Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जनवरी से फरवरी महीने में उत्तर प्रदेश की इन जगहों में करें भ्रमण, खास बनाइये अपना वीकेंड
    • खंडित हुए शिवलिंग, मिटाए गए निशान…लेकिन अडिग रहे महादेव, जानें कब-कब मुस्लिम शासकों ने तोड़ा सोमनाथ मंदिर?
    • UP Famous Temple: ये है आगरा का सबसे चमत्कारिक मंदिर, इसकी कहानी कर देगी आपको हैरान
    • Thailand Tourism: क्यों भारतियों को पसंद आ रहा थाईलैंड? बिना वीजा और पॉकेट फ्रेंडली हो रही यात्रा
    • अयोध्या में अब ऑनलाइन भी नहीं मिलेगा नॉनवेज? राम मंदिर,गेस्ट हाउस और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग भी रडार
    • Kanpur Non Veg Restaurants: कानपुर के 5 बेस्ट नॉन वेज पॉइंट्स, जहाँ आपको मिलेगा लाजवाब स्वाद
    • Top 5 Banarasi Saree Shops: वाराणसी जाएं तो इन जगहों से लें बनारसी साड़ी, ये हैं टॉप 5 दुकानें
    • Lucknow Medical Store : ये हैं लखनऊ के टॉप 5 मेडिकल स्टोर, जहाँ 24 घंटे मिलती है हर दवा
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Bharat Ka Khooni Registan: भारत के दक्षिण में मौजूद है एक खूनी रेगिस्तान… जहां फैली हुई है लाल रंग की रेत
    Tourism

    Bharat Ka Khooni Registan: भारत के दक्षिण में मौजूद है एक खूनी रेगिस्तान… जहां फैली हुई है लाल रंग की रेत

    By January 26, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Bharat Ka Khooni Registan Kaha Hai Red Desert of Tamil Nadu (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

    Red Desert of Tamil Nadu: लाल रेगिस्तान के बारे में बात करें तो अरबी रेगिस्तान के मध्य हिस्से में स्थित अद-दहना रेगिस्तान की रेत थोड़ी लाल रंग की होती है। वहीं अरबी प्रायद्वीप में स्थित अन-नफ़ूद रेगिस्तान की रेत भी लाल रंग की है। अफ़्रीका और एशिया के बीच स्थित एक नमकीन समुद्र के तौर पर लाल रंग का सागर मौजूद है। जो कि हिंद महासागर (Indian Ocean) का एक हिस्सा है। इस सागर तट के पास भी लाल रेत का रेगिस्तान है।

    बात भारत की करें तो तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में ‘थेरीकाड’ (Theri Kaadu) नाम का लाल रेगिस्तान पर्यटकों के लिए रोचकता का विषय बना हुआ है। यह रेगिस्तान 12,000 एकड़ में फैला है।यह फिल्मों की शूटिंग का प्रसिद्ध स्थल है और अपनी अनोखी रेत, काजू-ताड़ के पेड़ों के लिए प्रसिद्ध है।

    फिल्मों की शूटिंग के लिए पसंदीदा जगह है यह

    (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
    (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

    लाल रंग की रेत से पटे इस रेगिस्तान पर जब सूरज की किरणें पड़ती हैं तो खून से जमीन का रंग लाल हो गया हो ऐसा दिखाई पड़ता है। थेरिकाड रेगिस्तानी इलाके के साथ ही साथ एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थान भी है। दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए दृश्यों की शूटिंग के लिए भी खास महत्व रखता है। लाल रेत का यह अनोखा क्षेत्र फिल्मों को असाधारण दृश्य देने के लिए प्रसिद्ध है। विशाल अभिनीत तमिल फिल्म ‘थमिराभारनी’ का अंतिम लड़ाई दृश्य इसी रेगिस्तान में फिल्माया गया था।

