
Ayodhya Diwali Celebration 2025 (Image Credit-Social Media)
Ayodhya Diwali Celebration 2025
Ayodhya Diwali Celebration 2025: दीपावली जैसे- जैसे करीब आ रही है राम के स्वागत की तैयारियों में भी तेजी आती जा रही है। अयोध्या का राम मंदिर अपनी पूर्णता और भव्यता के साथ इस बार दिवाली पर असंख्य दीपों से जगमग होकर आस्था और विश्वास की अनोखी बानगी पेश करेगा। राम मंदिर में इन्हीं तैयारियों के बीच मंदिर परिसर में मोम संग्रहालय बनाने का भी काम तेजी से चल रहा है, जो इस साल दिवाली से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। अपनी अनोखी रंगत के साथ ये मोम का संग्रहालय दिवाली से एक दिन पहले दीपोत्सव के अवसर पर अपनी पूर्ण भव्यता के साथ आन जनता के लिए खोल दिया जाएगा। जहां आगंतुक भगवान राम के विविध स्वरूपों का दर्शन कर सकेंगें। इसके अलावा संग्रहालय में रामायण से जुड़े महत्वपूर्ण चरित्रों की लगभग 50 मूर्तियां दर्शनार्थ रखी जाएंगी। ये सभी मूर्तियां और प्रतिमा नहीं बल्कि जीवंत भाव भंगिमा और संजीव वेश भूषा के साथ नजर आएंगी। जिन्हें महाराष्ट्र के एक संगठन द्वारा केरल के विशेषज्ञों की सहायता से बनाया जा रहा है। इन जीवंत मोम की मूर्तियों को देखकर दर्शकों को निश्चित ही ऐसा प्रतीत होगा कि वे रामायण काल खंड में ही जी रहे हैं।
संग्रहालय की ये है खूबियां
मोम से तैयार किए जा रहे इस संग्रहालय में रामायण में दर्ज विविध घटनाक्रमों में सीता हरण, हनुमान की लंका यात्रा और राम सेतु निर्माण दृश्य, राम-रावण के बीच युद्ध जैसे दृश्यों को जीवंत किया जाएगा।

दर्शकों को आकर्षित करने के लिए आधुनिक तकनीक, दृश्य-श्रव्य प्रभाव और इंटरैक्टिव डिस्प्ले का इस्तेमाल कर इन घटनाओं का वास्तविक चित्रण किया जाएगा। जो उस काल खंड की घटनाओं को ताजा करने के साथ ही अयोध्यामंदिर घूमने आए लोगों को इस बार एक अनोखे रंग में रंगने को तैयार है।
करोड़ों के खर्च की लागत के साथ तैयार हो रहा मोम संग्रहालय
मोम संग्रहालय कोई साधारण दर्शनीय स्थल नहीं बल्कि इसे भव्य बनाने के लिए करोड़ों की लागत के साथ तैयार किया जा रहा है। यहां भगवान राम और रामायण काल के चरित्रों पर आधारित संग्रह मौजूद होगा। इसमें रामायण के विशेष पात्रों और विशेष घटनाओं को मोम से तैयार की गई प्रतिमाओं द्वारा दर्शाया जाएगा। दिवाली पर आने राम मंदिर के दर्शन करने आने वाले आगंतुक भगवान राम, सीता, लक्ष्मण से लेकर रावण, विभीषण, राजा बाली हनुमान, सुग्रीव और जटायु, त्रिजटा राक्षसी आदि की सजीव मोम की मूर्तियां यहां की शोभा बढ़ाएंगी।

सबसे खास बात ये है कि इन्हें तैयार कर रहे मूर्तिकारों द्वारा इन सभी मूर्तियां के चेहरे के भाव और वेशभूषा को रामायण में बताए गए स्वरूपों के अनुरूप ही गढ़ा जा रहा है। मोम का ये संग्रहालय राम मंदिर के परिक्रमा पथ पर लगभग 10,000 वर्ग फुट क्षेत्र में विस्तार के साथ निर्मित किया गया है। अभी तक इस परियोजना पर करीब 7.5 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
इसे अयोध्या घूमने आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों, दोनों को एक अनूठा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अनुभव प्रदान करने के लिए बनाया जा रहा है।