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    Home » Maharashtra Top 10 Monsoon Destination: महाराष्ट्र के टॉप 10 मानसून डेस्टिनेशन, बरसात में घूमने की सबसे खूबसूरत जगहें
    Tourism

    Maharashtra Top 10 Monsoon Destination: महाराष्ट्र के टॉप 10 मानसून डेस्टिनेशन, बरसात में घूमने की सबसे खूबसूरत जगहें

    Janta YojanaBy Janta YojanaAugust 25, 2025No Comments7 Mins Read
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    Maharashtra Top 10 Monsoon Destination

    Maharashtra Top 10 Monsoon Destination

    Maharashtra Top 10 Monsoon Destination: भारत का पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र अपनी ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। लेकिन जब बात मानसून (जून से सितंबर) की आती है तो यह राज्य और भी ज्यादा आकर्षक हो जाता है। बादलों से ढकी पहाड़ियां, झरनों की गूंज, हरियाली की चादर और ठंडी हवाएं इस मौसम को जादुई बना देती हैं। यदि आप बरसात में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो महाराष्ट्र के ये टॉप 10 मानसून डेस्टिनेशन आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।

    माथेरान (Matheran) – बादलों में बसा हिल स्टेशन

    महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित माथेरान मुंबई और पुणे के करीब बसा एक खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो समुद्र तल से लगभग 800 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां किसी भी तरह के मोटर वाहन जैसे कार, बाइक या ऑटो का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है जिससे इसका प्राकृतिक वातावरण आज भी स्वच्छ और शांत बना हुआ है। बरसात के मौसम में माथेरान की वादियाँ, झरने और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को अद्भुत अनुभव प्रदान करती हैं।

    खास आकर्षण – यहाँ आने वाले सैलानियों के लिए पैनोरमा पॉइंट, चार्लोट लेक, लुइसा पॉइंट, इको पॉइंट और हनीमून पॉइंट जैसे दर्शनीय स्थल विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

    कैसे पहुंचे – मुंबई से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित माथेरान पहुँचने के लिए पहले नेरल तक ट्रेन या बस से आना पड़ता है और फिर आगे की यात्रा टॉय ट्रेन, घोड़े की सवारी या पैदल पूरी करनी होती है, क्योंकि यहां वाहनों का प्रवेश सख्त वर्जित है।

    महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) – पश्चिमी घाट का मोती

    महाबलेश्वर महाराष्ट्र का ऐसा हिल स्टेशन है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए भी जाना जाता है। भारत में उगाई जाने वाली कुल स्ट्रॉबेरी का लगभग 85% उत्पादन यहीं से होता है जिससे इसे ‘भारत की स्ट्रॉबेरी नगरी’ भी कहा जाता है। यहां मिलने वाली स्ट्रॉबेरी की विभिन्न किस्में स्वाद और गुणवत्ता में विशेष होती हैं। मानसून के मौसम में महाबलेश्वर की झीलें, दर्शनीय पॉइंट्स और झरने पर्यटकों को खासा आकर्षित करते हैं। बरसात की हल्की ठंडी फुहारों के बीच फैली हरियाली और रोमांटिक वातावरण इसे प्रकृति प्रेमियों और यात्रियों के लिए और भी मनमोहक बना देता है।

    खास आकर्षण – आर्थर सीट पॉइंट, वेन्ना लेक, लिंगमाला वाटरफॉल सही हैं और ये मुख्य पर्यटक स्थल हैं।

    कैसे पहुंचे – महाबलेश्वर पुणे से लगभग 120 किलोमीटर दूर है और मुंबई से लगभग 260 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

    लोनावला और खंडाला (Lonavala – Khandala)

    मुंबई और पुणे के बीच बसे लोनावला और खंडाला को जुड़वां हिल स्टेशन कहा जाता है जो बरसात के मौसम में पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो जाते हैं। मुंबई से लगभग 80 – 90 किलोमीटर और पुणे से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ये हिल स्टेशन हरियाली से ढकी पहाड़ियों, झरनों और बादलों से घिरी वादियों के लिए मशहूर हैं। यहां घूमने आने वालों के लिए भुशी डैम, टाइगर लीप और प्राचीन कार्ला व भाजा की गुफाएं खास आकर्षण का केंद्र रहती हैं। बारिश में जब पानी से भरे झरने और झीलें अपनी पूरी रौनक में होते हैं तो लोनावला और खंडाला की सुंदरता और भी मनमोहक हो जाती है।

    भंडारदरा (Bhandardara) – झीलों और झरनों का स्वर्ग

    नासिक जिले में स्थित भंडारदरा एक शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो खासकर मानसून के मौसम में अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को आकर्षित करता है। बारिश के समय यहां की हरियाली से ढकी वादियाँ, बहते झरने और झीलें मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती हैं। रंधा फॉल्स, आर्थर लेक (जिसे भंडारदरा बांध भी कहा जाता है) और विल्सन डैम यहां के प्रमुख आकर्षण हैं जो बरसात में अपनी अद्भुत छटा बिखेरते हैं। दूरी की दृष्टि से भंडारदरा मुंबई से लगभग 165 किलोमीटर, इगतपुरी से करीब 45 किलोमीटर और नासिक से लगभग 70 – 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिससे यह वीकेंड यात्रा के लिए एक आदर्श गंतव्य बन जाता है।

