Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • शादी से पहले और अपने ख़ास दिन पर परफेक्ट लुक चाहिए? जानिए प्रयागराज के कुछ बेस्ट सैलून
    • Chitrakoot Mystery: उत्तर प्रदेश का रहस्यमयी शहर,रामायण काल से जुड़ा वह स्थान जहाँ आज भी बहता है रहस्य
    • कृषि भवन, शास्त्री भवन होंगे ध्वस्त, सेंट्रल विस्टा में बनेंगी 3 हजार करोड़ से नई बिल्डिंगें
    • Nawabon Ki Nagri : लखनऊ नहीं बल्कि इस शहर को भी कहते हैं नवाबों की नगरी
    • Lucknow Gomti River Cruise: लखनऊ में चलेगा गोमती रिवर क्रूज़, ओपन एयर रेस्टोरेंट और पार्टी की मिलेगी सुविधाएं
    • लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल में अब देना होगा इतना प्रवेश शुल्क, यूपी दिवस पर बहुत कुछ है ख़ास
    • Kaushambi History: ये है राजा परीक्षित का किला, जो महाभारत काल से जुड़ा हुआ है
    • Bateshwar Bah Agra: आगरा का रहस्यमयी बटेश्वर: शिव मंदिर, डाकुओं की आस्था और यमुना का अनोखा प्रवाह
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Azab Gajab City: ये शहर है कोबरा का, जिसे जाना जाता है ‘कोबरा कैपिटल ऑफ इंडिया’ के नाम से, आइए जानें इसके बारे में सब
    Tourism

    Azab Gajab City: ये शहर है कोबरा का, जिसे जाना जाता है ‘कोबरा कैपिटल ऑफ इंडिया’ के नाम से, आइए जानें इसके बारे में सब

    Janta YojanaBy Janta YojanaAugust 2, 2025No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Agumbe – India’s Cobra Capital (Image Credit-Social Media)

    Agumbe – India’s Cobra Capital (Image Credit-Social Media)

    Azab Gajab City: भारत की धरती अपने आप में एक अनूठा खजाना है, जहां प्रकृति और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। एक ओर जहां भारत अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर इसकी प्राकृतिक विविधता भी कम आश्चर्यजनक नहीं है। भारत के कुछ इलाके अपनी अनूठी जैव-विविधता के लिए प्रसिद्ध हैं, और ऐसा ही एक स्थान है कर्नाटक के पश्चिमी घाट में बसा अगुम्बे गांव। यह छोटा सा गांव, जो केवल 3 वर्ग किलोमीटर में फैला है और समुद्र तल से लगभग 2,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, अपनी सांपों की आबादी, खासकर कोबरा सांपों की वजह से पूरे देश में मशहूर है। इसे ‘कोबरा कैपिटल ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।

    अगुम्बे: प्रकृति का एक अनमोल रत्न

    अगुम्बे कर्नाटक के शिवमोगा जिले में मालेनाडु क्षेत्र के घने जंगलों के बीच बसा एक छोटा सा गांव है। इसे ‘दक्षिण का चेरापूंजी’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह भारत के सबसे अधिक बारिश वाले स्थानों में से एक है। यहां सालाना औसतन 7,620 मिलीमीटर बारिश होती है, जो इसे एक हरे-भरे वर्षावन का रूप देती है। घने जंगल, झरने, पहाड़ और जैव-विविधता से भरा यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव शोधकर्ताओं के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। लेकिन अगुम्बे की असली पहचान है यहां की सांपों की दुनिया, खासकर किंग कोबरा, जो दुनिया का सबसे लंबा जहरीला सांप है।

    अगुम्बे की आबादी केवल 600 लोगों की है, लेकिन इसकी प्राकृतिक संपदा इसे एक अनोखा स्थान बनाती है। यह गांव पश्चिमी घाट के उन चुनिंदा क्षेत्रों में से एक है, जहां प्रकृति अपने पूरे रंग में नजर आती है। यहां के जंगल मालाबार ग्लाइडिंग फ्रॉग, मालाबार हॉर्नबिल, मालाबार पिट वाइपर और मेलानिस्टिक तेंदुए जैसे दुर्लभ जीवों का घर हैं। लेकिन इन सबके बीच किंग कोबरा इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण है, जिसने अगुम्बे को ‘कोबरा कैपिटल’ की उपाधि दिलाई।

    किंग कोबरा: जंगल का राजा

    किंग कोबरा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ओफियोफैगस हन्ना कहा जाता है, दुनिया का सबसे लंबा जहरीला सांप है। यह औसतन 10 से 13 फीट लंबा होता है, लेकिन कुछ किंग कोबरा 18 फीट तक भी बढ़ सकते हैं। इसकी एक खासियत यह है कि यह अन्य सांपों को खाता है, जिसके कारण इसका नाम ‘स्नेक-ईटर’ पड़ा। अगुम्बे के जंगलों में किंग कोबरा की मौजूदगी इतनी ज्यादा है कि इसे यहां का प्रतीक प्रजाति माना जाता है।

