
Krishna Janmashtami Celebration (Image Credit-Social Media)
Krishna Janmashtami Celebration
Lucknow Krishna Janmashtami Celebrations: भगवान् श्री कृष्ण के जन्मदिन का उत्सव पूरे देश में बेहद धूम-धाम से मनाया जायेगा। इस साल ये पर्व 16 अगस्त को है। वहीँ इस ख़ास दिन को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी खूब हर्षोउल्लास के साथ मनाया जायेगा। आइये विस्तार से जानते हैं कि यहां स्थित श्री कृष्ण मंदिर कौन कौन से हैं जहाँ पर मनमोहक झाकियां भी आप देख सकते हैं।
लखनऊ के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर
लखनऊ में जन्माष्टमी के अवसर पर कई प्रसिद्ध मंदिरों में झांकी के साथ ही साथ विशेष पूजा- र्चना,भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जायेगा। आइये एक नज़र डालते हैं लखनऊ के उन मंदिरों की लिस्ट पर जहाँ इस दिन भव्य आयोजन होगा।
संकटमोचन धाम मंदिर:

लखनऊ में स्थित इस मंदिर में भगवान कृष्ण को यमुना पार कराते हुए झांकी निकाली जाती है। इसके साथ ही लड्डू गोपाल को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है और इसके बाद यही प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाता है।
श्री गौर राधा कृष्ण मंदिर:

भगवान् श्री कृष्ण का जन्म रात 12 बजे माना जाता है इस समय सभी मंदिरों में उनके जन्म का उत्सव मनाया जाता है। इसके साथ ही लखनऊ स्थित श्री गौर राधा कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा और आरती होती है और एक भव्य झांकी भी सजाई जाती है। इसमें श्री कृष्ण लीलाओं का भव्य नज़ारा देखने को मिलता है। साथ ही मंदिर को रंगीन फूलों, रोशनी और गुब्बारों से सजाया जाता है।
पुलिस लाइन मंदिर:

जन्माष्टमी का उत्सव लखनऊ स्थित पुलिस लाइन मंदिर में बेहद भव्य रूप से किया जाता है। यहां जन्माष्टमी पर एक विशाल झांकी भी सजाई जाती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इसके अलावा मंदिर को फूलों और रंगोलियों से भी सजाया जाता है। जिसका नज़ारा सभी को मंत्रमुग्ध कर लेता है।
राम कृष्ण मठ और मिशन, निराला नगर:

श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर लखनऊ के निराला नगर स्थित राम कृष्ण मठ और मिशन में विशेष पूजा और प्रवचन का आयोजन होगा साथ ही साथ छोटे-छोटे बच्चे भगवान् श्री कृष्ण के जीवन के विभिन्न चरणों को दर्शाते हुए झांकी प्रस्तुत करते हैं।
चौपटिया के राधिकानाथ जी ठाकुरद्वारा और कुंदनलाल ठाकुरद्वारा:

लखनऊ के चौपटिया में स्थित राधिकानाथ जी ठाकुरद्वारा और कुंदनलाल ठाकुरद्वारा भव्य झांकी सजाई जाती है और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जायेगा।यहाँ भगवान् कृष्ण के जन्म से लेकर छठवें दिन तक उत्सव मनाया जाता है।
पुराना इस्कॉन मंदिर:
