Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जानिए क्या है इंडिगो की “सेल इंटू 2026”, बेहद कम होगा किराया, बच्चों के लिए 1 रूपए का होगा सफर
    • एक बार बैठ गए तो उतरने का मन नहीं करेगा! सिलीगुड़ी की टॉय ट्रेन क्यों चर्चा में है?
    • Vijaygarh Fort History : क्या है सोनभद्र के इस क़िले की कहानी, जहाँ रहा करती थी चंद्रकांता
    • Uttar Pradesh Budget Travel: उत्तर प्रदेश की टॉप 5 बजट फ्रेंडली घूमने की जगह
    • जनवरी से फरवरी महीने में उत्तर प्रदेश की इन जगहों में करें भ्रमण, खास बनाइये अपना वीकेंड
    • खंडित हुए शिवलिंग, मिटाए गए निशान…लेकिन अडिग रहे महादेव, जानें कब-कब मुस्लिम शासकों ने तोड़ा सोमनाथ मंदिर?
    • UP Famous Temple: ये है आगरा का सबसे चमत्कारिक मंदिर, इसकी कहानी कर देगी आपको हैरान
    • Thailand Tourism: क्यों भारतियों को पसंद आ रहा थाईलैंड? बिना वीजा और पॉकेट फ्रेंडली हो रही यात्रा
    • About Us
    • Get In Touch
    Facebook X (Twitter) LinkedIn VKontakte
    Janta YojanaJanta Yojana
    Banner
    • HOME
    • ताज़ा खबरें
    • दुनिया
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • अंतराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • क्रिकेट
    • पेरिस ओलंपिक 2024
    Home » Vijaygarh Fort History : क्या है सोनभद्र के इस क़िले की कहानी, जहाँ रहा करती थी चंद्रकांता
    Tourism

    Vijaygarh Fort History : क्या है सोनभद्र के इस क़िले की कहानी, जहाँ रहा करती थी चंद्रकांता

    Janta YojanaBy Janta YojanaJanuary 14, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Vijaygarh Fort Sonbhadra (Image Credit-Social Media)

    Vijaygarh Fort Sonbhadra

    Vijaygarh Fort Sonbhadra: आज हम आपको सोनभद्र उत्तर प्रदेश के विजयनगर किले के बारे में बताने जा रहे हैं जहां इसके सौंदर्य की चर्चा इसकी लोकप्रियता को बयां करती है। वहीं इसके अनोखे पान को लेकर भी ये काफी लोकप्रिय है। यहां का वैभव और भव्य महल देखकर आपको एहसास होगा कि यह इतिहास में कितना स्वर्णिम युग रहा होगा। यहां का कण-कण आज भी आपको यह एहसास कराएगा कि यह महल अपने आप में एक अनूठा और भव्यता लिए हुए हैं।

    सोनभद्र में स्थित अनोखा किला

    इस दुर्ग की वीर गाथा लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं यही वजह है कि हर साल पर्यटक यहां भारी मात्रा में आते हैं। विजयगढ़ दुर्ग चार राज्यों मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों के सीमावर्ती जनपद सोनभद्र में है। यह वीर गाथा ऐयारों एक अनसुनी कहानी है और तिलिस्म के खजाने से भरपूर है। दरअसल महाभारत काल से लेकर अंग्रेजों की गतिविधियों का साक्षी बनाया किला अपने अंदर कई राज समेटे हुए हैं। यह जहां आस्था का प्रतीक है वहीं रहस्य और रोमांच से भी भरपूर है पर्यटन की दृष्टि से यह स्थान सोनांचल का महत्वपूर्ण स्थल है।

    इन सबके बावजूद भी यह दुर्ग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। हजारों साल पुराने इस दुर्ग का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है कभी विजय गिरी के नाम से पहचान पहचाना जाने वाला यह दुर्ग ऋषियों की तपोभूमि रहा है। कालांतर में यह किला बना। ऐसी भी मानता है कि चंद्रगुप्त मौर्य को जब मगध पर आक्रमण करना था तो उन्होंने अपनी सेना को इसी किले पर विश्राम करने के लिए भेजा था। यहां से थोड़ी ही दूर पर मगध पड़ता है जो बिहार में है कुछ किताबों में किले की कहानी चेत सिंह से भी जुड़ी बताई गई है। यह क़िला तब और ज्यादा सुर्खियों में आया जब 90 के दशक में दूरदर्शन पर देवकीनंदन खत्री द्वारा लिखे गए उपन्यास चंद्रकांता संतति पर आधारित सीरियल बनाया गया। रानी महल, कचहरी और महल की सुरक्षा के लिए बनी करीब 6 फीट चौड़ी दीवार आज भी यहां लोगों के आकर्षण का केंद्र है।

    इस किले से आस्था भी जुड़ी हुई है हर साल यहां हिंदुओं का मेला लगता है। भगवान गणेश का मंदिर लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां की दीवारें इतनी मजबूत है कि हजारों साल बाद भी यह वैसी की वैसी ही खड़ी हुई है। इस किले की खास बात यह है कि यहां का रामसरोवर तालाब जो सैकड़ो फीट ऊंचाई पर भी गर्मी के दिनों में कभी नहीं सूखता। इसकी गहराई के बारे में आज तक कोई भी पता नहीं लग पाया है। नौगढ़ वह चुनारगढ़ जाने के लिए गुप्त रास्ता और महल का मुख्य सिंह द्वार आज भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। इसके बारे में देवकीनंदन खत्री के द्वारा लिखे गए उपन्यास चंद्रकांता संतति में भी वर्णित है।

