
Nawabon Ki Nagri (Image Credit-Social Media)
Nawabon Ki Nagri
Nawabon Ki Nagri Shahjahanpur: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को नवाबों का शहर कहा जाता है यह तो हम सब जानते हैं लेकिन एक ऐसा शहर भी है जिसे नवाबों की नगरी का नाम दिया गया है। इसके पीछे का किस्सा काफी दिलचस्प है। आइये जानते हैं कौन सा है यह शहर और आखिर क्यों कहा जाता है इसे नवाबों की नगरी।
नवाबों की नगरी के नाम से मशहूर ये शहर
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का जलालनगर मोहल्ला एक ऐसा स्थान है जो नवाबों और स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों का गवाह रहा है। आज भी यहां की गलियां बाजार और ऐतिहासिक स्मारक शहर को एक अलग पहचान देते हैं। जिसकी वजह से इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व काफी बढ़ जाता है।
शाहजहांपुर मुगल काल के समय नवाबों की नगरी कहा जाता था इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों की जन्मस्थली भी कहा जाता है। शाहजहांपुर जिला अपनी वीरता और ऐतिहासिक विरासत के लिए काफी लोकप्रिय है। यहां की प्राचीनता और खास बनावट लोगों को काफी आकर्षित करती है। जलालनगर का इतिहास काफी दिलचस्प है कहते हैं कि यहां का इतिहास एक महत्वपूर्ण स्मारक केंद्र के रूप में लोगों के बीच जाना जाता है। आज भी इस मोहल्ले की गालियां और यहां स्थित ऐतिहासिक स्मारक गौरवशाली इतिहास को बयां करते हैं।
इतिहासकारों का मानना है कि जलालनगर मोहल्ले की स्थापना मुगल काल के पराक्रमी मनसबदार नवाब दिलेर खान द्वारा की गई थी। जिनका वास्तविक नाम जलाल खान था और उनके नाम से यहां का नाम जलाल नगर रखा गया। दिलेर खान इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। उनकी पुरंदर की संधि और शिवाजी महाराज से जुड़े घटनाक्रम काफी लोकप्रिय हैं। जिसमें उनके योगदान और रसूख की वजह से तीन मुख्य क्षेत्रों को तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया था। जो आज भी शाहजहांपुर की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इतना ही नहीं जलाल नगर के लिए यह भी कहा जाता है कि यहां महान क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खान की मजार स्थित है। जिसकी वजह से देश प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी मायने रखता है और वो हर साल यहां श्रद्धा सुमन अर्पित करने आते हैं। वहीं धीरे-धीरे इस स्थान का व्यवसायिक महत्व भी काफी बढ़ गया है। यहां का मुख्य बाजार ‘बजरिया’ के नाम से प्रसिद्ध है जिसे शहर का सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध बाजार माना जाता है।


