
Politician Anil Ferozia (Image Credit-Social Media)
Politician Anil Ferozia (Image Credit-Social Media)
Politician Anil Ferozia: भारतीय राजनीति में कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने जनसेवा के उद्देश्य को अपनी प्राथमिकता बनाकर जनता का दिल जीता है। मध्य प्रदेश के उज्जैन से लोकसभा सांसद अनिल फिरोजिया भी ऐसे ही एक जनप्रतिनिधि हैं जिन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की शुरुआत कर संसद तक का सफर तय किया। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता, फिरोजिया की पहचान एक कर्मठ, मिलनसार और जनता के लिए सदैव उपलब्ध रहने वाले नेता के रूप में है। 2013 में तराना विधानसभा से लेकर 2019 में उज्जैन लोकसभा सीट से ऐतिहासिक जीत तक, उनका सफर कई उपलब्धियों और सामाजिक योगदानों से भरा हुआ है।
अनिल फिरोजिया वर्तमान में उज्जैन लोकसभा क्षेत्र से सांसद (17वीं लोकसभा) हैं और संसद की कई महत्वपूर्ण समितियों के सक्रिय सदस्य हैं। 14 जुलाई को अनिल फिरोजिया के जन्मदिवस के मौके पर आइए जानते हैं इनके राजनैतिक सफर से जुड़ी उपलब्धियों के बारे में –
जन्म और प्रारंभिक जीवन

अनिल फिरोजिया का जन्म 14 जुलाई 1971 को मध्य प्रदेश के पवित्र नगरी उज्जैन में हुआ था। उनके पिता का नाम भूरेलाल फिरोजिया और माता का नाम जावेत्री फिरोजिया है। उनका पालन-पोषण एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ, जहां उन्हें मेहनत, ईमानदारी और समाज सेवा के संस्कार मिले। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध उज्जैन की भूमि ने उनके व्यक्तित्व में संतुलन और जनसंवेदनशीलता को गहराई से आत्मसात करने में अहम भूमिका निभाई।
शिक्षा और निजी जीवन
फिरोजिया की प्रारंभिक शिक्षा उज्जैन में ही हुई। इसके बाद उन्होंने शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, उज्जैन से वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा के दौरान ही उनमें समाजसेवा की ललक जागी और वे युवाओं की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने लगे।
उनका विवाह संध्या फिरोजिया से हुआ है। जो एक शिक्षित और सामाजिक दृष्टि से जागरूक महिला हैं। इस दंपति की दो बेटियां हैं, जिनकी परवरिश आधुनिक शिक्षा और संस्कारों के समन्वय के साथ की जा रही है।
राजनीतिक करियर की शुरुआत

अनिल फिरोजिया ने भारतीय जनता पार्टी से सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। उनका राजनीतिक सफर 2013 में उस समय नया मोड़ लेता है जब उन्हें उज्जैन जिले के तराना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने टिकट दिया और वे भारी मतों से विजयी होकर मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे। 2013 से 2018 तक तराना के विधायक रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में सड़कों, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए ठोस प्रयास किए।
उज्जैन से लोकसभा सांसद बनने का सफर
2019 का आम चुनाव अनिल फिरोजिया के राजनीतिक करियर के लिए निर्णायक साबित हुआ। भाजपा ने उन्हें उज्जैन लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था और फिरोजिया ने यहां से कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल मालवीय को 5,54,293 मतों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें राष्ट्रीय पटल पर एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया। उज्जैन लोकसभा क्षेत्र, जो धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, वहां की जनता ने उन्हें एक जनसेवक के रूप में स्वीकारा और समर्थन दिया।
संसद में सक्रियता और पद
सांसद बनने के बाद अनिल फिरोजिया ने संसद में भी अपनी भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाया।
वर्तमान में वे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति (सदस्यता: 24 जुलाई 2019 से), खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण पर स्थायी समिति (सदस्यता 13 सितंबर 2019 से),
विदेश मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति (सदस्यता 13 सितंबर 2019 से) आदि समितियों के सदस्य हैं। इन समितियों में रहते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय, उपभोक्ता अधिकारों, खाद्य वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और विदेश नीति पर कई अहम सुझाव दिए।
सामाजिक सरोकार और जनसेवा
अनिल फिरोजिया का पूरा राजनीतिक जीवन समाजसेवा को समर्पित रहा है। वे हमेशा अपने क्षेत्र के वंचित, गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए प्रयासरत रहते हैं। उनके प्रयासों से उज्जैन लोकसभा क्षेत्र के कई गांवों में सड़कों का निर्माण हुआ, पीने के पानी की व्यवस्था सुधारी गई और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हुआ। उन्होंने उज्जैन में स्मार्ट सिटी योजना, अमृत योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया। वे समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों में भी भाग लेते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा

फिरोजिया युवाओं को राजनीति में भागीदारी और राष्ट्रनिर्माण की ओर प्रेरित करते हैं। वे छात्रों के बीच जाकर संवाद करते हैं, उन्हें सकारात्मक सोच और राष्ट्रभक्ति के साथ जीवन जीने की सलाह देते हैं। वे मानते हैं कि ‘राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि सत्ता का साधन।’
कोरोना काल में सक्रिय भूमिका
कोविड-19 महामारी के दौरान अनिल फिरोजिया ने राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अपने संसदीय निधि से मेडिकल उपकरण, मास्क, सैनिटाइजर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि की व्यवस्था की। उन्होंने जरूरतमंदों तक राशन और दवाइयां उपलब्ध कराई और क्षेत्र में वैक्सीनेशन ड्राइव को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।
जनता से जुड़ाव और भविष्य की योजनाएं
अनिल फिरोजिया की कार्यशैली सरल, पारदर्शी और आमजन से जुड़ी हुई है। वे अपने संसदीय कार्यालय में नियमित जनसुनवाई करते हैं, मोबाइल पर उपलब्ध रहते हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद कायम रखते हैं। वे शिकायतों का त्वरित निपटारा कराने में विश्वास रखते हैं।
फिरोजिया उज्जैन को धार्मिक पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। महाकाल लोक परियोजना, रेलवे विस्तार, हवाई सेवा का विस्तार, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीन मेडिकल कॉलेज जैसी योजनाएं उनके एजेंडे में शामिल हैं। वे उज्जैन के युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्रों की स्थापना और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता देते हैं। अनिल फिरोजिया भारतीय राजनीति के उन जनप्रतिनिधियों में से हैं जो विकास और जनसेवा को अपना ध्येय मानते हैं। एक सामान्य पृष्ठभूमि से आकर उन्होंने ईमानदारी, समर्पण और मेहनत से स्वयं को स्थापित किया है। उज्जैन की जनता उन्हें सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानती है। उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण से यह स्पष्ट होता है कि वे उज्जैन को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।