
Holi 2026 (Image Credit-Social Media)
Holi 2026
Holi 2026: अगर आप इस होली पर मथुरा-वृन्दावन जाने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ख़ास ख्याल रखना होगा। ऐसे में आइये एक नज़र डालते हैं कुछ ख़ास बातों पर।
मथुरा-वृंदावन में होली (ब्रज होली) का अनुभव बेहद ख़ास होता है, वहीँ अगर आप इस होली पर यहाँ जाने का प्लान कर रहे हैं तो आपको कुछ बातों को जानने की ज़रूरत है। दरअसल इस समय यहाँ काफी भीड़ रहती है साथ ही यहाँ की अनोखी परम्पराएं भी हैं। यहाँ की होली के लिए आपको कुछ ख़ास तैयारियां पहले से करनी होंगीं जैसे आपको रंगों से बचने के लिए चश्मा पहनना होगा, पुराने कपड़े पहनें, मंदिर के दर्शन का समय (जैसे बांके बिहारी में सुबह जल्दी) पहले से पहुंच जाएं जिससे आपको अच्छे से दर्शन हो पायेंगें और याद रखें कि गोवर्धन पर्वत का पत्थर कभी साथ न लाएं।
होली पर मथुरा-वृंदावन जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें
सही हो आपका पहनावा: याद रखिये कि मथुरा में पक्के रंगों और टेसू के फूलों का उपयोग किया जाता है। जिसको छुटाने में आपके पसीने छूट जायेंगें। साथ ही साथ याद रखें कि आप अपनी आँखों का ख़ास ख्याल रखें जिसके लिए आप चश्में पहने। कोशिश करें कि होली पर पुराने व ढीले-ढाले कपड़े ही पहनें।
दर्शन का समय : होली के समय आपको यहाँ काफी ज़्यादा मात्रा में भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको मंदिर में सुबह जल्दी पहुंच जाना चाहिए। आपको बता दें कि बांके बिहारी मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर में होली का अलग की वातावरण देखने को मिलता है।
पहले से करा लें बुकिंग: होली के समय होटल और ट्रैन की बुकिंग में किसी तरह की समस्या न हो इसके लिए ज़रूरी है कि आप सभी बुकिंग पहले से करवा लें। भीड़ से बचने के लिए शहर के अंदर आप ऑटो या ई-रिक्शा का इस्तेमाल करें तो बेहतर होगा।
गोवर्धन पर्वत के करें दर्शन: मथुरा-वृन्दावन जाएं तो गोवर्धन पर्वत के दर्शन करना न भूलें ऐसे में आप 21 किलोमीटर की परिक्रमा भी कर सकते हैं। लेकिन याद रखिये कि आप वहां से कोई भी पत्थर या कंकड़ अपने साथ लेकर न जाएं क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।
विशेष है ब्रज की होली:बरसाना की लट्ठमार होली, नंदगांव की होली, और फूलों की होली का अनुभव आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। वहीँ वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर की होली देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। यहाँ आपको ख़ास तरह के व्यंजन भी मिलेंगें जैसे लस्सी, पेड़े और ठंडाई।


