Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा की प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के निजीकरण को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के बाज़ार में अब बिजली विभाग बिकेगा और जनता की जेब पर निजी कंपनियों के भारी भरकम बिल का भार बढ़ेगा । सरकार इसका ठीकरा बिजली कर्मचारियों पर फोड़ कर अपने आप को बचा रही है।
उन्होंने कहा कि इस राज में न तो किसी प्रकार से बिजली के जेनरेशन, ट्रांसमिशन या डिस्ट्रीब्यूशन में बढ़त हुई और न ही लोगों को बिजली कटौती से राहत हुई। जब जनता विरोध करती है, तो यह सरकार कोई जवाब नहीं दे पाती है। सबकी बत्ती गुल हो जाती है। भाजपा सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था बर्बाद कर दिया है।
बिजली उत्पादन की कोई बढ़त नहीं,सिर्फ निजीकरण पर ध्यान
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार नौ साल के कार्यकाल में एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया है। केवल बिजली का बिल बढ़ाया है। प्रदेश में बिजली को लेकर लोग परेशान हैं। प्रदेश भर में बिजली की कटौती अपने चरम पर है। धान की रोपाई का समय चल रहा है। लेकिन किसानों को बिजली नहीं मिल रही है। छोटे शहरों और गांवों में बिजली की स्थिति बेहद खराब है।
सब बेच देना चाहती है सरकार
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर बिजली व्यवस्था खराब कर रही है। सरकार बिजली विभाग को निजी हाथों में बेचने की तैयारी कर रही हैं भाजपा की दिल्ली की सरकार हो या उत्तर प्रदेश की सरकार दोनों सब कुछ बेचने पर उतारू है। भाजपा ने बिजली मंत्री इसीलिए बनाया है, जिससे विभाग अपने करीबियों को बेचना आसान हो जाए। सरकार ने बिजली व्यवस्था सुधारने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया।
खराब बिजली का ठीकरा कर्मचारियों पर
अखिलेश ने कहा कि सरकार बिजली की खराब स्थिति का ठीकरा कर्मचारियों के सिरफोड़ कर निजीकरण करने की जमीन तैयार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश में आज जनता को जो भी बिजली मिल रही है। वह समाजवादी सरकार में लगाये गये। पावर प्लांटों से मिल रही है। समाजवादी सरकार में एटा, कानपुर देहात, ललितपुर, पनकी, समेत कई जिलों में पावर प्लांट लगाये। लेकिन भाजपा सरकार ने बिजली उत्पादन और आगे बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया।