
Kusum Sarovar Mystery (Image Credit-Social Media)
Kusum Sarovar Mystery
Kusum Sarovar Mystery: मथुरा के कुसुम सरोवर का रहस्य आज भी बरकरार है इसके पीछे कई मान्यताएं भी हैं कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण यहाँ राधा रानी और उनकी सखियों के लिए फूल (कुसुम) तोड़ने आते थे। वहीं ये जगह महाराजा सूरजमल से भी जुड़ा है। आइये जानते हैं यहाँ का रहस्य क्या है।
मथुरा के कुसुम सरोवर का रहस्य
कहा जाता है कि राधा रानी यहाँ फूल चुनने के बहाने भगवान् श्री कृष्ण से मिलती थीं, और एक बार कृष्ण ने माली बनकर राधा की मदद की थी, जिससे उनके प्रेम की शुरुआत हुई।
भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी से जुड़ी मान्यताएं
ऐसी भी मान्यता है कि राधा रानी यहाँ फूल चुनने के बहाने कृष्ण से मिलती थीं इतना ही नहीं भगवान् श्री कृष्ण भी माली बनकर राधा की मदद भी करते थे। इसके साथ ही ऐसा भी कहा जाता है कि यहाँ गुप्त खज़ाना भी दफन है।
महाराजा सूरजमल और गुप्त खजाने की कहानी
18वीं सदी में भरतपुर के जाट शासक महाराजा सूरजमल ने दिल्ली से लूटा धन यहाँ तहखानों में छिपाया था और और उनके बेटे जवाहर सिंह ने पिता की याद में यहाँ भव्य छतरियाँ (समाधि) बनवाईं, जिसमें सूरजमल की मुख्य छतरी और उनकी रानियों (हंसिया और किशोरी) की छोटी छतरियाँ शामिल हैं। इसकी पहरेदारी के लिए आज भी रात में उनकी आत्माएं घोड़ों पर सवार होकर यहाँ आती हैं। आस पास के लोग इस पर काफी विश्वास करते हैं।
ऐसा कहा जाता है कि कुसुम सरोवर के तहखानों (अंडरग्राउंड) में ये खज़ाना छिपाया गया था। जिसकी रखवाली महाराजा सूरजमल और उनके बेटे जवाहर सिंह करते हैं। रात में उनकी आत्माएं यहाँ घोड़े पर सवार होकर आतीं हैं। कई स्थानीय लोगों ने इन्हे देखने का दावा भी किया है। आपको बता दें कि गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर स्थित है और ये अपनी वास्तुकला के लिए बेहद प्रसिद्ध है। शाम को इस सरोवर का नज़ारा बेहद खूबसूरत नज़र आता है। दरअसल रात में छतरियों और सरोवर पर रोशनी पड़ती है जिससे इसकी ख़ूबसूरती और बढ़ जाती है।