    अंबोली (Amboli) – सह्याद्रि की छुपी हुई खूबसूरती

    सिंधुदुर्ग जिले में स्थित अंबोली को ‘महाराष्ट्र का चेरापूंजी’ कहा जाता है क्योंकि यहां राज्य में सबसे अधिक वर्षा होती है। मानसून के दौरान अंबोली का वातावरण हरियाली, घने कोहरे और झरनों की कल-कल ध्वनि से भर उठता है, जो पर्यटकों को स्वर्गीय अनुभव प्रदान करता है। यहाँ आने वालों के लिए अंबोली फॉल्स, हिरण्यकेशी मंदिर और महादेवगढ़ पॉइंट जैसे स्थल विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। दूरी की दृष्टि से अंबोली पुणे से लगभग 340 – 350 किलोमीटर और गोवा से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है। जिससे यह प्रकृति प्रेमियों और बारिश के दीवानों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन जाता है।

    मुलशी (Mulshi) – पुणे के पास झील और पहाड़ियों का संगम

    पुणे जिले में स्थित मुलशी झील और मुलशी डैम मानसून के मौसम में अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेते हैं। पुणे से मात्र 35 – 40 किलोमीटर और मुंबई से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर बसे इस स्थल के चारों ओर फैली सह्याद्रि की हरियाली से ढकी पहाड़ियाँ, झरने और ट्रेकिंग के रास्ते प्रकृति प्रेमियों को एक अद्भुत अनुभव कराते हैं। बारिश में जब बादल पहाड़ियों को ढक लेते हैं और झील का पानी छलक उठता है, तो इसका दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है। यह स्थान खासतौर पर नेचर लवर्स और फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग से कम नहीं माना जाता।

    तोरणमाल (Toranmal) – सतपुड़ा की गोद में

    नंदुरबार जिले की सतपुड़ा पर्वतमाला में बसा तोरणमाल एक शांत और आकर्षक हिल स्टेशन है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां सातपुड़ा झील, यशवंत लेक, सीता खाई, गोरखनाथ मंदिर और सेवन स्टेप्स वॉटरफॉल जैसे दर्शनीय स्थल पर्यटकों को खूब लुभाते हैं। दूरी की दृष्टि से तोरणमाल नंदुरबार से लगभग 80 – 85 किलोमीटर और शाहदा शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। वहीं, मुंबई से इसकी दूरी लगभग 465 किलोमीटर, सूरत से 258 किलोमीटर और नासिक से लगभग 295 किलोमीटर है। प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता का संगम होने के कारण यह स्थान मानसून में घूमने के लिए बेहद खास माना जाता है।

    मावल (Maval) – प्रकृति और इतिहास का संगम

    पुणे जिले के पास स्थित मावल क्षेत्र ट्रेकिंग और एडवेंचर प्रेमियों के लिए बेहद लोकप्रिय गंतव्य है। सह्याद्रि की पहाड़ियों से घिरा यह इलाका इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है। यहां टिकोना किला, लोहगढ़ किला और पावना लेक जैसे स्थल खास आकर्षण हैं, जो पर्यटकों और ट्रेकर्स दोनों को अपनी ओर खींचते हैं। दूरी की बात करें तो मावल पुणे से लगभग 35 – 40 किलोमीटर और मुंबई से करीब 110 – 115 किलोमीटर दूर स्थित है। जगह-जगह हरियाली और रोमांचक रास्तों के कारण यह स्थान वीकेंड ट्रिप के लिए एकदम उपयुक्त माना जाता है।

    चिखलदरा (Chikhaldara) – विदर्भ का अनोखा हिल स्टेशन

    महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित चिखलदरा विदर्भ क्षेत्र का एकमात्र हिल स्टेशन है, जो अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के कारण खास पहचान रखता है। इसका नाम महाभारत की कथा से जुड़ा है जहाँ मान्यता है कि भीम ने यहीं पर कीचक का वध किया था। मानसून के दौरान चिखलदरा की वादियाँ, घने जंगल और झरने एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करते हैं जो सैलानियों को प्रकृति की गोद में ले जाते हैं। यहाँ मेलघाट टाइगर रिजर्व, भीमकुंड और महादेवगढ़ पॉइंट जैसे दर्शनीय स्थल प्रमुख आकर्षण हैं। दूरी की दृष्टि से चिखलदरा अमरावती से लगभग 80 – 82 किलोमीटर दूर स्थित है, जिससे यह विदर्भवासियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया है।

    इगतपुरी (Igatpuri) – बारिश के मौसम का रोमांच

    नासिक जिले में स्थित इगतपुरी एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है जो मानसून के दौरान अपनी खूबसूरती से पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है। बारिश के मौसम में यहाँ की वादियाँ धुंध से ढक जाती हैं और जगह-जगह बहते झरने इसे और भी मनमोहक बना देते हैं। इगतपुरी न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों बल्कि ट्रेकिंग और मेडिटेशन करने वालों के लिए भी लोकप्रिय है। यहाँ स्थित धम्मगिरि मेडिटेशन सेंटर ध्यान साधना के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा त्रिंगलवाड़ी किला और भातसा नदी घाटी भी घूमने लायक प्रमुख स्थल हैं। मुंबई से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जगह मुंबई-नासिक एक्सप्रेसवे के जरिए आसानी से पहुँची जा सकती है।

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