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    Home » Mysterious Village Story: एक खोया हुआ पूरा गाँव, आइए जाने रोआनोक कॉलोनी के बारे में
    Tourism

    Mysterious Village Story: एक खोया हुआ पूरा गाँव, आइए जाने रोआनोक कॉलोनी के बारे में

    Janta YojanaBy Janta YojanaJuly 26, 2025No Comments8 Mins Read
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    America Mysterious Village Story Roanoke Colony a Lost Village (Image Credit-Social Media)

    America Mysterious Village Story Roanoke Colony a Lost Village (Image Credit-Social Media)

    America Mysterious Village Story: दुनिया में कुछ रहस्य ऐसे हैं जो समय के साथ और भी गहरे हो जाते हैं। ऐसा ही एक रहस्य है रोआनोक कॉलोनी का, जिसे खोया हुआ गाँव भी कहा जाता है। यह कहानी 16वीं सदी के अंत में अमेरिका के एक छोटे से द्वीप पर शुरू हुई थी, जहाँ एक पूरी बस्ती बिना कोई निशान छोड़े गायब हो गई। इस रहस्य ने इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और जिज्ञासु लोगों को सैकड़ों सालों से हैरान किया है। आइए, इस रोचक और रहस्यमय कहानी को विस्तार से जानते हैं, जो न केवल इतिहास का हिस्सा है, बल्कि एक ऐसी पहेली है जिसका जवाब आज तक नहीं मिला।

    रोआनोक कॉलोनी की शुरुआत

    रोआनोक कॉलोनी की कहानी 1580 के दशक में शुरू होती है, जब इंग्लैंड की रानी एलिज़ाबेथ प्रथम ने नए विश्व यानी अमेरिका में अपनी उपनिवेश स्थापित करने की योजना बनाई। उस समय यूरोपीय देश नई दुनिया में अपनी सत्ता और संपत्ति बढ़ाने के लिए उत्सुक थे। रोआनोक द्वीप, जो आज के उत्तरी कैरोलिना के तट पर स्थित है, को इस उद्देश्य के लिए चुना गया। यह द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सामरिक स्थिति के कारण उपनिवेश के लिए उपयुक्त माना गया।

    पहला प्रयास 1585 में हुआ, जब सर वाल्टर रैले के नेतृत्व में एक समूह रोआनोक द्वीप पर भेजा गया। इस समूह में ज्यादातर सैनिक और खोजकर्ता थे, जिनका मकसद वहाँ बस्ती बसाने की नींव रखना था। लेकिन स्थानीय मूल अमेरिकी जनजातियों के साथ तनाव, भोजन की कमी और कठिन परिस्थितियों के कारण यह प्रयास असफल रहा। यह समूह 1586 में इंग्लैंड वापस लौट गया।

    हालांकि, रैले ने हार नहीं मानी। 1587 में उन्होंने एक दूसरा प्रयास किया। इस बार जॉन व्हाइट को इस कॉलोनी का गवर्नर बनाया गया। इस समूह में 115 लोग शामिल थे, जिनमें पुरुष, महिलाएँ और बच्चे थे। यह एक परिवार-आधारित बस्ती थी, जिसका लक्ष्य स्थायी रूप से वहाँ रहना और खेती-बाड़ी शुरू करना था। इस समूह में जॉन व्हाइट की बेटी एलिनॉर डेयर और उनके दामाद एनानियास डेयर भी शामिल थे। एलिनॉर ने उसी साल एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम वर्जिनिया डेयर रखा गया। यह अमेरिका में जन्मी पहली अंग्रेज़ बच्ची थी।

    कॉलोनी का गायब होना

    1587 में जॉन व्हाइट को आपूर्ति लाने के लिए इंग्लैंड वापस जाना पड़ा। उस समय कॉलोनी को भोजन, उपकरण और अन्य ज़रूरी चीज़ों की सख्त ज़रूरत थी। व्हाइट ने अपने परिवार और कॉलोनी को छोड़कर इंग्लैंड के लिए प्रस्थान किया, यह वादा करके कि वह जल्दी लौट आएँगे। लेकिन इंग्लैंड और स्पेन के बीच युद्ध के कारण उनकी वापसी में देरी हो गई। जब वे 1590 में रोआनोक लौटे, तो जो दृश्य उन्होंने देखा, वह हैरान करने वाला था।

