NMC Order : नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल शिक्षा से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए नया निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 और यूक्रेन युद्ध के दौरान जिन छात्रों ने MBBS की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से की थी, उन्हें अब अपनी शेष पढ़ाई संबंधित देश में जाकर नियमित (फिजिकल) कक्षाओं में पूरी करनी होगी। यह आदेश 5 और 12 मार्च को जारी किया गया है।
किन छात्रों पर लागू होगा नियम?
नए निर्देश के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के बीच ऑनलाइन मोड में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अब उसी विदेशी संस्थान में जाकर ऑफलाइन कक्षाओं में भाग लेना अनिवार्य होगा। NMC के इस निर्णय से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित होंगे, जिनकी अनुमानित संख्या करीब 95 हजार बताई जा रही है। इनमें राजस्थान के लगभग 15 हजार और अजमेर के करीब 12 हजार छात्र शामिल हैं।
डिग्री और रजिस्ट्रेशन को लेकर सख्ती
आयोग ने कहा है कि निर्धारित शर्तों और अवधि के अनुसार फिजिकल मोड में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही डिग्री मान्य होगी। इसके बाद ही छात्र भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कर सकेंगे।
क्लीनिकल ट्रेनिंग अनिवार्य
NMC के अनुसार मेडिकल शिक्षा केवल ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पूरी नहीं मानी जाएगी। छात्रों को अब नियमित उपस्थिति के साथ क्लीनिकल ट्रेनिंग और शैक्षणिक पाठ्यक्रम दोनों पूरे करने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन पढ़ाई को अब मान्यता नहीं दी जाएगी और सभी प्रभावित छात्रों को संबंधित देश में जाकर अपने जूनियर बैच के साथ कोर्स पूरा करना होगा।
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