Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Sarus Crane Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बढ़ा सारसों का कुनबा, शीतकालीन गणना में रिकॉर्ड संख्या
    • Rampur Miraculous Well: जानिए क्या है 1000 साल पुराने रामपुर के इस कुएं का रहस्य
    • पहाड़, झील और समंदर के ऊपर उड़ान, दुनिया की सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग जगहें
    • भारत के टॉप 5 सबसे हॉन्टेड होटल्स, जहाँ एक रात गुज़ारना भी बन सकता है बेहद खतरनाक
    • एग्जाम सेंटर पर रही अनुपस्थित, फिर भी बनी राज्य टॉपर, अब मिली 5 साल जेल की सजा
    • Union Budget 2026: 50 पर्यटन स्थलों का कायाकल्प, छोटे शहरों को मिलेगा बड़ा बूस्ट
    • 800 साल पुराना रहस्य, साल भर बंद रहता है कपाट…फिर भी जलता मिलता है इस मंदिर का दीया, जानें चमत्कार
    • बर्फबारी देखने के लिए शिमला-मनाली नहीं, ये 7 ऑफबीट हिल स्टेशन हैं बेस्ट
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Sarus Crane Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बढ़ा सारसों का कुनबा, शीतकालीन गणना में रिकॉर्ड संख्या
    Tourism

    Sarus Crane Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बढ़ा सारसों का कुनबा, शीतकालीन गणना में रिकॉर्ड संख्या

    Janta YojanaBy Janta YojanaFebruary 4, 2026No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Sarus Crane Uttar Pradesh (Image Credit-Social Media)

    Sarus Crane Uttar Pradesh

    लखनऊ, 4 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण की दिशा में योगी सरकार के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। इसका असर राज्य पक्षी सारस की बढ़ती संख्या के रूप में सामने आया है। प्रदेश में कराई गई शीतकालीन राज्यव्यापी गणना में कुल 20,628 सारस दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।

    वन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष दो बार, ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन सारस की गणना कराई जाती है। इस वर्ष शीतकालीन गणना प्रदेश के 68 वन प्रभागों में की गई, जिसमें इटावा वन प्रभाग में सर्वाधिक 3,304 सारस पाए गए। प्रदेश के 10 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 500 से अधिक दर्ज की गई।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों का परिणाम है कि सारस की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ रही है। वर्ष 2023 में प्रदेश में 19,196 सारस मिले थे, जो 2024 में बढ़कर 19,994 हो गए। अब शीतकालीन गणना में यह संख्या 20,628 तक पहुंच गई है।

    शीतकालीन गणना के दौरान इटावा के बाद मैनपुरी में 2,899, औरैया में 1,283, शाहजहांपुर में 1,078, गोरखपुर में 950, कन्नौज में 826, कानपुर देहात में 777, हरदोई में 752, सिद्धार्थनगर में 736 और संतकबीर नगर में 701 सारस पाए गए।

    इसके अलावा 29 वन प्रभागों में सारसों की संख्या 100 से 500 के बीच रही, जबकि 29 वन प्रभागों में 100 से कम सारस दर्ज किए गए।

    शीतकालीन गणना कार्यक्रम में प्रदेश भर से लगभग 10 हजार नागरिकों ने सहभागिता की, जिससे जनसहभागिता के साथ संरक्षण अभियान को मजबूती मिली। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने बताया कि गणना से पूर्व वन विभाग द्वारा सारस बाहुल्य प्राकृतिक आवासों का सर्वे कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई थी।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वन विभाग वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसका सकारात्मक परिणाम सारसों की बढ़ती संख्या के रूप में सामने आ रहा है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleRampur Miraculous Well: जानिए क्या है 1000 साल पुराने रामपुर के इस कुएं का रहस्य
    Janta Yojana

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    Related Posts

    Rampur Miraculous Well: जानिए क्या है 1000 साल पुराने रामपुर के इस कुएं का रहस्य

    February 4, 2026

    पहाड़, झील और समंदर के ऊपर उड़ान, दुनिया की सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग जगहें

    February 3, 2026

    भारत के टॉप 5 सबसे हॉन्टेड होटल्स, जहाँ एक रात गुज़ारना भी बन सकता है बेहद खतरनाक

    February 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    एग्जाम सेंटर पर रही अनुपस्थित, फिर भी बनी राज्य टॉपर, अब मिली 5 साल जेल की सजा

    February 2, 2026

    लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, IIM कोझिकोड ने घोषित किए CAT 2025 के नतीजे

    December 24, 2025

    मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में किया शिरकत, गरीब बच्चों की शिक्षा पहल की खुले दिल से प्रशंसा की

    November 1, 2025
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.