
Rahul Gandhi Supporter Ramya Career
Rahul Gandhi Supporter Ramya Career
Rahul Gandhi Supporter Ramya Career: सियासी मंच और फिल्मी परदे से उठकर न्याय की लड़ाई में उतरने वाली अभिनेत्री कांग्रेस नेता राम्या जिनका वास्तविक नाम दिव्या स्पंदना है, आज कल सोशल मीडिया का रोचक हिस्सा बनी हुईं हैं। इन्होंने हाल ही में एक बेहद भयावह अनुभव से जूझते हुए अपनी बात सोशल मीडिया पर साझा की है। जिसमें बताया कि उन्हें लगातार इस पब्लिक प्लेटफार्म पर बलात्कार और हत्या की धमकियां मिल रही हैं। राम्या के लिए यह एक ऐसा अनुभव है जिसने संघर्ष और लोकतांत्रिक आवाज के लिए हमेशा खड़ी रहने वाली उनकी निडर छवि को और भी मजबूत कर दिया है।
दिव्या स्पंदना को पूरे भारत में इनके स्क्रीन नाम राम्या से जाना जाता है। वह कन्नड़ सिनेमा में अपनी अभूतपूर्व सफलता से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहीं हैं। राजनीति में कदम रखते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम कर कर्नाटक की मांड्या लोकसभा क्षेत्र से संसद के रूप में जनता की सेवा की। लेकिन हालिया घटनाओं ने उनकी जिंदगी में राजनीति की चुनौतियां छंटते ही एक बार फिर दुखद और खौफनाक अनुभव ने चर्चा केंद्र में ला दिया है। जिस पूरे मामले में हत्या और रेप की धमकियों से लेकर अपराध की जांच चल रही है।
अभिनय से राजनीति तक का सफर
राम्या यानी दिव्या स्पंदना का जन्म 29 नवंबर 1982 को बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ था। उनके पालन पोषण में माता रंजीथा (कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ सदस्य) और पिता आर. टी.नारायण जो एक उद्योगपती थे उनकी मुख्य भूमिका रही है। यानी दिव्या स्पंदना को बचपन से ही पॉलिटिकल फील्ड के माहौल में रहने का अवसर मिला।
फिल्मी करियर
राम्या ने अपने फिल्मी करियर में लगातार कई हिट फिल्में देकर मजबूत पहचान बनाई। ‘अभी’ 2003 नाम की फिल्म से उन्होंने अभिनय की शुरुआत की बाद में उन्होंने ‘अमृतधारा’ 2005 और ‘तनानाम तनानाम’ 2006 में अपने अभिनय के लिए फिल्म फेयर और उदय पुरस्कार जीते। फिल्म ‘संजू वेड्स गीता’ 2011 में उन्हें कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। एक समय सैंडलवुड की गोल्डन गर्ल के रूप में उन्हें जाना जाता था।
राजनीतिक जीवन
2012 में राम्या ने भारतीय युवा कांग्रेस से जुड़ने का निर्णय लिया। 2013 में मांड्या क्षेत्र से लोकसभा सांसद बनी। लेकिन 2014 के बाद आम चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम का नेतृत्व संभाला। विशेष कर राहुल गांधी की डिजिटल छवि को सशक्त करने में भूमिका निभाई।
पिता की मृत्यु और राहुल गांधी का सहारा
मार्च 2023 में एक टीवी शो ‘वीकेंड विद रमेश’ में उन्होंने बताया की पिता आर.टी. नारायण के निधन के दो हफ्ते बाद ही जब वह संसद में पहुंची तब वह खुद को भावनात्मक तौर पर बेहद कमजोरी महसूस कर रहीं थीं। उन्होंने कहा जब मैने अपने पिता को खोया तो मैं ‘रॉक्स बॉटम’ (मानसिक तौर बेहद खराब स्थिति) में पहुंच गई थी। मैने आत्महत्या के बारे में सोचना शुरू कर दिया था। उस कठिन समय में राहुल गांधी भावनात्मक रूप से उनका सहारा बने। उनकी जिंदगी में तीसरे सबसे ज्यादा प्रभावशाली व्यक्ति बनकर।
वर्तमान संकट ऑनलाइन धमकियां पुलिस शिकायत और न्याय की लड़ाई
24 जुलाई 2025 को राम्या ने सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रेणुका स्वामी हत्या मामले में अभिनेता दर्शन को जमानत मिलने पर विरोध में आलोचना साझा की थी। साथ ही न्याय की गुजारिश भी की थी। इसके तुरंत बाद दर्शन के कुछ अनुयायियों ने उन्हें सोशल मीडिया पर हिंसक और अश्लील टिप्पणियां भेजनी शुरू कर दिन। जिसमें जान से मारने और रेप की धमकियां तक शामिल थीं।
शिकायत और कार्रवाई
रम्य ने 28 जुलाई 2025 को बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के पास जाकर इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने लगभग 43 सोशल मीडिया अकाउंट्स का विवरण पेश किया। जो गाली गलौज, हिंसा और यौन हिंसा की धमकियां फैला रहे थे। पुलिस ने इस मामले को सेंट्रल क्राईम ब्रांच और साइबर क्राइम में सौंपा। 1अगस्त 2025 तक दो आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई और 11 और लोगों के शामिल होने की संभावना में जांच भी की गई। 2अगस्त 2025 को अदालत में उन्हें भी 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
राम्या की प्रतिक्रिया और समर्थन
अभिनेत्री और कांग्रेस नेता राम्या ने मीडिया से कहा कि महिलाओं के साथ असंवेदनशील और भयावाह व्यवहार अब समाज में सामान्य हो गया है। यह समाज की गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर यह मेरे साथ हुआ तो आम महिलाओं के साथ क्या हो रहा होगा। कर्नाटक राज्य महिला आयोग फिल्म इंडस्ट्री फॉर राइट्स एंड इक्वलिटी (FIRE)ने भी उनका समर्थन किया और कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि, डिजिटल दुनिया में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और धमकियां भयावाह रूप लेती जा रही हैं। जिसे मिलकर जल्दी ही समाप्त करना होगा। राम्या द्वारा इस मामले के विरोध में जारी की गई लड़ाई सबके लिए है। उन सभी महिलाओं के लिए जो ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहीं हैं।