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बिहार के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस दावे को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में अब भी दर्ज है और उनका EPIC नंबर RAB0456228 पहले की तरह वैध और सक्रिय है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के समय इसी EPIC नंबर का उल्लेख किया था, और वही अब भी उनके नाम से जुड़ा हुआ है। 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में भी उनका नाम उसी बूथ और क्रम संख्या के साथ दर्ज है।
EPIC नंबर को लेकर हुआ था विवाद
तेजस्वी यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में EPIC नंबर RAB2916120 का हवाला दिया था। जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ। चुनाव आयोग की जांच में पाया गया कि यह नंबर अस्तित्वहीन है। यह न तो किसी आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज है न ही इसके कोई वैध रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।
आयोग ने 10 साल पुराने रिकॉर्ड खंगालने के बाद संकेत दिया है कि यह EPIC नंबर शायद कभी विधिवत जारी ही नहीं हुआ था। इसकी प्रामाणिकता को लेकर अब विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह कोई जाली दस्तावेज था।
सम्राट चौधरी और जेडीयू ने उठाए सवाल
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने समर्थकों के लिए दो-दो वोटर कार्ड बनवाए होंगे। वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी मांग की है कि तेजस्वी के दो EPIC नंबर के मामले की जांच होनी चाहिए।
EPIC नंबर में बदलाव की प्रक्रिया क्या है?
चुनाव आयोग के अनुसार, EPIC नंबर तभी बदला जा सकता है जब किसी व्यक्ति को डुप्लिकेट EPIC जारी हो गया हो या कोई गंभीर लिपिकीय या तकनीकी त्रुटि हो गई हो। यह बदलाव केवल प्रशासनिक स्तर पर, स्थानीय ERO (Electoral Registration Officer) के माध्यम से होता है व्यक्तिगत मांगों या राजनीतिक निर्देशों पर नहीं।
EPIC नंबर की भूमिका
EPIC नंबर (Electors Photo Identity Card) हर भारतीय मतदाता की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जो मतदाता पहचान पत्र पर छपी होती है। यह संख्या यह साबित करती है कि संबंधित व्यक्ति भारत का पंजीकृत मतदाता है और इसी के आधार पर चुनावों में मतदान किया जा सकता है।Tejashwi Yadav’s Claim Dismissed: Election Commission Confirms His Name Still in Voter List