    पूरा गाँव गायब था। न लोग, न उनके घर, न कोई सामान। कॉलोनी का कोई निशान नहीं था, सिवाय एक पेड़ पर उकेरे गए एक शब्द के: क्रोएटोआन। पास के एक किले की चौकी पर भी यही शब्द लिखा हुआ था। इसके अलावा, कोई हिंसा या संघर्ष का कोई सबूत नहीं मिला। न लाशें थीं, न हथियार, न टूटे-फूटे सामान। ऐसा लगता था जैसे पूरी कॉलोनी हवा में गायब हो गई।

    जॉन व्हाइट ने क्रोएटोआन शब्द को देखकर अनुमान लगाया कि शायद कॉलोनी के लोग पास के क्रोएटोआन द्वीप पर चले गए हों, जहाँ एक दोस्ताना मूल अमेरिकी जनजाति रहती थी। लेकिन तूफानी मौसम और सीमित संसाधनों के कारण व्हाइट उस द्वीप तक नहीं पहुँच सके। उन्हें इंग्लैंड वापस लौटना पड़ा, और इसके बाद रोआनोक कॉलोनी की कोई खोज नहीं हो सकी।

    क्रोएटोआन: एक अनसुलझा सुराग

    क्रोएटोआन शब्द इस रहस्य का सबसे बड़ा सुराग है। यह उस द्वीप और वहाँ रहने वाली मूल अमेरिकी जनजाति का नाम था। जॉन व्हाइट ने बताया था कि जाने से पहले उन्होंने कॉलोनी वालों को निर्देश दिए थे कि अगर उन्हें कहीं और जाना पड़े, तो वे अपनी मंजिल का नाम किसी पेड़ पर उकेर दें। अगर वे मुसीबत में हों, तो एक क्रॉस का निशान भी बनाएँ। लेकिन पेड़ पर केवल क्रोएटोआन लिखा था, कोई क्रॉस नहीं।

    इससे कई सवाल उठते हैं। क्या कॉलोनी के लोग अपनी मर्ज़ी से क्रोएटोआन द्वीप पर चले गए? क्या वे वहाँ की जनजाति के साथ शामिल हो गए? या फिर कुछ और हुआ? उस समय क्रोएटोआन जनजाति को दोस्ताना माना जाता था, लेकिन पड़ोस की कुछ अन्य जनजातियों के साथ तनाव था। क्या कोई हमला हुआ? या कोई प्राकृतिक आपदा? ये सवाल आज भी अनसुलझे हैं।

    संभावित सिद्धांत

    रोआनोक कॉलोनी के गायब होने के बारे में कई सिद्धांत हैं, लेकिन कोई भी पुख्ता सबूतों के साथ सत्यापित नहीं हुआ। यहाँ कुछ प्रमुख सिद्धांत हैं:

    मूल अमेरिकी जनजातियों के साथ एकीकरण: सबसे लोकप्रिय सिद्धांत यह है कि कॉलोनी के लोग क्रोएटोआन जनजाति के साथ मिल गए। कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज़ों में बाद के वर्षों में उत्तरी कैरोलिना के कुछ मूल अमेरिकी समुदायों में नीली आँखों और हल्की त्वचा वाले लोगों का ज़िक्र मिलता है। क्या ये रोआनोक के लोग थे? कुछ पुरातत्वविदों का मानना है कि भोजन और संसाधनों की कमी के कारण कॉलोनी वालों ने स्थानीय जनजातियों के साथ रहना शुरू किया।

    हमला या युद्ध: कुछ इतिहासकार मानते हैं कि पड़ोस की शत्रुतापूर्ण जनजातियों ने कॉलोनी पर हमला किया और सभी को मार दिया। लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो कोई शव या हिंसा का सबूत क्यों नहीं मिला? यह सिद्धांत कमज़ोर पड़ता है क्योंकि कॉलोनी पूरी तरह साफ थी, जैसे लोग अपनी मर्ज़ी से गए हों।

    प्राकृतिक आपदा: कुछ लोग मानते हैं कि कोई तूफान, बाढ़ या बीमारी ने कॉलोनी को नष्ट कर दिया। लेकिन ऐसी आपदा का कोई पुरातात्विक सबूत नहीं मिला।

    स्पेनिश हमला: उस समय स्पेन और इंग्लैंड के बीच युद्ध चल रहा था। कुछ सिद्धांत कहते हैं कि स्पेनिश सेना ने कॉलोनी को नष्ट किया। लेकिन इसके भी कोई सबूत नहीं हैं, और स्पेनिश दस्तावेज़ों में इसका कोई ज़िक्र नहीं मिलता।