    इस किले में कई चीज़ें आपको रहस्य और उत्सुकता से भर देगी। मुख्य द्वार जो कई कोण में घुमाया जा सकता है। वहीँ अगर द्वार पर दो लोगों को बंदूक देकर तैनात कर दिया जाए तो कोई रास्ता नहीं है जो दुर्ग में प्रवेश दिला सके। इस स्थिति में आप केवल हेलीकॉप्टर के द्वारा ही इस दुर्ग के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। 

    वहीँ इस क़िले का दूसरा रहस्य है रामसरोवर तालाब, जो 1850 फीट की ऊंचाई पर होने के उपरांत भी भीषण गर्मी में कभी नहीं सूखता। ऐसी भी मानता है कि इस तालाब को वरुण देव द्वारा वरदान प्राप्त है साथ ही तालाब का पानी पूर्णिमा के दिन थोड़ा ही सही पर बढ़ता जरूर है। इसके अलावा यहां के पुराने भवन जिसमें चंद्रकांता रहती थी यहां का एक आकर्षक है। देखरेख के अभाव में यह खंडहर बनता जा रहा है कई हजार साल पुराने तिलिस्म से भरपूर आस्था रहस्य और रोमांच की संगम स्थल विजयगढ़ दुर्ग पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन देख रेख के अभाव में यह ऐतिहासिक किला खंडहर में परिवर्तित होता जा रहा है। यहां की सीढ़ियों की मरम्मत, दुर्गा का सौन्दर्यीयकरण कराया जाना इस दुर्ग के लिए अति आवश्यक है। इतना ही नहीं यहां पर आसपास भी कई ऐसे पर्यटन स्थल है जहां भारी मात्रा में लोग आते हैं इस दुर्ग से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है मऊ कला जो महाभारत काल ब्रिटिश शासन काल से लेकर अब तक की कहानियों का विजयगढ़ दुर्ग साक्षी रहा है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleUttar Pradesh Budget Travel: उत्तर प्रदेश की टॉप 5 बजट फ्रेंडली घूमने की जगह
    Next Article एक बार बैठ गए तो उतरने का मन नहीं करेगा! सिलीगुड़ी की टॉय ट्रेन क्यों चर्चा में है?
    Janta Yojana

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    Related Posts

    जानिए क्या है इंडिगो की “सेल इंटू 2026”, बेहद कम होगा किराया, बच्चों के लिए 1 रूपए का होगा सफर

    January 14, 2026

    एक बार बैठ गए तो उतरने का मन नहीं करेगा! सिलीगुड़ी की टॉय ट्रेन क्यों चर्चा में है?

    January 14, 2026

    Uttar Pradesh Budget Travel: उत्तर प्रदेश की टॉप 5 बजट फ्रेंडली घूमने की जगह

    January 14, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    ग्रामीण भारत

    गांवों तक आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने की जरूरत

    December 26, 2024

    बिहार में “हर घर शौचालय’ का लक्ष्य अभी नहीं हुआ है पूरा

    November 19, 2024

    क्यों किसानों के लिए पशुपालन बोझ बनता जा रहा है?

    August 2, 2024

    स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

    July 20, 2024

    शहर भी तरस रहा है पानी के लिए

    June 25, 2024
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • Pinterest
    ग्राउंड रिपोर्ट

    मूंग की फसल पर लगा रसायनिक होने का दाग एमपी के किसानों के लिए बनेगा मुसीबत?

    June 22, 2025

    केरल की जमींदार बेटी से छिंदवाड़ा की मदर टेरेसा तक: दयाबाई की कहानी

    June 12, 2025

    जाल में उलझा जीवन: बदहाली, बेरोज़गारी और पहचान के संकट से जूझता फाका

    June 2, 2025

    धूल में दबी जिंदगियां: पन्ना की सिलिकोसिस त्रासदी और जूझते मज़दूर

    May 31, 2025

    मध्य प्रदेश में वनग्रामों को कब मिलेगी कागज़ों की कै़द से आज़ादी?

    May 25, 2025
    About
    About

    Janta Yojana is a Leading News Website Reporting All The Central Government & State Government New & Old Schemes.

    We're social, connect with us:

    Facebook X (Twitter) Pinterest LinkedIn VKontakte
    अंतराष्ट्रीय

    पाकिस्तान में भीख मांगना बना व्यवसाय, भिखारियों के पास हवेली, स्वीमिंग पुल और SUV, जानें कैसे चलता है ये कारोबार

    May 20, 2025

    गाजा में इजरायल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 1 दिन में 151 की मौत, अस्पतालों में फंसे कई

    May 19, 2025

    गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी युद्धविराम का किया आग्रह, फिलिस्तीन और मिस्र की इजरायल से अपील

    May 18, 2025
    एजुकेशन

    लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, IIM कोझिकोड ने घोषित किए CAT 2025 के नतीजे

    December 24, 2025

    मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह में किया शिरकत, गरीब बच्चों की शिक्षा पहल की खुले दिल से प्रशंसा की

    November 1, 2025

    Doon Defence Dreamers ने मचाया धमाल, NDA-II 2025 में 710+ छात्रों की ऐतिहासिक सफलता से बनाया नया रिकॉर्ड

    October 6, 2025
    Copyright © 2017. Janta Yojana
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Disclaimer
    • Feedback & Complaint
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.