Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • NCERT ने हटाया कक्षा 8 की किताब से विवादित अध्याय, सार्वजनिक रूप में माफी भी मांगने का किया फैसला
    • 8 मार्च को काशी विश्वनाथ धाम में महिलाओं के लिए फ्री दर्शन, मंदिर प्रशासन की विशेष व्यवस्था
    • नवरात्रि में यहाँ होता है माँ का तीन विशेष रूपों में पूजन,आदिवासियों की कई तरह की हैं मान्यताएं
    • Navratri 2026: नवरात्रि पर भक्तों की उमड़ती है यहाँ भारी भीड़, श्मशान घाट पर बना है ये काली मंदिर
    • चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कपाट खुलने की तिथियां
    • होली के दिन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का चला अभियान, नशे में ड्राइव करने वालों पर हुई सख्ती
    • Kiradu Temple Mystery:शाम होते ही वीरान हो जाता है बाड़मेर का किराडू मंदिर, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
    • Bhopal Railway Crowd : त्योहार के बीच भोपाल के स्टेशनों पर उमड़ी भीड़, रेलवे प्रशासन अलर्ट
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » महाराष्ट्र्ः एनसीपी के दोनों पवार गुट अब पार्टी में एकता क्यों चाहते हैं
    भारत

    महाराष्ट्र्ः एनसीपी के दोनों पवार गुट अब पार्टी में एकता क्यों चाहते हैं

    By January 2, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मां आशा पवार ने बुधवार को पंढरपुर का दौरा किया और वहां के मंदिर में अजित और उनके चाचा और एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार के पुनर्मिलन के लिए प्रार्थना की। महाराष्ट्र में यह परंपरा है कि नए साल पर लोग मंदिर में जाकर कोई न कोई विशेष प्रार्थना करते हैं। हालांकि आशा पवार की प्रार्थना दोनों परिवारों के पुनर्मिलन के लिए थी लेकिन उसके राजनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं।

    महाराष्ट्र चुनाव नतीजों के आने के एक महीने से भी कम समय में “पुनर्मिलन” की इच्छा रखने वाली आशा अकेली नहीं हैं। और भी लोग इसके लिए प्रयासरत हैं। पहल अजित पवार की तरफ से ज्यादा है। हालांकि शरद पवार की छत्रछाया में राजनीतिक रूप से पला-बढ़ा उनका भतीजा लंबे समय तक उनके नक्शे कदम पर चलता रहा लेकिन महत्वाकांक्षी होने की वजह से एक दिन विद्रोह कर दिया। लेकिन अब आशा पवार की प्रार्थना कितनी सुनी जाएगी, यह समय बतायेगा, क्योंकि ऐसा होने पर महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण फिर बदल जाएंगे।

    पढंरपुर में विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन करने के बाद आशा पवार जैसे ही बाहर निकली, रिपोर्टरों का कैमरा तैयार था। आशा ने कहा- “सभी विवाद खत्म होने चाहिए…शरद पवार और अजित पवार को फिर से एक होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि उन्होंने “अजित पवार की सभी इच्छाएं” पूरी होने के लिए भी प्रार्थना की है। अजित पवार गुट के एक और नेता प्रफुल्ल पटेल भी फौरन सामने आये और एकता की गुहार लगाई। प्रफुल्ल पटेल ने कहा- शरद पवार हमारे देवता हैं। हमारे मन में उनके प्रति उच्चस्तरीय सम्मान है। अगर पवार परिवार एक साथ आता है तो इससे हमें बेहद खुशी होगी। मैं खुद को पवार परिवार का सदस्य मानता हूं।

    एनसीपी विधायक नरहरि ज़िरवाल ने भी यही बात दोहराई। जिरवाल ने कहा, “शरद पवार साहब को छोड़ना (जून 2023 में विभाजन के बाद) अजीब लगा। तमाम लोग ऐसा ही महसूस करते हैं। अब मैं उनके पास जाऊंगा और उनसे (और अजित से) साथ आने का आग्रह करूंगा। पवार साहब समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”

    एनसीपी प्रवक्ता अमोल मितकारी ने कहा कि चाचा-भतीजे की जोड़ी एक साथ आ सकती है, अगर दोनों कोशिश करें। लेकिन कुछ नेता जैसे कि जितेंद्र अव्हाड (शरद पवार के प्रमुख सहयोगी) और रोहित पवार (शरद पवार के पोते) इसमें “बाधा” डाल सकते हैं। मितकारी ने कहा, “उन्हें कभी पसंद नहीं आएगा कि दोनों एक साथ आएं… लेकिन आशा ताई की प्रार्थनाएं दोनों एनसीपी समूहों के प्रत्येक कार्यकर्ता की प्रार्थना हैं… हम सभी को लगता है कि हमें एकसाथ आना चाहिए।”

    नवंबर में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (सपा) छह प्रमुख पार्टियों में से अंतिम स्थान पर रही और उसने जिन 86 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें से केवल 10 पर जीत हासिल की। दोनों एनसीपी ने 36 निर्वाचन क्षेत्रों में एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की, जिसमें एनसीपी अजित पवार ने 29 सीटें जीतीं, जिसमें बारामती का पवार खानदान का क्षेत्र भी शामिल है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleLucknow Best Restaurant: लखनऊ में यहाँ मिलेगा आपको सबसे बेस्ट खाना, बेहद खूबसूरत है ये जगह
    Next Article Elections In 2025: नए साल में लड़ी जाएगी दो बड़ी सियासी जंग, दिल्ली और बिहार का चुनाव क्यों माना जा रहा अहम

    Related Posts

    ट्रंप की तकरीर से NATO में दरार!

    June 25, 2025

    ईरान ने माना- उसके परमाणु ठिकानों को काफी नुकसान हुआ, आकलन हो रहा है

    June 25, 2025

    Satya Hindi News Bulletin। 25 जून, शाम तक की ख़बरें

    June 25, 2025
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    NCERT ने हटाया कक्षा 8 की किताब से विवादित अध्याय, सार्वजनिक रूप में माफी भी मांगने का किया फैसला

    March 10, 2026

    NCERT में ‘न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर SC की लताड़, कहा- न्यायपालिका को बदनाम नहीं करने दूंगा

    February 25, 2026

    गाजियाबाद घटना के बाद महिला आयोग सख्त, ऑनलाइन होमवर्क पर लगाई रोक  

    February 7, 2026
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.