
Chitrakoot Mystery (Image Credit-Social Media)
Chitrakoot Mystery
Chitrakoot Mystery: उत्तर प्रदेश में एक ऐसी जगह है जहाँ आपको रहस्य का खज़ाना मिलेगा। इसका इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। ऐसी भी मान्यता है कि इसी जगह भगवान राम और लक्ष्मण ने यहाँ समय बिताया था। आइये जानते हैं कहाँ स्थित है ये जगह और क्या है यहाँ का रहस्य।
रामायण काल से जुड़ा स्थान जहाँ आज भी बहता है रहस्य
उत्तर प्रदेश में चित्रकूट धाम को महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल माना जाता है। यहाँ राम घाट से 19 किमी और सती अनुसूया आश्रम से 6 किमी दूर स्थित गुप्त गोदावरी मौजूद है। ये वही स्थान है जहाँ वनवास के समय भगवान् श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने निवास किया था। ये जगह पूरी तरह से जंगलों से घिरी हुई है। आइये जानते हैं कि क्या ख़ास है यहाँ और इसका रहस्य क्या है।
दरअसल गुप्त गोदावरी दो गुफाओं का समूह है, जहाँ एक गुफा ऊंचीं और चौड़ी है तो उसका प्रवेश द्वार संकरा है वहीँ दूसरी गुफा लम्बी और संकरी है। जहाँ आपको दो जलधाराएं नज़र आएंगीं जो पूरे साल अविरल बहतीं हैं। इतना ही नहीं पुरातत्वविदों की मान्यता है कि ये गुफाएं साढ़े नौ लाख (9.5 लाख) वर्ष पूर्व पुरानी हैं। आइये जानते हैं क्या है इन गुफाओं में ख़ास।
आपको बता दें कि पहली जलधारा ऊंची गुफा से निकलती है और सीता कुंड नामक कुंड में गिरती है वहीं प्रवेश द्वार से ये लगभग 16 गज की दूरी पर स्थित है। वहीं दूसरी जलधारा दूसरी गुफा से निकलती है जिसे जलवाही गुफा कहा गया। वहीँ ये गुफा अंत में संकरी हो जाती है। ऐसे में जहाँ इसका अंत होता है वहीँ ये संकरी हो जाती है। इतना ही नहीं जहां गुफा बंद होती है, वहां अंदर की चट्टानों से जल का निरंतर प्रवाह निकलता है। कुछ दूर बहने के बाद, जलधारा एक पीपल के पेड़ के पास चट्टानों में विलीन हो जाती है। पानी का तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है। दोनों जलधाराएँ गुफाओं से निकलती हैं और वहीं विलीन हो जाती हैं। यह एक विचित्र घटना है जिसने हमेशा पर्यटकों को आश्चर्यचकित किया है और इसी कारण इस स्थान का नाम गुप्त गोदावरी पड़ा है।
उत्तर प्रदेश के इस स्थान में स्थित है एक रहस्यमयी तीर्थ स्थल है, जिसका संबंध रामायण काल से जुड़ा है। यहाँ की प्राचीन गुफाएँ, जलधाराएँ और मान्यताएँ आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।


