
Golden Era of India: भारत का इतिहास हमेशा से बेहद गौरवशाली रहा है। वहीँ देश का गुप्त काल सबसे समृद्ध काल रहा है। उस समय धन-धान्य, कला और विज्ञान उस समय अपने चरम पर था। जिसे भारत का स्वर्ण युग भी कहा जाता है। लेकिन वहीँ इस स्वर्ण युग पर रोक तक लग गयी जब मध्य एशिया के पहाड़ों से आए कुछ बेहद खूंखार और बर्बर योद्धाओं ने इस चमकते साम्राज्य को खंडहर बना दिया था। आइये विस्तार से समझते हैं आखिर कौन थे ये घुमंतू कबीले के लोग जो सबसे समृद्ध साम्राज्य को पतन की और ले गया।
गुप्त काल भारत के इतिहास में स्वर्णिम काल के रूप में जाना जाता है। वहीं इस देश में एक ऐसा भी दौर आया जब इस गुप्त काल के स्वर्णिम युग को किसी की नजर लग गई और कुछ ऐसे खूंखार कबीले वाले इसके पतन का कारण बना। पहाड़ों से आए कुछ बेहद खूंखार और बर्बर योद्धा जिन्होंने इस स्वर्णिम काल पर अंकुश लगा दिया। यह वह दौर था जब देश कला विज्ञान शिक्षा और संपन्नता में दुनिया में सबसे आगे था। लेकिन इसी चमकते स्वर्ण युग की नींव को घुमंतू योद्धाओं ने हिला डाला यह योद्धा थे हूण।
इन योद्धाओं के नाम से ही भारत के कई शासक कांप उठते थे। वे हर समय घोड़ा पर सवार होकर दूर-दूर तक सफर करते थे। वे तेज घुड़सवारी और तीरंदाजी में यह सबसे आगे थे। जब वे किसी जगह घुसते तो गांव के गांव उजड़ जाते उनका व्यापार मार्ग ठप कर देते इसी विनाशकारी ताकत के साथ उन्होंने भारत की सीमाओं में अपनी जड़े फैलानी शुरू की।


