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    Home » Chhari Dhandh Wetland: कच्छ का छारी-ढंढ वेटलैंड बना रामसर साइट, 283 से ज्यादा पक्षियों का है बसेरा
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    Chhari Dhandh Wetland: कच्छ का छारी-ढंढ वेटलैंड बना रामसर साइट, 283 से ज्यादा पक्षियों का है बसेरा

    Janta YojanaBy Janta YojanaFebruary 10, 2026No Comments2 Mins Read
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    Chhari Dhandh Wetland (Image Credit-Social Media)

    Chhari Dhandh Wetland

    Chhari Dhandh Wetland: कच्छ जिले के छारी-ढंढ कंजर्वेशन रिजर्व को हाल ही में रामसर साइट का दर्जा मिला है। इस आर्द्रभूमि के आसपास 283 से अधिक प्रजातियों के पक्षी दर्ज हुए हैं, परंतु यहां देखे जाने वाले दुर्लभ एवं प्रवासी पक्षी दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इन पक्षियों में ग्रे हाइपोकोलियस मुख्य आकर्षण का केंद्र है। गुजराती में इसे ‘मस्कती लटोरो’ कहते हैं।

    ग्रे हाइपोकोलियस सबसे विशिष्ट तथा आकर्षक पक्षी है। पतली काया वाला यह पक्षी इराक, ईरान, अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में प्रजनन करता है और 1990 से कच्छ के छारी-ढंढ के आर्द्रभूमि क्षेत्र में शीत ऋतु बिताने आता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार ग्रे हाइपोकोलियस सामान्यतः शुष्क झाड़ीदार क्षेत्रों, मरु (रण) प्रदेशों एवं निकटवर्ती कृषि क्षेत्रों में देखने को मिलते हैं। वे ज्यादातर छोटे समूहों में देखे जाते हैं तथा फलदार पेड़ों और झाड़ियों के फल-बेर उनका आहार होते हैं। विशेषकर, इस पक्षी को पिलुडी के फल ‘पीलु’ अति प्रिय हैं। शीत ऋतु के महीनों में दुनियाभर के पक्षीप्रेमी तथा शोधकर्ता इस दुर्लभ प्रवासी पक्षी को देखने के लिए छारी-ढंढ जरूर आते हैं।

    पक्षी निरीक्षक कहते हैं कि ग्रे हाइपोकोलियस अक्टूबर-नवंबर के दौरान फुलाय गांव के झाड़ीदार जंगलों में आते हैं और मार्च या अप्रैल तक यहां रहते हैं। यह पक्षी मुख्यतः साल्वाडोरा पर्सिका के पके हुए बेर (स्थानीय रूप से ‘पिलुडी’ या ‘खारी जार’) पर निर्भर रहता है। इसके अतिरिक्त, यह ‘टांकरा’ नाम से जाने जाने वाले पौधे के फूलों के बेर भी खाता है।

    एक शोध के अनुसार 22 और 23 मार्च, 1960 को कच्छ के बड़े रण में कुआर बेट (टापू) से ग्रे हाइपोकोलियस के दो नमूने एकत्र किए गए थे। इसके बाद 23 जनवरी, 1990 को पक्षीविद् एस. एन. वरु ने बन्नी के घास के मैदानों में स्थित फुलाय गांव में एक मादा ग्रे हाइपोकोलियस को देखा था। उनके इस निरीक्षण को एक महत्वपूर्ण पुनःशोध माना जाता है।

    छारी-ढंढ वेटलैंड में ग्रे हाइपोकोलियस को देखने के लिए यह सबसे विश्वसनीय एवं श्रेष्ठ स्थल माना जाता है, जिसके कारण यह स्थल वैश्विक पर्यटकों, पक्षीप्रेमियों तथा वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए मुख्य आकर्षण बन गया है।

    इसके अतिरिक्त, व्हाइट-नेप्ड टिट पक्षी को देखने के लिए भी पर्यटक आते हैं। यह पक्षी दुनियाभर में केवल भारत में और सबसे अधिक कच्छ में देखने को मिलता है।

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