    किंग कोबरा की एक और अनोखी खासियत है इसका घोंसला बनाना। यह दुनिया का एकमात्र सांप है जो अपने अंडों के लिए जमीन पर घोंसला बनाता है। मार्च से अप्रैल के बीच मादा किंग कोबरा पत्तियों और अन्य जैविक सामग्री से एक मजबूत घोंसला बनाती है, जिसमें वह 20 से 40 अंडे देती है। यह घोंसला इतना मजबूत होता है कि बारिश का पानी भी इसके अंदर नहीं घुस पाता। मादा इस घोंसले की रक्षा तब तक करती है, जब तक अंडे से बच्चे बाहर नहीं निकल आते। हालांकि, इनमें से केवल कुछ ही बच्चे जीवित रह पाते हैं, क्योंकि अन्य सांप और शिकारी इन अंडों को खा जाते हैं।

    अगुम्बे में किंग कोबरा को देखना कोई असामान्य बात नहीं है। यह सांप सड़कों पर, गांव के आसपास या यहां तक कि लोगों के घरों में भी दिखाई दे जाता है। एक हालिया घटना में, जुलाई 2024 में, अगुम्बे में एक 12 फीट लंबा किंग कोबरा एक घर के परिसर में पाया गया, जिसे वन्यजीव अधिकारियों ने सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अगुम्बे में सांप और इंसान एक-दूसरे के साथ सह-अस्तित्व में रहते हैं।

    अगुम्बे रेनफॉरेस्ट रिसर्च स्टेशन: सांपों का संरक्षक

    अगुम्बे की पहचान को और मजबूत करता है यहां का अगुम्बे रेनफॉरेस्ट रिसर्च स्टेशन (एआरआरएस), जिसकी स्थापना प्रसिद्ध सर्प विशेषज्ञ रॉमुलस व्हिटेकर ने 2005 में की थी। यह स्टेशन किंग कोबरा और अन्य सांपों के अध्ययन और संरक्षण के लिए समर्पित है। यहां भारत का पहला रेडियो टेलीमेट्री प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जिसके तहत किंग कोबरा को ट्रैक किया जाता है ताकि उनके व्यवहार, आवास और प्रजनन की जानकारी इकट्ठा की जा सके।

    एआरआरएस न केवल सांपों का अध्ययन करता है, बल्कि स्थानीय लोगों को जागरूक करने और सांपों को बचाने का काम भी करता है। यह स्टेशन उन लोगों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र है, जो सांपों और अन्य सरीसृपों के बारे में जानना चाहते हैं। यहां आने वाले पर्यटक ‘हर्पिंग’ (सरीसृपों और उभयचरों को देखने और अध्ययन करने की गतिविधि) में हिस्सा ले सकते हैं। स्टेशन में दो कॉटेज भी हैं, जहां लोग ठहर सकते हैं और विशेषज्ञों के साथ जंगल में सांपों को देखने जा सकते हैं।

    सांपों और इंसानों का सह-अस्तित्व

    अगुम्बे की एक और खास बात है यहां के लोगों का सांपों के प्रति नजरिया। भारत में सांपों को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान शिव और विष्णु से जुड़े सांपों की पूजा नगा पंचमी जैसे त्योहारों में की जाती है। लेकिन अगुम्बे में यह सम्मान और भी गहरा है। स्थानीय लोग किंग कोबरा को ‘नम्मा कालिंगा’ (हमारा किंग कोबरा) कहते हैं और इसके घोंसलों की रक्षा करते हैं।

    कालिंगा सेंटर फॉर रेनफॉरेस्ट इकोलॉजी, जिसकी स्थापना सर्प विशेषज्ञ पी. गोवरी शंकर ने 2012 में की थी, ने इस सह-अस्तित्व को और मजबूत किया है। इस केंद्र ने अब तक सैकड़ों किंग कोबरा को बचाया है और स्थानीय लोगों को सांपों के महत्व के बारे में जागरूक किया है। गोवरी शंकर ने बताया कि शुरू में स्थानीय लोगों को समझाना मुश्किल था, लेकिन जब उन्होंने देखा कि सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित बचाया जा सकता है, तो उनका दृष्टिकोण बदल गया। आज लोग सांपों को मारने के बजाय कालिंगा सेंटर को बुलाते हैं।

    अगुम्बे की जैव-विविधता: सांपों से परे

    हालांकि अगुम्बे को कोबरा कैपिटल के रूप में जाना जाता है, लेकिन यह केवल सांपों तक सीमित नहीं है। पश्चिमी घाट का यह हिस्सा जैव-विविधता का खजाना है। यहां मालाबार पिट वाइपर, हंप-नोज्ड पिट वाइपर, इंडियन रैट स्नेक और ग्रीन वाइन स्नेक जैसे कई अन्य सांप पाए जाते हैं। इसके अलावा, मालाबार ग्लाइडिंग फ्रॉग, मालाबार हॉर्नबिल और दुर्लभ मेलानिस्टिक तेंदुआ भी इस क्षेत्र की शोभा बढ़ाते हैं।

