
Shri Adi Varaha Temple (Image Credit-Social Media)
Shri Adi Varaha Temple
Shri Adi Varaha Temple: देश-दुनिया में नारायण के कई अद्भुत मंदिर हैं, जो खूबसूरत वास्तुकला के साथ ही भक्ति की कथा भी सुनाते हैं। कृष्णनगरी मथुरा में नारायण के वराह अवतार को समर्पित ऐसा ही एक शांत और भक्ति में डुबोने वाला मंदिर स्थित है, जिसकी स्थापना मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न ने की थी।
ब्रज क्षेत्र में स्थित श्री आदि वराह मंदिर का सीधा संबंध भगवान राम के छोटे भाई शत्रुघ्न से भी जुड़ा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, यह मंदिर भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह को समर्पित एक प्राचीन और पवित्र स्थल है, जो मथुरा की भक्ति परंपरा का प्रतीक है।
किंवदंतियों के अनुसार, सत्ययुग में ऋषि कपिल की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान आदि वराह ने उन्हें दर्शन दिए। बाद में यह पवित्र प्रतिमा स्वर्गलोक के राजा इन्द्र को मिली, जिनकी पूजा स्वर्ग में होती थी। कालांतर में रावण ने इन्द्र को हराकर प्रतिमा पर कब्जा कर लिया। भगवान राम रावण का वध कर प्रतिमा अयोध्या ले आए। इसके बाद श्री राम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने लवणासुर नामक राक्षस को पराजित कर इस पवित्र प्रतिमा को मथुरा लेकर आए और वहीं स्थापित किया, जहां आज श्री आदि वराह मंदिर खड़ा है। इस तरह शत्रुघ्न ने मंदिर की स्थापना की।
मंदिर भगवान विष्णु के वराह अवतार से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने धरती माता भूदेवी को राक्षस हिरण्याक्ष की कैद से मुक्त कराया था। यह अवतार शक्ति, रक्षा और अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। प्राचीन काल में आक्रमणों से मंदिर क्षतिग्रस्त हुआ था, लेकिन गुप्त काल और बाद में भगवान कृष्ण के वंशजों ने इसका पुनर्निर्माण करवाया।
20वीं सदी की शुरुआत में मंदिर की फिर से मरम्मत हुई, लेकिन इसकी आध्यात्मिक महत्ता सदियों पुरानी है। खास बात है कि मंदिर द्वारकाधीश मंदिर के ठीक पीछे स्थित है और दोनों के बीच लगभग 250 मीटर की दूरी है।
वराह मंदिर के क्षेत्र का वातावरण बेहद शांत और दिव्य है। धार्मिक मान्यता है कि मंदिर की 11 परिक्रमा करने से संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा का फल प्राप्त होता है। मंदिर सुबह 6 बजे खुलता है और शाम 8 बजे बंद होता है। यहां भोग आरती, शयन आरती और श्रृंगार आरती के लिए अलग-अलग समय निर्धारित हैं।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस मंदिर को राज्य तीर्थयात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए यातायात सुविधा की बात करें तो मंदिर मथुरा जंक्शन से मात्र 2 किमी और मथुरा बस स्टैंड से 1 किमी दूर है। दिल्ली से मथुरा तक सड़क मार्ग से लगभग 163 किमी (लगभग 3 घंटे) का सफर है।