    आंतरिक संघर्ष: कुछ लोग मानते हैं कि कॉलोनी के अंदर ही कोई विवाद हुआ, जिसके कारण लोग बिखर गए। लेकिन इतने सारे लोगों का एक साथ गायब होना इस सिद्धांत को कमज़ोर बनाता है।

    अलौकिक सिद्धांत: कुछ लोग इस रहस्य को एलियंस, समय यात्रा या अन्य अलौकिक घटनाओं से जोड़ते हैं। हालांकि ये सिद्धांत मज़ेदार हैं, लेकिन इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता।

    पुरातात्विक खोज और आधुनिक प्रयास

    रोआनोक कॉलोनी के रहस्य को सुलझाने के लिए कई पुरातात्विक और ऐतिहासिक प्रयास किए गए हैं। 1990 के दशक से लेकर अब तक, पुरातत्वविदों ने रोआनोक और क्रोएटोआन (जो अब हटेरास द्वीप के नाम से जाना जाता है) में कई खोज अभियान चलाए। कुछ महत्वपूर्ण खोजें मिलीं, जैसे:

    हटेरास द्वीप पर सबूत: 1990 के दशक में हटेरास द्वीप पर कुछ यूरोपीय शैली के बर्तन, हथियार और गहने मिले, जो उस समय के अंग्रेज़ों के हो सकते हैं। क्या ये रोआनोक कॉलोनी के लोगों के हैं? यह सवाल अनसुलझा है।

    साइट X: 2015 में, पुरातत्वविदों ने रोआनोक से 50 मील दूर एक जगह, जिसे साइट X कहा गया, पर कुछ यूरोपीय वस्तुएँ पाईं। यह सुझाव देता है कि कॉलोनी के कुछ लोग वहाँ चले गए होंगे।

    2018 में, फर्स्ट कॉलोनी फाउंडेशन ने हटेरास द्वीप पर और खुदाई की, जहाँ उन्हें एक अंग्रेज़ी शैली का छल्ला और मिट्टी के बर्तन मिले। ये खोजें इस सिद्धांत को मज़बूत करती हैं कि कॉलोनी के लोग स्थानीय जनजातियों के साथ घुलमिल गए। लेकिन ये सबूत पक्के नहीं हैं, और रहस्य अब भी बरकरार है।

    रोआनोक का सांस्कृतिक प्रभाव

    रोआनोक कॉलोनी की कहानी ने न केवल इतिहासकारों को, बल्कि लेखकों, फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को भी प्रेरित किया है। इस रहस्य पर कई किताबें, डॉक्यूमेंट्री और टीवी सीरीज़ बनी हैं। अमेरिकन हॉरर स्टोरी जैसे शो में इस कहानी को अलौकिक तत्वों के साथ जोड़ा गया। यह रहस्य अमेरिकी इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जो शुरुआती उपनिवेशवाद की चुनौतियों और रहस्यों को दर्शाता है।

    क्यों है यह रहस्य खास?

    रोआनोक कॉलोनी का रहस्य सिर्फ एक गायब बस्ती की कहानी नहीं है। यह हमें उस समय के लोगों की हिम्मत, उनके संघर्ष और अनिश्चितता की याद दिलाता है। यह हमें बताता है कि इतिहास में कुछ सवालों के जवाब कभी नहीं मिलते। क्रोएटोआन शब्द आज भी एक पहेली है, जो हमें सोचने पर मजबूर करता है कि उन 115 लोगों का क्या हुआ। क्या वे एक नई शुरुआत के लिए कहीं और चले गए? क्या वे प्रकृति या युद्ध का शिकार हुए? या फिर कुछ ऐसा हुआ जिसे हम कभी समझ नहीं पाएँगे?

    रोआनोक कॉलोनी की कहानी एक ऐसी पहेली है जो सैकड़ों सालों से अनसुलझी है। यह न केवल इतिहास का एक हिस्सा है, बल्कि मानव जिज्ञासा और खोज की भावना का प्रतीक भी है। यह हमें याद दिलाती है कि हमारी दुनिया में अभी भी कई रहस्य हैं जो हमें हैरान करते हैं और नई खोजों के लिए प्रेरित करते हैं। अगर आप इस कहानी को सुनकर उत्सुक हुए हैं, तो शायद एक दिन आप भी इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश करें। कौन जानता है, शायद क्रोएटोआन का जवाब आप ही ढूंढ लें!

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