
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को यह स्पष्ट किया कि आरएसएस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी फैसलों को नियंत्रित नहीं करता। भाजपा के नए अध्यक्ष की घोषणा में हो रही देरी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बातें पूरी तरह गलत और निराधार हैं। भागवत ने कहा, “मैं कई सालों से संघ चला रहा हूँ और भाजपा सरकार चला रही है। हम केवल सलाह देते हैं, फैसले नहीं लेते। अगर हम फैसले ले रहे होते तो इसमें इतना समय नहीं लगता। हम फैसला नहीं करते, आप अपना समय लें।”
भागवत ने यह भी कहा कि आरएसएस और भाजपा के बीच विचारों में भले ही मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन में कभी कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि संघ केंद्र और राज्य सरकारों दोनों के साथ समन्वय करता है, लेकिन अंतिम निर्णय का अधिकार पूरी तरह भाजपा के पास होता है। उन्होंने साफ किया कि संगठन शासन या राजनीतिक नियुक्तियों में कोई हस्तक्षेप नहीं करता है और केवल सुझाव देने तक सीमित है।