Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पेरिस का सफर अब दोगुना महंगा! फ्लाइट और पैकेज के दाम आसमान पर
    • सीतापुर के रजत कुमार शुक्ल बने वाणिज्य कर अधिकारी, पिता करते हैं चौकीदारी
    • पहलगाम का अद्भुत मंदिर! जहां गणेश बने थे द्वारपाल, समर ट्रिप में जोड़ें यह पवित्र डेस्टिनेशन
    • चमत्कारों से भरा है माता रानी का ये मंदिर, दर्शन करने से मिलता है संतान प्राप्ति का वरदान
    • टिकट कैंसिलेशन पर बड़ा अपडेट: 72 घंटे पहले तक मिलेगा ज्यादा रिफंड
    • दिल्ली के पास छुपा फिल्मी खजाना, ‘Dhurandhar-2’ की ये लोकेशन कर देगी हैरान
    • UAE India Flights: मध्य पूर्व संकट में फंसे भारतीयों की वापसी तेज, कई देशों से स्पेशल फ्लाइट्स
    • Navratri Day 6: छठे दिन करें माँ कात्यायनी के इन मंदिरों के दर्शन, मिलेगा विशेष फल
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Prayagraj Tourism: त्रिवेणी संगम की दिव्यता, करीब से जाने प्रयागराज को
    Tourism

    Prayagraj Tourism: त्रिवेणी संगम की दिव्यता, करीब से जाने प्रयागराज को

    Janta YojanaBy Janta YojanaDecember 7, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Prayagraj Tourism (Image Credit-Social Media)

    Prayagraj Tourism

    Prayagraj Tourism: प्रयागराज, जिसे प्राचीन ग्रंथों में प्रयाग और तीर्थराज कहा गया है, भारत के सबसे पवित्र नगरों में से एक है। यह वही स्थान है जहाँ गंगा, यमुना और गुप्त सरस्वती का दिव्य संगम है। यही त्रिवेणी संगम हिंदू धर्म में मोक्ष–दायी स्थल माना गया है।

    यह शहर सदियों से आध्यात्मिकता, दर्शन, विद्या, साहित्य, राजनीति और संस्कृति का केंद्र रहा है। यह देश का एकमात्र नगर है जहाँ माघ मेला (हर वर्ष), कुम्भ (हर 6 वर्ष) और महाकुम्भ (हर 12 वर्ष) जैसे विश्व–महत्त्वपूर्ण आयोजन होते हैं, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु संगम में स्नान करने आते हैं।

    धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

    त्रिवेणी संगम

    संगम का दर्शन, नौकाविहार, पवित्र स्नान और संगम तट पर किए जाने वाले अनुष्ठान, प्रयागराज को विश्व पर्यटन के केंद्र में स्थापित करते हैं।

    यहां आधुनिक सुविधाओं जैसे LED आरती घाट, क्रूज सेवा और पर्यटन मार्गदर्शन केंद्रों का विकास हाल के वर्षों में तेज़ी से हुआ है।

    लेटे हनुमान जी मंदिर

    संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान जी का मंदिर—जहाँ हनुमान जी लेटी हुई अवस्था में विराजते हैं—प्रयागराज का अद्वितीय और अत्यंत प्रसिद्ध तीर्थ है।

    अलोपी देवी मंदिर

    यह देवी–स्थल भारत के उन कुछ शक्तिपीठों में से एक है जहाँ मूर्ति की बजाय अलोकिक शून्य–स्थल (अलोपी पीठ) की पूजा होती है।

    ललिता देवी मंदिर

    यह भी शक्तिपीठ माना जाता है और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत पूजनीय है।

    श्रृंगवेरपुर

    गंगा तट पर स्थित यह स्थान निषादराज गुह के राज्य का प्राचीन केंद्र माना जाता है।

    मान्यता है कि यहीं निषादराज ने भगवान राम को गंगा पार कराई थी।

    इतिहास, कला और स्थापत्य

    प्रयागराज किला (इलाहाबाद किला)

    सम्राट अकबर द्वारा 1583 में निर्मित यह किला संगम के पास स्थित है, जहाँ—

    * अशोक स्तंभ

    * सरस्वती कुआँ

    * पातालपुरी मंदिर

    आज भी प्रमुख आकर्षण हैं।

    खुसरो बाग

    मुगलकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना—जहाँ सलीम के पुत्र खुसरो और परिवार के मकबरे स्थित हैं।