    इसके अलावा, सुपरहिट फिल्में जैसे ‘सिंघम’ और ‘असुरन’ के भी कई महत्वपूर्ण सीन इसी जगह पर शूट हुए हैं। इस रेगिस्तान का परिदृश्य एक तरफ सुंदरता से भरपूर है, तो दूसरी तरफ इसके सूखे और गर्म वातावरण में जीवन कठिन होता है। थेरीकाड की लाल रेत इसे तमिलनाडु के बाकी हिस्सों से अलग बनाती है। यह तिरुचेंदूर के पास स्थित है। इसके आसपास के कस्बे नलुमावाडी, पुदुकुडी, सोनाकनविलाई, कयामोझी, और परमानकुरिची हैं।

    वैज्ञानिकों ने सुलझाया दुनिया के सबसे बड़े ‘लाल’ रेगिस्तान का रहस्य

    (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
    (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

    वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे बड़े ‘लाल’ रेगिस्तान का रहस्य सुलझा लिया है। इसकी उम्र को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह रेगिस्तान सहारा मरुस्थल का हिस्सा है और अफ्रीका के मोरक्को में है। इसे मोरक्को में लाला ललिया का टीला भी कहा जाता है।

    पृथ्वी के इसे सबसे बड़े और सबसे जटिल रेगिस्तान की उम्र की गणना वैज्ञानिकों द्वारा की गई। यह रेगिस्तान करीब 100 मीटर ऊंचा और 700 मीटर चौड़ा है। इसकी उम्र को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रेगिस्तान करीब 13 हजार साल पहले बना था। शुरुआत के 8 हजार साल में यह जैसे बने थे, वैसे ही थे। लेकिन उसके बाद इनका आकार तेजी से बढ़ने लगा था। वैज्ञानिकों ने इसकी उम्र जानने के लिए ल्यूमिनसेंस डेटिंग नामक तकनीक का इस्तेमाल किया।

    मंगल ग्रह पर भी होते हैं ऐसे रेगिस्तान

    (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
    (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

    एबरिस्टविथ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ज्योफ डुलर ने बिर्कबेक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर चार्ल्स ब्रिस्टो के साथ रेगिस्तान पर एक शोध प्रकाशित किया था। शोध के अनुसार, रेगिस्तान का नाम लाला ललिया इसके आकार को देखकर रखा गया। इस तरह के रेगिस्तान अफ्रीका, एशिया और उत्तरी अमेरिका के अलावा मंगल ग्रह पर भी होते हैं।

    इनका निर्माण दिशा बदलने वाली विपरीत हवाओं के कारण होता है। लाला ललिया को मोरक्को की स्थानीय भाषा में सर्वोच्च न्याय पवित्र बिंदु कहते हैं। रिसर्च में सामने आया है कि यह रेगिस्तान प्रति वर्ष लगभग 50 सेंटीमीटर की स्पीड से रेगिस्तान में घूम रहा है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleइस्राएल-हमास युद्ध से गाजा में ‘अभूतपूर्व स्तर’ पर तबाही, 60 वर्ष पीछे चला गया ‘गाजा’
    Next Article टैरो साप्ताहिक राशिफल (26 जनवरी से 01 फरवरी, 2025): जानें इस सप्ताह किन राशियों की खुलेगी किस्‍मत!

    Related Posts

    जनवरी से फरवरी महीने में उत्तर प्रदेश की इन जगहों में करें भ्रमण, खास बनाइये अपना वीकेंड

    January 13, 2026

    खंडित हुए शिवलिंग, मिटाए गए निशान…लेकिन अडिग रहे महादेव, जानें कब-कब मुस्लिम शासकों ने तोड़ा सोमनाथ मंदिर?

    January 11, 2026

    UP Famous Temple: ये है आगरा का सबसे चमत्कारिक मंदिर, इसकी कहानी कर देगी आपको हैरान

    January 11, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, IIM कोझिकोड ने घोषित किए CAT 2025 के नतीजे

    December 24, 2025

    मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में किया शिरकत, गरीब बच्चों की शिक्षा पहल की खुले दिल से प्रशंसा की

    November 1, 2025

    Doon Defence Dreamers ने मचाया धमाल, NDA-II 2025 में 710+ छात्रों की ऐतिहासिक सफलता से बनाया नया रिकॉर्ड

    October 6, 2025
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.