र उस समय आर्थिक रूप से काफी समृद्ध था। हालांकि समय के साथ ये बाजार समाप्त हो गए, लेकिन गांव की ऐतिहासिक पहचान आज भी जीवित है।
धरती में छुपा खजाना?
एकडला गांव को लेकर सबसे बड़ा रहस्य यहां खजाने की मान्यता से जुड़ा है। गांव में कई प्राचीन मंदिर और मजारें स्थित हैं। लोगों का मानना है कि इन मंदिरों के नीचे आज भी सोने-चांदी का खजाना दबा हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, कई दशक पहले खेतों की जुताई के दौरान मिट्टी के घड़ों में रखे सोने-चांदी के सिक्के मिले थे। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने सिक्कों को कब्जे में लेकर पुरातत्व विभाग को सौंप दिया था। खजाने की चर्चाओं के चलते इस गांव में कई बार बंजारे, तांत्रिक और लुटेरे सक्रिय हो चुके हैं। कुछ साल पहले यमुना किनारे स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में खजाने की तलाश में अपराधियों ने करीब 12 फीट लंबी सुरंग तक खोद डाली थी, जिससे मंदिर को नुकसान भी पहुंचा।
अब भी बरकरार है रहस्य
हालांकि पुरातत्व विभाग की ओर से आज तक इस खजाने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन गांव के लोग आज भी मानते हैं कि एकडला की धरती में कोई बड़ा रहस्य और खजाना छिपा हुआ है। बीरबल के ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध यह गांव आज भी इतिहास, आस्था और रहस्य का अनोखा संगम बना हुआ है।