    चंद्रशेखर आज़ाद पार्क (अल्फ्रेड पार्क)

    स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख इतिहास यहाँ दर्ज है।

    यहीं अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद ने अंग्रेजों से अंतिम संघर्ष किया था।

    आनंद भवन एवं नेहरू–परिवार का इतिहास

    प्रयागराज भारत की राजनीति और स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र रहा है—

    * आनंद भवन

    * स्वराज भवन

    यहाँ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल हैं (इन्हें चाहें तो आप अपने लेख में शामिल कर सकते हैं)।

    शिक्षा और सांस्कृतिक पहचान

    प्रयागराज भारत की शैक्षणिक राजधानी भी रहा है।

    * इलाहाबाद विश्वविद्यालय (1887) — पूर्वी भारत का “ऑक्सफोर्ड” कहा जाता है।

    * मोटिलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT)

    * इस्लामिया कॉलेज

    * सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों का बड़ा नेटवर्क

    — प्रयागराज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है।

    उद्योग और आधुनिक पहचान

    प्रयागराज में परंपरागत और आधुनिक दोनों प्रकार के उद्योग विकसित हैं—

    * कृषि–उद्योग (धान, गेहूँ, सब्ज़ियाँ)

    * संगम और religious-tourism आधारित उद्यम

    * बुनाई, लकड़ी, फर्नीचर उद्योग

    * शिक्षा–सेवा आधारित बिज़नेस

    * हाल के वर्षों में संगम तट पर विकसित क्रूज, रोपे–वे, LED घाट और स्मार्ट–सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर ने पर्यटन को नई पहचान दी है।

    प्रमुख पर्यटक स्थल

    * त्रिवेणी संगम

    * लेटे हनुमान जी मंदिर

    * अलोपी देवी मंदिर

    * ललिता देवी मंदिर

    * श्री अखिलेश्वर महादेव

    * श्रृंगवेरपुर

    * खुसरो बाग

    * मिंटो पार्क (मदन मोहन मालवीय पार्क)

    * प्रयागराज फोर्ट

    * चंद्रशेखर आज़ाद पार्क

    * जवाहर तारामंडल

    * संग्रहालय

    * नवीन रामूना ब्रिज

    * सरस्वती घाट (नवीन पर्यटन विकास के साथ उभरता प्रमुख स्थल)

    * कुम्भ मेला थीम–गैलरी और संगम तट का आधुनिक कॉरिडोर

    पहुंच मार्ग

    सड़क मार्ग

    – NH 330, NH 19, NH 30 और NH 35

    रेल मार्ग

    – प्रयागराज जंक्शन

    – प्रयागराज सिटी

    – प्रयागराज छिवकी

    हवाई मार्ग

    – प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) – शहर से 10–12 किमी

    – लखनऊ, वाराणसी और कानपुर एयरपोर्ट भी निकट विकल्प हैं

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleDevprayag Mein Ghoomne ki Jagah: देवप्रयाग — संस्कृतियों, आस्था और प्रकृति का पवित्र संगम
    Next Article धरती पर बसा है ‘नरक का मंदिर’! अंदर जाने वाले अब तक हैं गायब
    Janta Yojana

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    Related Posts

    पेरिस का सफर अब दोगुना महंगा! फ्लाइट और पैकेज के दाम आसमान पर

    April 1, 2026

    पहलगाम का अद्भुत मंदिर! जहां गणेश बने थे द्वारपाल, समर ट्रिप में जोड़ें यह पवित्र डेस्टिनेशन

    March 30, 2026

    चमत्कारों से भरा है माता रानी का ये मंदिर, दर्शन करने से मिलता है संतान प्राप्ति का वरदान

    March 27, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    सीतापुर के रजत कुमार शुक्ल बने वाणिज्य कर अधिकारी, पिता करते हैं चौकीदारी

    March 31, 2026

    ‘किस आधार पर तैयार किया गया प्रश्नपत्र’ GPSC विवाद पर गुजरात हाई कोर्ट की आयोग को फटकार

    March 17, 2026

    NMC का बड़ा फैसला, ऑनलाइन MBBS करने वाले छात्रों को विदेश में पूरी करनी होगी पढ़ाई

    March 17, 2026
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.