
Barabanki Voter List Controversy: SP Demands DM’s Clarification
SP Demands DM’s Clarification
Barabanki: बाराबंकी जिले में समाजवादी पार्टी ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप दोहराया। सपा जिला अध्यक्ष हाफ़िज़ अयाज़, एमएलसी राजेश यादव और पूर्व कारागार मंत्री राकेश वर्मा ने संयुक्त रूप से प्रशासन और निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए। नेताओं ने कहा कि अखिलेश यादव ने जो मुद्दा उठाया है वह तथ्यों पर आधारित है, लेकिन डीएम बिना ठोस जवाब दिए सफाई देने में लगे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष हाफ़िज़ अयाज़ ने सबसे पहले नसरीन बानो का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि 2016 की सूची में उनका नाम था लेकिन 2022 की अंतिम सूची से हटा दिया गया। सवाल यह है कि नाम क्यों काटा गया और अगर काटा गया था तो फिर 11 जून 2022 की संशोधित सूची में दोबारा शामिल क्यों किया गया। डीएम साहब यह सूची सार्वजनिक करें।
पूर्व मंत्री और कुर्सी विधानसभा के सपा प्रत्याशी राकेश वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता बनाए रखना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। जिस लोकतंत्र को बाबा साहब अंबेडकर ने गढ़ा, उसे कमजोर करने वाली कोई भी कार्रवाई देश के लिए खतरनाक है।
वहीं एमएलसी राजेश यादव ने आरोप लगाया कि 2022 के चुनाव में सपा विधायकों को हराने के लिए मतदाता सूची से नाम हटाए गए। बाद में जब दबाव पड़ा तो नए एपिक नंबर पर वही नाम फिर से जोड़ दिए गए। यह चुनाव आयोग और प्रशासन की हड़बड़ाहट में की गई गलती है। सवाल सिर्फ नाम काटने का नहीं है, बल्कि हमें हमारे संवैधानिक अधिकार से वंचित करने का है। यह अधिकार बाबा साहब ने हमें दिया है, जो अमीर-गरीब, अंबानी-अदानी या प्रधानमंत्री तक सभी के लिए बराबर है।
बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा नेताओं ने साफ कहा कि अखिलेश यादव ने जो 18 हजार शपथ पत्र चुनाव आयोग को भेजे हैं उनमें से कुछ बाराबंकी से जुड़े हैं। अगर डीएम साहब हमारे द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर ठोस जवाब दे तो हम अपना शपथ पत्र वापस ले लेंगे।