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    Home » Bali का सबसे खूबसूरत ‘हिंदू विलेज’ Penglipuran: स्वच्छता देखकर रह जाएंगे हैरान
    Tourism

    Bali का सबसे खूबसूरत ‘हिंदू विलेज’ Penglipuran: स्वच्छता देखकर रह जाएंगे हैरान

    Janta YojanaBy Janta YojanaNovember 27, 2025No Comments5 Mins Read
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    Bali का सबसे खूबसूरत ‘हिंदू विलेज’ Penglipuran: अगर आप घूमने के शौकीन हैं और साफ सुथरा स्वच्छ डेस्टिनेशन आपकी प्राथमिकता है तो दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो शानदार पर्यटन अनुभव देने के साथ ही अपने वैभव और स्वच्छता के कारण दिल पर हमेशा के लिए छाप छोड़ जाती हैं। अगर आप भीड़भाड़ से दूर, शांत और सांस्कृतिक खूबसूरती से भरी जगहों पर जाना पसंद करती हैं, तो इंडोनेशिया के बाली द्वीप में बसा पेंगलिपुरन गांव जरूर देखना चाहिए। इसे दुनिया का सबसे साफ हिंदू गांव कहा जाता है और यहां पहुंचकर लगता है कि मानो आप किसी स्वर्गिक लोक में आ गए हैं –

    कहां स्थित है पेंगलिपुरन गांव?

    पेंगलिपुरन गांव इंडोनेशिया के बाली द्वीप के बांग्ली जिले में बसा हुआ है। देनपसार से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव पहाड़ी इलाके के बीच बसा है। जहां का मौसम, हरियाली और शांति मन को तुरंत सुकून पहुंचाती है। यह गांव बांग्ली शहर से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है, इसलिए यहां पहुंचना भी काफी आसान है। हालांकि इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन बाली अपनी गहराई तक बसी हिंदू संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। पेंगलिपुरन इस सांस्कृतिक पहचान का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।

    क्यों कहलाता है पेंगलिपुरन दुनिया का सबसे स्वच्छ हिंदू गांव?

    पेंगलिपुरन की सबसे बड़ी खासियत उसकी अद्भुत स्वच्छता है। गांव में न तो सड़क पर कचरा दिखता है और न ही प्रदूषण की कोई झलक। यहां प्लास्टिक का उपयोग बेहद सीमित है और कचरा प्रबंधन इतना व्यवस्थित है कि पर्यटक भी इसकी तारीफ करते नहीं थकते। इस गांव की दूसरी खूबी इसकी 700 साल पुरानी पारंपरिक बाली वास्तुकला है, जिसे आज भी पूरी निष्ठा के साथ संरक्षित किया गया है। यहां के सभी घर लगभग एक जैसी संरचना में बने हैं और हर घर के प्रवेश द्वार पर पारंपरिक अंगकुल-अंगकुल डिजाइन दिखती है। यहां हर घर में एक छोटा पारिवारिक मंदिर भी होता है, जो गांव की गहरी धार्मिक पहचान को दर्शाता है। सबसे खास बात है कि इस गांव में वाहन प्रवेश की अनुमति नहीं है। जिससे यहां का प्राकृतिक माहौल शांत और प्रदूषणमुक्त बना रहता है। सुबह के समय गांव की गलियों में चलना किसी दिव्य अनुभव जैसा लगता है।

    गांव का अनोखा सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मॉडल

    पेंगलिपुरन सिर्फ साफ-सुथरा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। इस गांव के पीछे फैला बांस का घना जंगल गांव का प्राकृतिक कवच माना जाता है। यहां के लोग प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बहुत सोच-समझकर करते हैं और हमेशा प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हैं।

    सामुदायिक जीवनशैली, त्योहारों के दौरान पारंपरिक पोशाकें, मंदिरों की सजावट और धार्मिक अनुष्ठान इस गांव को एक जीते-जागते सांस्कृतिक संग्रहालय में तब्दील कर देते हैं। यही वजह है कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए फोटोग्राफी एक बड़ा पैशन साबित होता है।

    कैसे पहुंचें पेंगलिपुरन गांव?

    पेंगलिपुरन जाने के लिए सबसे पहले आपको नगुराह राय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (DPS), देनपसार पहुंचना होगा। भारत से कई शहरों से बाली के लिए सीधी और कनेक्टिंग फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट से गांव तक पहुंचने के लिए आप टैक्सी, प्राइवेट कार या बाली में आसानी से उपलब्ध राइड-शेयरिंग ऐप्स का उपयोग कर सकती हैं। 45 किलोमीटर का यह सफर पहाड़ी रास्तों और खूबसूरत नजारों के बीच से गुजरता है, जो आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देता है।

    पेंगलिपुरन में क्या-क्या घूमना चाहिए?

    गांव की मुख्य सड़क पर पैदल चलते हुए आप यहां की संस्कृति को सबसे नजदीक महसूस कर सकती हैं। दोनों तरफ पारंपरिक घर, सजाए गए छोटे-छोटे मंदिर और साफ-सुथरे आंगन हर कदम पर फोटो लेने लायक दृश्य पेश करते हैं। गांव के आसपास बने कला केंद्रों में हस्तशिल्प, बांस से बने सामान और पारंपरिक कपड़े मिलते हैं। गांव के पीछे स्थित बांस का जंगल शांत नेचर वॉक के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहां के फैमिली किचन में परोसे जाने वाले पारंपरिक बाली व्यंजन भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। अगर आप त्योहारों के दौरान यहां आती हैं, तो पारंपरिक नृत्य और धार्मिक आयोजनों को करीब से देख सकती हैं।

    घूमने का सबसे सही समय कब है?

    पेंगलिपुरन जाने का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से अप्रैल तक होता है। जब बाली में बारिश कम और मौसम बिल्कुल सुहावना रहता है। हालांकि यह गांव सालभर पर्यटकों के लिए खुला रहता है, लेकिन गर्मी और बारिश के मौसम में भीड़ और फिसलन बढ़ सकती है।

    क्यों जरूर जाएं पेंगलिपुरन गांव?

    यदि आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां स्वच्छता, शांति, प्रकृति और संस्कृति मिले, तो पेंगलिपुरन से बेहतर स्थान मिलना मुश्किल है। यहां की खूबसूरती, लोगों की सादगी और संस्कृति के प्रति सम्मान हर यात्री को प्रभावित करता है। यह गांव सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि पर्यटकों को यह सीख भी देता है कि प्रकृति और परंपरा के साथ तालमेल बैठाकर हम जीवन को कितना खूबसूरत बना सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यात्रा से संबंधित जानकारी केवल सुझाव के रूप में दी गई है। किसी भी बुकिंग या निर्णय से पहले स्वयं जांच अवश्य करें।

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