Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Noida Flower Show: नोएडा में 19 से 22 फरवरी तक भव्य फ्लावर शो, फूलों से सजेगा केदारनाथ मंदिर
    • Indian Railways Fare Structure:आरएसी टिकट पर पूरा किराया क्यों? ‘सुपरफास्ट’ ट्रेनें इतनी धीमी क्यों?
    • Indri Dham Prayagraj: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: प्रयागराज के इंद्री धाम का होगा सौंदर्यीकरण
    • सफारी में अब नो मोबाइल! कॉर्बेट नेशनल पार्क में 5 फरवरी से लागू हुआ सख्त नियम
    • Sarus Crane Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बढ़ा सारसों का कुनबा, शीतकालीन गणना में रिकॉर्ड संख्या
    • Rampur Miraculous Well: जानिए क्या है 1000 साल पुराने रामपुर के इस कुएं का रहस्य
    • पहाड़, झील और समंदर के ऊपर उड़ान, दुनिया की सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग जगहें
    • भारत के टॉप 5 सबसे हॉन्टेड होटल्स, जहाँ एक रात गुज़ारना भी बन सकता है बेहद खतरनाक
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Sonbhadra News: शिवशक्ति धाम.. गिरिजाशंकर धाम जहां एक शिवलिंग में हैं शिव-पार्वती
    Tourism

    Sonbhadra News: शिवशक्ति धाम.. गिरिजाशंकर धाम जहां एक शिवलिंग में हैं शिव-पार्वती

    Janta YojanaBy Janta YojanaApril 4, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Sonbhadra News (Image From Social Media)

    Sonbhadra News (Image From Social Media)

    Sonbhadra News: पूरे देश में नवरात्र की धूम है। देवी मंदिरों-शक्तिपीठों में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों के साथ ही, घरों में कलश स्थापित कर मां आदिशक्ति की पूजा-अर्चना का क्रम जारी है। सोनभद्र में भी दो शक्तिपीठों की मान्यता के साथ ही, मां के कई सिद्धपीठ मौजूद हैं। इसी में एक पीठ है राबटर्सगंज ब्लाक के बहुआर ग्राम पंचायत स्थित गिरिजाशंकर धाम। जिला मुख्यालय से महज, छह से आठ किमी की दूरी पर मौजूद इस धाम के गर्भगृह में एक ऐसा शिवलिंग स्थापित हैं, जिसमें सिर्फ भगवान शिव ही नहीं, मां पार्वती के भी दर्शन होते हैं। मां आदिशक्ति को गिरिजा यानी पार्वती रूप में यहां विद्यमान होने की भी मान्यता है। यहां की एक किंवदंती, मां कामाध्या से जुड़़ी किंवदंती से मिलती-जुलती दिखाई देती है। पथरीले रास्ते और कंडाकोट यानी त्रिकूट पहाड़ की ऊंची चढ़ाई चढ़ने के बाद भक्त जब, गर्भगृह के सामने पहुंचते हैं तो सारी थकान छूमंतर हो जाती है। पहाड़ी से दिखने वाला प्राकृतिक सौंदर्य भी, तन-मन दोनों को आनंदित कर देता है। इसे शिव शक्ति धाम भी कहते हैं।

    – प्रमुख पर्वों-दिवसों पर उमड़ती है भक्तों की भारी भीड़

    कैमूर-वन्य जीव विहार की महुअरिया ब्लैक बक घाटी के पास वाली एरिया में स्थापित यह स्थल जहां कंडाकोट महादेव और गिरिजाशंकर धाम के रूप में विख्यात है। वहीं, यहां दुगर्म रास्ता और कठिन चढ़ाई के बावजूद श्रावण सोमवार, बसंत पंचमी, शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। प्रमुख पर्वों पर यहां मेले का भी आयोजन किया जाता है। बसंत पंचमी पर नौ दिवसीय रूद्रचंडी महायज्ञ का आयोजन होता है, जिसमें विख्यात संतों का जमावड़ा भी देखने को मिलता है।

    – इकलौता शिवलिंग, जिसका मां पार्वती के रूप में होता है श्रृंगार

    मंदिर में स्थापित शिवलिंग को जहां अर्धनारीश्वर स्वरूप की मान्यता है। वहीं, यह सोनभद्र ही नहीं, पूर्वांचल का एकलौता ऐसा शिवलिंग है, जिसका श्रृंगार, शिव के रूप में नहीं, बल्कि मां गिरिजा के रूप में किया जाता है। सिंदूर का चोला चढ़ाई जाने के साथ, शिव-शक्ति के इस स्वरूप को चुनरी, नारियल और श्रृंगार सामग्री बेहद प्रिय होने की मान्यता है। हालांकि इस शिवलिंग की पूजा शिव के रूप में भी की जाती है। रूद्राभिषेक के साथ ही, शिव के रूप में श्रंगार के साथ, शिव को प्रिय वस्तुएं भी अर्पित की जाती हैं लेकिन कई बार इस शिविलंग की मां गिरिजा के रूप में पूजन-श्रृंगार का नजारा, शिव-शक्ति में आस्था में रखने श्रद्धालुओं को आह्लादित कर देता है।

