
Kaushambi History (Image Credit-Social Media)
Kaushambi History
Kaushambi History: आज हम आपको उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में बसे एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जो महाभारत काल के राजा परीक्षित से जुड़ा हुआ है। आइये विस्तार से जानते हैं इस किले के बारे में।
कौशाम्बी जिले में यमुना नदी के किनारे बसा कौशाम्बी गांव महाभारत काल के राजा परीक्षित से जुड़ा हुआ है। इसे प्राचीन भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर माना जाता है। ये स्थान इतिहास प्रेमियों को काफी पसंद आता है। यहाँ विशाल किले, ऐतिहासिक अवशेष और मौर्य कालीन अशोक स्तंभ भी स्थित है।
कौशांबी गांव सिर्फ अपने इतिहास के लिए ही नहीं बल्कि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता भी आपको काफी ज़्यादा लुभाएगी। यहाँ का इतिहास हज़ारों साल पुराना है। ये स्थान भारत के गौरवशाली इतिहास को बयां करता है और साथ ही साथ ये भारत की प्राचीन सभ्यता से गहराई से जुड़ा हुआ भी माना जाता है। जहाँ आपको महाभारत काल से लेकर मौर्य काल तक की ऐतिहासिक धरोहरें देखने को मिलेंगीं।
कौशांबी भारत के इतिहास में अहम् भूमिका रखता है। इतिहास के पन्नों को पलटें तो आप पायेंगें कि इसी भूमि पर महाभारत काल के प्रसिद्ध राजा परीक्षित ने एक विशाल और मजबूत किले का निर्माण करवाया था। प्राचीन समय में इस स्थान को राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र माना जाता था।
महाभारत काल में बना ये किला काफी प्रसिद्ध है और दूर दूर से लोग इसे देखने आते थे। यमुना के किनारे बसा ये विशाल किला ईटों से बना है। इसकी दीवारें मोटी और प्राचीन हैं। जो उस समय की उन्नत स्थापत्य कला को दर्शाती है। यहाँ पहुंचकर आपको अहसास होगा कि उस समय की तकनीक कितनी ज़्यादा विकसित थी। यहाँ मौजूद अवशेष काफी हैरान कर देंगें। राजा परीक्षित द्वारा बनवाया ये किला प्राचीन समय में बैंक भी कहा जाता था। दरअसल यहाँ को लेकर मान्यता है कि यहाँ हीरे,मोती और जेवरात मिले थे। इतना ही नहीं गांव वाले बरसात के मौसम में किले के पास इस उम्मीद में जाते हैं कि उन्हें कीमती सिक्के और कीमती पत्थर मिलेंगें।
यहाँ मौजूद महाभारत काल के किले के अलावा भी काफी चीज़ें जिसकी वजह से ये स्थान प्रसिद्ध है। दरअसल यहाँ मौर्य सम्राट अशोक के शासनकाल से जुड़ा अशोक स्तंभ भी स्थित है। इस स्तंभ को बौद्ध धर्म के प्रचार और शांति के संदेश का प्रतीक समझा जाता है।


