
kashmir tourism 2026
Kashmir Tourism 2026: कश्मीर में ताज़ा और भारी बर्फबारी ने घाटी की खूबसूरती को एक बार फिर दुनिया के सामने ला खड़ा किया है। बर्फ से ढंकी पहाड़ियां, सफेद चादर ओढ़े मैदान और ठंडी हवाओं के बीच गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे टॉप विंटर डेस्टिनेशन सैलानियों से पूरी तरह भर चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि गुलमर्ग के होटल 100 फीसदी बुक हो गए हैं और किराये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। देश-विदेश से आए पर्यटक कश्मीर की बर्फ को ‘धरती का स्वर्ग’ बताते नहीं थक रहे।
बर्फबारी के बाद अचानक बढ़ी टूरिस्टों की भीड़
जनवरी के आखिरी दिनों में हुई ताज़ा बर्फबारी ने कश्मीर के पर्यटन सेक्टर में जान डाल दी है। खासकर गुलमर्ग, जो भारत का सबसे बड़ा स्कीइंग हब माना जाता है, पूरी तरह पैक है। होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे में एक भी कमरा खाली नहीं है। यही वजह है कि होटल किराये सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गए हैं। सोनमर्ग में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं, जहां होटल ऑक्यूपेंसी 70 फीसदी से ज्यादा दर्ज की गई है।
गुलमर्ग बना विंटर टूरिज्म का हॉटस्पॉट
गुलमर्ग की पहचान सिर्फ एक हिल स्टेशन के तौर पर नहीं, बल्कि इंटरनेशनल लेवल की स्कीइंग डेस्टिनेशन के रूप में है। यहां की प्राकृतिक ढलानें, गहरी बर्फ और आधुनिक गोंडोला राइड हर साल हजारों एडवेंचर लवर्स को आकर्षित करती हैं। इस बार भी बर्फबारी के बाद स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और स्नो ट्रेकिंग के शौकीनों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
सैलानियों की जुबानी कश्मीर की खूबसूरती
गुजरात से आई स्कीयर खुशबू, जो नियमित रूप से स्कीइंग के लिए अलग-अलग जगहों पर जाती हैं, कहती हैं कि उन्होंने कई देशों में स्की की है, लेकिन गुलमर्ग का अनुभव सबसे अलग है। उनके मुताबिक, “गुलमर्ग सिर्फ स्कीइंग के लिए नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी बेजोड़ है। यह सच में धरती का स्वर्ग है।”
वहीं पंजाब से आए एक ग्रुप ने गुलमर्ग में छह दिन तक स्कीइंग एडवेंचर का आनंद लेने के बाद दूसरे सैलानियों से भी यहां आने की अपील की। उनका कहना है कि बर्फ से ढंके पहाड़, खुला आसमान और यहां के लोगों की मेहमाननवाज़ी गुलमर्ग को खास बनाती है।
पहली बार आए टूरिस्ट भी हुए मंत्रमुग्ध
पहली बार कश्मीर आया एक परिवार ने अपने अनुभव को ‘अप्रत्याशित खुशी’ बताया। उन्होंने कहा कि स्कीइंग और गोंडोला राइड उनके लिए यादगार रही। यहां के लोग बेहद अच्छे हैं और मौसम का कोई मुकाबला नहीं है। बर्फ के बीच बिताया हर पल खास था।
गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी का दावा
गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) के सीईओ तारिक हुसैन ने बर्फबारी के बाद होटलों में 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि गुलमर्ग एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए विंटर थ्रिल्स का परफेक्ट डेस्टिनेशन है। साथ ही उन्होंने सैलानियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और केवल निर्धारित स्की ट्रैक का इस्तेमाल करने की अपील भी की।
सोनमर्ग में भी दिखा बर्फबारी का असर
सिर्फ गुलमर्ग ही नहीं, बल्कि सोनमर्ग में भी बर्फबारी के बाद टूरिस्टों की संख्या में तेज़ी आई है। 1 से 27 जनवरी के बीच सोनमर्ग में कुल 87,693 पर्यटक पहुंचे। इनमें 77,200 घरेलू सैलानी, 1,225 विदेशी पर्यटक और 9,268 स्थानीय लोग शामिल हैं। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि कश्मीर की बर्फ का आकर्षण देश ही नहीं, विदेशों तक फैला हुआ है।
सुविधाओं पर सवाल, प्रशासन से अपील
हालांकि टूरिस्टों की बढ़ती संख्या के बीच कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं। बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती से सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। होटल और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने प्रशासन से अपील की है कि पर्यटन सीजन के दौरान बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं बिना रुकावट उपलब्ध कराई जाएं।
हिमस्खलन की चेतावनी, सुरक्षा सर्वोपरि
इस बीच अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात एक छोटा हिमस्खलन हुआ, जिसका असर बहुत सीमित रहा और किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन ने सैलानियों और स्थानीय लोगों को हिमस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
पर्यटन उद्योग को मिला बड़ा सहारा
कुल मिलाकर, ताज़ा बर्फबारी ने कश्मीर के पर्यटन उद्योग को बड़ी राहत दी है। होटल, टैक्सी, स्थानीय गाइड और छोटे कारोबारियों की आमदनी में इज़ाफा हुआ है। अगर मौसम अनुकूल रहा और सुविधाओं को बेहतर किया गया, तो आने वाले दिनों में कश्मीर एक बार फिर विंटर टूरिज्म का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है।
डिस्क्लेमर
यह आलेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों, प्रशासनिक बयानों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। मौसम, पर्यटन सुविधाएं और होटल किराए समय व परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन व संबंधित एजेंसियों की ताज़ा एडवाइजरी जरूर जांच लें।