    – कभी दिव्य प्रकाश तो कभी संगीत सुनाई देने का होता है दावा

    यहां रात में रूकने वाले कभी मंदिर के शिखर पर दिव्य प्रकाश दिखने तो कभी गर्भगृह से संगीत सुनाई देने का दावा करते हैं। एक अज्ञात पुंज की तरफ से चांदनी रात में मंदिर की परिक्रमा किए जाने का भी दावा सुनने को मिलता रहता है। कंडाकोट सेवा ट्रस्ट के प्रबंधक धनंजय त्रिपाठी और अध्यक्ष सर्वेश त्रिपाठी भी इस मंदिर के साथ कई किंवदंतियां और चमत्कारों को जुड़ा होने का दावा करते हैं। मंदिर तक यज्ञ, मेले एवं पर्व विशेष के आयोजनों के जरूरी सामग्री, जरूरी संसाधन पहुंचा पाना चुनौती भरा होता है लेकिन भक्तों का जुनून, रास्ते में आने वाली कठिनाई और कठिन चढ़ाई दोनों को आसान बना देता है।

    – रह चुकी है कण्व ऋषि की तपोस्थली, अज्ञातवास बिताने पहुंचे थे पांडव

    त्रिकूट पर्वत स्थित गिरिजाशंकर धाम के बारे में कई किंवदंतियां सुनने को मिलती है। इस स्थल को कण्व ऋषि के तपोस्थली की मान्यता तो है ही, कण्व ऋषि के कर्नाटक में रह रहे वंशजों की तरफ से यहां उनकी भव्य मूर्ति भी स्थापित की जा चुकी है। भरत-शकुंतला की कहानी से भी इस स्थल को जोड़कर चर्चा होती रहती है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों के यहां आने और यहां से आगे बढ़ने पर, कोन क्षेत्र में मां कुंती को प्यास लगने पर, अर्जुन द्वारा बाण मारकर पांडु नदी का उद्गम किए जाने की मान्यता है।

    – मां कामाख्या मंदिर के निर्माण से मिलती-जुलती है यहां की किंवदंतीः

    वहीं, इस स्थल को कंडाकोट, कोट यानी दुर्ग का दर्जा मिलने के पीछे भी, एक अलग और खासी रोचक कहानी है। यहां का लोगों का दावा है कि जिस समय चंद्रकांता के तिलिस्मि दुर्ग विजयगढ़ का निर्माण शुरू हुआ। उसी समय कंडाकोेट का भी निर्माण शुरू हुआ। चर्चाओं में दावा किया जाता है कि दोनों जगह पर निर्माण दो दैत्यों द्वारा शुरू किया गया। शर्त रखी गई थी कि जिसका निर्माण पहले होगा, वह दीपक जला देगा और वह हारने वाली की हत्या कर देगा।

    क्या है कहानी

    किंवदंती है कि विजयगढ़ दुर्ग के निर्माण के समय टांकी गिर गई जिसे ढूंढने के लिए, दीपक जलाना पड़ा। यह देख कंडाकोट का निर्माण कर रहे, कथित दैत्य यानी व्यक्ति ने समझा कि, उसका निर्माण पूरा हो गया और मारे जाने के डार से वह कंडाकोट का निर्माण अधूरा छोड़़कर ही भाग खड़ा हुआ। कंडाकोट पहाड़ी के छोरों पर चिनाई के अवशेष और कहीं-कहीं चट्टानों में टांकी मारने जैसे निशानों को इसी किंवदंती से जोड़कर देखा जाता है। बता दें कि कामाख्या धाम में भी मां पार्वती ने नरकासुर के सामने एक ही रात में सीढ़ियों के निर्माण की शर्त रखी थी जो मुर्गे के बांग देने पर अधूरा रह गया था।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleयुद्ध विराम की पेशकश करने वाले माओवादी आये कहाँ से?
    Next Article स्पीकर जगदीप धनखड़ और AAP सांसद राघव चड्ढा के बीच हुई नोकझोंक,पूछा क्यों हैं आप इतने obsessed?
    Janta Yojana

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    Related Posts

    Noida Flower Show: नोएडा में 19 से 22 फरवरी तक भव्य फ्लावर शो, फूलों से सजेगा केदारनाथ मंदिर

    February 6, 2026

    Indian Railways Fare Structure:आरएसी टिकट पर पूरा किराया क्यों? ‘सुपरफास्ट’ ट्रेनें इतनी धीमी क्यों?

    February 5, 2026

    Indri Dham Prayagraj: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: प्रयागराज के इंद्री धाम का होगा सौंदर्यीकरण

    February 5, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    एग्जाम सेंटर पर रही अनुपस्थित, फिर भी बनी राज्य टॉपर, अब मिली 5 साल जेल की सजा

    February 2, 2026

    लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, IIM कोझिकोड ने घोषित किए CAT 2025 के नतीजे

    December 24, 2025

    मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में किया शिरकत, गरीब बच्चों की शिक्षा पहल की खुले दिल से प्रशंसा की

    November 1, 2025
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.