
Paris Travel Cost Increased From India 2026
Paris Travel Price Hike 2026: अगर आप हनीमून ट्रिप या समर डेस्टिनेशन के लिए पेरिस जाने का प्लान बना रहे हैं तो जरा संभल जाइए। क्योंकि अब पेरिस घूमबर का रोमांच पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है। एफिल टावर पर डिनर करना,लूव्र संग्रहालय (Louvre Museum) में मोनालिसा देखना या यूरोप के किसी अन्य आकर्षण का आनंद लेना भारतीय यात्रियों के लिए अब आसान नहीं रहा। जिसका कारण है ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष, जिसने यूरोप यात्रा के खर्च में अचानक वृद्धि कर दी है।
एसएनवीए ट्रैवलटेक (ट्रैवोमिंट) के मैनेजर राहुल चड्ढा के मुताबिक, पहले एक कपल के लिए 6 रातों का पेरिस ट्रिप, जिसमें Interlaken या Lucerne में 3 रातें और Mount Titlis व Jungfraujoch की यात्रा शामिल होती थी, लगभग ₹2.5 लाख से ₹3 लाख में पूरा हो जाता था। लेकिन अब यही ट्रिप ₹4.5 लाख से ₹5 लाख तक पहुंच गया है। यह महंगाई केवल कुछ हफ्तों में हुई है। ट्रैवल एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है और कुछ समय बाद कीमतें सामान्य हो सकती हैं।
यूरोप ट्रिप पर अमेरिका-इजरायल युद्ध का असर
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई ने भारतीय पर्यटकों के लिए यूरोप के सफर को महंगा कर दिया है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी एशिया के एयर कोरिडोर पर असर है। भारतीय यात्री आम तौर पर दुबई, दोहा या अबू धाबी जैसे हब से होकर यूरोप पहुंचते हैं। युद्ध के कारण इन मार्गों में बदलाव करना पड़ रहा है, जिससे उड़ान में लगने वाला समय और ईंधन की लागत बढ़ गई है।
TravClan के को-फाउंडर और सीईओ अरुण बगारिया कहते हैं कि, दिल्ली से पेरिस का हवाई किराया पहले ₹55,000 से ₹65,000 था, जो अब ₹70,000 ₹80,000 तक पहुंच गया है। ज्यूरिख की फ्लाइट ₹50,000 ₹60,000 से बढ़कर ₹65,000 से ₹80,000 हो गई है। कुछ डायरेक्ट फ्लाइट्स जैसे रोम, मिलान, ज्यूरिख और म्यूनिख का किराया अब प्रति व्यक्ति ₹1.5 लाख से ₹2 लाख तक हो गया है।
राहुल चड्ढा के अनुसार, पश्चिमी एशिया का एयर मार्ग भारत और यूरोप को जोड़ने वाला अहम ट्रांजिट हब है। युद्ध की वजह से एयरलाइंस को लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे उड़ान में समय बढ़ता है और ईंधन की लागत बढ़ने के कारण टिकट महंगे हो रहे हैं।
एयर टिकट के साथ पूरा पैकेज हुआ महंगा
महंगाई सिर्फ फ्लाइट तक सीमित नहीं है। पूरे ट्रैवल पैकेज की लागत बढ़ गई है। राहुल चड्ढा बताते हैं कि इटली में छह नाइट का एक बेसिक पैकेज, जिसमें रोम, मिलान और वेनिस के लिए फ्लाइट, होटल, यूरो रेल और बेसिक साइटसीइंग शामिल है, अब एक कपल के लिए लगभग ₹5 लाख का हो गया है। अरुण बगारिया का कहना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया के बजट-फ्रेंडली पैकेज भी महंगे हो रहे हैं। इसका कारण यह है कि यूरोप न जा पाने वाले यात्री दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वहां भी कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।
एफिल टावर डिनर और मोनालिसा देखने का चार्ज अब दोगुना
पेरिस में एफिल टावर पर डिनर करना या लूव्र संग्रहालय (Louvre Museum) में मोनालिसा देखना पहले से महंगा हो चुका था, लेकिन अब यह खर्च लगभग दोगुना हो गया है। रेस्तरां और टिकटों की कीमतों में वृद्धि मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा और ट्रैवल पैकेज महंगाई के कारण हुई है। एक कपल के लिए एफिल टावर पर डिनर पहले ₹15,000 से ₹20,000 में हो जाता था, अब यह ₹30,000 से ₹35,000 तक पहुंच गया है। Louvre Museum में मोनालिसा देखने का टिकट भी पहले ₹2,000 से ₹2,500 था, जो अब ₹4,000 से ₹5,000 तक हो गया है।
लक्ज़री विकल्प बन कर रह गई है यूरोप यात्रा
विशेषज्ञों का कहना है कि ⁶यूरोप यात्रा महंगी होने के कारण यह अब सिर्फ लक्ज़री विकल्प बन गई है। कम बजट वाले यात्रियों के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत और मध्य एशिया के देश अधिक आकर्षक विकल्प बन गए हैं। हालांकि, पैकेज की कीमतों में थोड़े समय बाद स्थिरता आने की संभावना है।
राहुल चड्ढा और अरुण बगारिया का अनुमान है कि युद्ध की वजह से अभी यह महंगाई थोड़े समय के लिए बनी रहेगी। जैसे ही एयर मार्ग सामान्य होंगे और हवाई किराया फिर से स्थिर होगा, यूरोप ट्रिप के खर्च में भी गिरावट संभव है।
हवाई मार्ग में बदलाव बना मूल्य वृद्धि की वजह
भारतीय यात्रियों के लिए यूरोप की यात्रा महंगी होने का मुख्य कारण एयरलाइंस का लंबा रास्ता अपनाना है। आम तौर पर भारतीय यात्री दुबई, दोहा या अबू धाबी से होकर यूरोप जाते हैं। युद्ध की वजह से इन हब से डायरेक्ट मार्ग उपलब्ध नहीं हैं, जिससे एयरलाइंस को लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इसका सीधा असर हवाई किराए और ट्रिप पैकेज पर पड़ता है।
ईरान-यूएस युद्ध के चलते भारतीय पर्यटकों के लिए पेरिस और यूरोप की यात्रा महंगी हो गई है। एयरलाइंस को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे हवाई किराया बढ़ गया है और पूरे ट्रैवल पैकेज की लागत भी दोगुनी हो गई है। एफिल टावर डिनर, मोनालिसा देखना और यूरोप के अन्य आकर्षण अब केवल महंगे ट्रिप पैकेज के साथ ही संभव हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह महंगाई स्थायी नहीं है और जैसे ही एयर मार्ग सामान्य होंगे, कीमतें घट सकती हैं।