    अगुम्बे में कई अनोखे कवक (फंगी) भी पाए गए हैं, जैसे मेलिओला अगुम्बेन्सिस, तारेन्ना अगुम्बेन्सिस और डैक्टिलेरिया अगुम्बेन्सिस, जिनका नाम इस गांव के नाम पर रखा गया है। यह क्षेत्र पक्षी प्रेमियों के लिए भी एक स्वर्ग है, जहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल और हार्ट-स्पॉटेड वुडपेकर जैसे पक्षी देखे जा सकते हैं।

    पर्यटन और रोमांच का केंद्र

    अगुम्बे न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए, बल्कि पर्यटकों और रोमांच के शौकीनों के लिए भी एक शानदार गंतव्य है। यहां के बारकाना फॉल्स, जोगी गुंडी फॉल्स और कुंचिकाल फॉल्स जैसे झरने प्रकृति की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। कुंडद्री हिल और कोडाचद्री हिल ट्रैकिंग के लिए मशहूर हैं, जहां से पश्चिमी घाट की मनोरम दृश्यावली देखी जा सकती है। सनसेट पॉइंट से अरब सागर का सूर्यास्त देखना एक अविस्मरणीय अनुभव है।

    अगुम्बे का सांस्कृतिक महत्व भी कम नहीं है। यह गांव आर.के. नारायण के उपन्यास मालगुडी डेज की टेलीविजन रूपांतरण के लिए फिल्मांकन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यहां का डोड्डामाने, जहां मालगुडी डेज की शूटिंग हुई थी, आज भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस 100 साल पुराने घर में ठहरकर आप स्थानीय आतिथ्य और स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं।

    अगुम्बे की जैव-विविधता को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगलों की कटाई, बढ़ती मानव आबादी और सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं वन्यजीवों के लिए खतरा बन रही हैं। किंग कोबरा जैसे सांपों को अक्सर मानव-वन्यजीव संघर्ष का सामना करना पड़ता है। लेकिन एआरआरएस और कालिंगा सेंटर जैसे संगठन इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

    इन संगठनों ने न केवल सांपों को बचाने का काम किया है, बल्कि स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित भी किया है ताकि वे सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ सकें। इसके अलावा, ये केंद्र पर्यटकों और शोधकर्ताओं को जंगल की जैव-विविधता के बारे में शिक्षित करते हैं, जिससे संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

    अगुम्बे एक ऐसा गांव है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव-विविधता और सांपों की अनोखी दुनिया के लिए जाना जाता है। किंग कोबरा जैसे जहरीले सांपों के साथ इंसानों का सह-अस्तित्व इस गांव को और भी खास बनाता है। अगुम्बे रेनफॉरेस्ट रिसर्च स्टेशन और कालिंगा सेंटर जैसे संगठनों ने इस क्षेत्र को संरक्षण और शोध का केंद्र बनाया है।

    यहां की बारिश, जंगल, झरने और वन्यजीव प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनमोल तोहफा हैं। अगर आप प्रकृति, रोमांच और सांपों की रहस्यमयी दुनिया में रुचि रखते हैं, तो अगुम्बे आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है। यह गांव हमें यह भी सिखाता है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर हम न केवल उसका आनंद ले सकते हैं, बल्कि उसकी रक्षा भी कर सकते हैं। अगुम्बे की यह यात्रा हर उस व्यक्ति के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगी, जो प्रकृति के करीब जाना चाहता है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleSeetha Amman Mandir Story: रामायण से जुड़ा वह पवित्र स्थल जहाँ रावण ने सीता माता को रखा था बंदी, जानिए श्रीलंका के सीता अम्मन मंदिर का इतिहास
    Next Article Jyotirlingas Darshan in Sawan: श्रावण माह में इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से दूर होंगी सभी बाधाएं, जीवन होगा शिवमय
    Janta Yojana

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    Related Posts

    शादी से पहले और अपने ख़ास दिन पर परफेक्ट लुक चाहिए? जानिए प्रयागराज के कुछ बेस्ट सैलून

    January 27, 2026

    Chitrakoot Mystery: उत्तर प्रदेश का रहस्यमयी शहर,रामायण काल से जुड़ा वह स्थान जहाँ आज भी बहता है रहस्य

    January 27, 2026

    कृषि भवन, शास्त्री भवन होंगे ध्वस्त, सेंट्रल विस्टा में बनेंगी 3 हजार करोड़ से नई बिल्डिंगें

    January 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, IIM कोझिकोड ने घोषित किए CAT 2025 के नतीजे

    December 24, 2025

    मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में किया शिरकत, गरीब बच्चों की शिक्षा पहल की खुले दिल से प्रशंसा की

    November 1, 2025

    Doon Defence Dreamers ने मचाया धमाल, NDA-II 2025 में 710+ छात्रों की ऐतिहासिक सफलता से बनाया नया रिकॉर्ड

    October 6, 2025
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.