
Restricted Entry Tourist Places in India
Restricted Entry Tourist Places in India: भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। हर साल लाखों विदेशी पर्यटक यहां घूमने आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे टूरिस्ट प्लेसेज भी हैं, जहां विदेशी नागरिकों को घूमने की इजाजत नहीं है या फिर बेहद सख्त नियमों के साथ सीमित प्रवेश मिलता है। इन जगहों पर प्रतिबंध की वजह पर्यटन नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, सामरिक महत्व और स्थानीय संवेदनशीलता है। उत्तराखंड का चकराता ऐसा ही एक प्रमुख उदाहरण है। आइए जानते हैं चकराता समेत भारत के उन टूरिस्ट स्पॉट्स के बारे में, जहां विदेशी नागरिकों की एंट्री पर रोक क्यों लगाई गई है।
चकराता – खूबसूरती के साथ हाई-सिक्योरिटी जोन
उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित चकराता एक शांत, ठंडा और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। समुद्र तल से करीब 7,000 फीट की ऊंचाई पर बसा यह इलाका घने देवदार के जंगलों, साफ हवा और सुकून भरे माहौल के लिए जाना जाता है। लेकिन चकराता एक सामान्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं है। यह भारतीय सेना के नियंत्रण वाला कैंटोनमेंट एरिया है। यही वजह है कि यहां विदेशी नागरिकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार, विदेशी पर्यटक केवल कालसी तक ही जा सकते हैं। चकराता में प्रवेश के लिए उन्हें विशेष सैन्य अनुमति की जरूरत होती है, जो आमतौर पर नहीं दी जाती।
विदेशी नागरिकों पर बैन क्यों?
चकराता को हाई-सिक्योरिटी जोन इसलिए माना जाता है क्योंकि यहां सेना की अहम यूनिट्स तैनात हैं। यह इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अनियंत्रित आवाजाही से संवेदनशील जानकारियों के लीक होने का खतरा रहता है। इसी कारण विदेशी नागरिकों की एंट्री पर सख्त रोक लगाई गई है।
हालांकि भारतीय नागरिकों को भी यहां घूमने के लिए पहचान पत्र दिखाना जरूरी होता है। कई जगहों पर चेक पोस्ट बने हुए हैं, जहां पुलिस और सेना द्वारा जांच की जाती है।
टाइगर फॉल्स, चकराता की जान
चकराता का सबसे मशहूर टूरिस्ट स्पॉट टाइगर फॉल्स है। करीब 50 मीटर ऊंचा यह झरना उत्तराखंड के सबसे ऊंचे और खूबसूरत झरनों में गिना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए हल्की ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जो एडवेंचर पसंद करने वालों को खूब पसंद आती है। देवदार के जंगलों के बीच बहता यह झरना पिकनिक, फोटोग्राफी और नेचर लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यही वजह है कि विदेशी प्रतिबंध के बावजूद चकराता भारतीय पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
नाथुला पास (सिक्किम)
चकराता के अलावा भारत में नाथुला पास भी ऐसा इलाका है, जहां विदेशी नागरिकों को बिना विशेष परमिट के जाने की अनुमति नहीं है। यह दर्रा भारत-चीन सीमा के बेहद करीब स्थित है और सामरिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। भारतीय नागरिकों को भी यहां जाने के लिए परमिट लेना पड़ता है।
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड (अंडमान)
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर तो न सिर्फ विदेशी बल्कि भारतीय नागरिकों की एंट्री भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां सेंटिनलीज जनजाति रहती है, जो बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग है। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस द्वीप पर किसी भी तरह के प्रवेश पर बैन लगा रखा है।
अरुणाचल प्रदेश के कुछ बॉर्डर एरिया
अरुणाचल प्रदेश के कई सीमावर्ती इलाकों में विदेशी नागरिकों के लिए Restricted Area Permit (RAP) अनिवार्य है। कुछ क्षेत्रों में तो बिना विशेष अनुमति प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। इसका कारण भी सीमा सुरक्षा और संवेदनशील भौगोलिक स्थिति है।
यहां कम भीड़, भरपूर सुकून
चकराता जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां भारी भीड़-भाड़ नहीं होती। विदेशी पर्यटकों पर प्रतिबंध होने के कारण यहां का प्राकृतिक सौंदर्य काफी हद तक सुरक्षित और अनछुआ बना हुआ है। ट्रैवलर्स का मानना है कि देहरादून और ऋषिकेश के पास स्थित यह एक परफेक्ट हिल स्टेशन है, जहां शांति और प्रकृति दोनों का आनंद लिया जा सकता है।
घूमने से पहले रखें ये बातें ध्यान में
अगर आप चकराता घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। वैध पहचान पत्र जरूर रखें, सेना और स्थानीय प्रशासन के नियमों का पालन करें, फोटोग्राफी से पहले प्रतिबंधित क्षेत्रों की जानकारी लें, साफ-सफाई और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें। विदेशी बैन के बावजूद यह हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडे मौसम और शांत माहौल के कारण भारतीय पर्यटकों के दिलों में खास जगह बना चुका है। अगर आप भीड़ से दूर सुकून भरी यात्रा चाहते हैं, तो चकराता आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। टूरिस्ट स्थलों से जुड़े नियम, प्रतिबंध और प्रवेश शर्तें समय-समय पर प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बदली जा सकती हैं। यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित राज्य पर्यटन विभाग या स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।


