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    Home » World Strangest Statues: दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब मूर्तियां: हर एक के पीछे छिपी है अनोखी कहानी
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    World Strangest Statues: दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब मूर्तियां: हर एक के पीछे छिपी है अनोखी कहानी

    Janta YojanaBy Janta YojanaAugust 22, 2025No Comments6 Mins Read
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    World’s Strangest Statues (Image Credit-Social Media)

    World’s Strangest Statues

    World’s Strangest Statues: मनुष्य ने जब से कला और स्थापत्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है तब से उसने पत्थरों धातुओं और लकड़ी में भावनाओं को उकेरने की कोशिश की है। यही वजह है कि इस धरती के कोने-कोने में शिल्पकला की अनोखी मिसालें बिखरी पड़ी हैं। इसी कड़ी में छोटी बड़ी मूर्तियां तो हर जगह देखने को मिल जाती हैं। चाहे वह मंदिरों और चर्च की पवित्र प्रतिमाएं हो या फिर महान नेताओं, नायक और नायिकाओं की प्रतिमाएं। लेकिन इस सृजनात्मक दुनिया में कुछ मूर्तियां ऐसी भी बनी हैं जो सामान्य से हटकर बेहद अनोखे अंदाज में गढ़ी गई हैं।

    इन्हें देखकर न सिर्फ आश्चर्य होता है बल्कि कई बार सवाल भी उठते हैं कि आखिर कलाकार ने इसे किस भाव में और कितने धैर्य के साथ गढ़ा होगा। आज हम आपको ऐसी विचित्र और विशाल मूर्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुनिया के अलग-अलग कोनों में मौजूद हैं। इनमें से कुछ आपको डरावनी लग सकती है कुछ हास्यास्पद और कुछ बिल्कुल अजीबोगरीब। लेकिन इन सब में एक सामान्य बात है। वह है कि यह मानव कल्पना और कला की ऊंचाइयों का एक अद्भुत उदाहरण पेश करती हैं –

     मामन (Maman) विशाल मकड़ी की मूर्ति कनाडा, फ्रांस, जापान

    अगर आपको मकड़ी से डर लगता है तो ‘मामन’ मूर्ति देखकर आपकी रूह कांप सकती है। यह मूर्ति एक विशालकाय मकड़ी की आकृति है। जिसे मशहूर फ्रांसीसी अमेरिकी कलाकार लुइस बुर्जुआ (Louise Bourgeois) ने बनाया था।

    कब और कहां बनी यह मूर्ति

    इस सबसे पहले 1999 में बनाया गया था और बाद में इसके कई संस्करण दुनिया के अलग-अलग शहरों में स्थापित किए गए। आप इसे कनाडा के नेशनल गैलरी ऑफ कनाडा(Ottawa), पेरिस, जापान और लंदन तक में देख सकते हैं।

    आकार और बनावट

    यह मूर्ति लगभग 30 फीट ऊंची है और इसे कांस्य, स्टेनलेस स्टील और संगमरमर से बनाया गया है। मकड़ी के शरीर के नीचे थैली भी लटकी है। जिसमें 32 संगमरमर के अंडे रखे गए हैं।

    प्रतीकात्मक अर्थ

    यह मूर्ति कलाकार की मां को समर्पित है। मकड़ी को बुर्जआ ने मातृत्व सुरक्षा और जटिल रिश्तों का प्रतीक बताया है। जिस तरह मकड़ी अपने जाले में अपने बच्चों को संभालती है। इस तरह एक मां भी अपने परिवार को जोड़कर रखती है। आज मामन सिर्फ एक मूर्ति नहीं बल्कि आधुनिक कलाकार अद्भुत प्रतीक है।

    द ट्रैवलर्स (The Travellers)खोखली यात्रा, फ्रांस

    फ्रांसीसी कलाकार ब्रूनो कैटलानो (Bruno catalano) नेत्र ट्रेवल्स नाम की मूर्तियों की श्रृंखला बनाई। इन्हें देखकर कोई भी पहली नजर में चौक जाता है। क्योंकि इन मूर्तियों का धड़ बीच से गायब है।

     यह कहां स्थित हैं?

    इन मूर्तियों को मुख्य रूप से फ्रांस के मार्से (Marseille) शहर में लगाया गया है लेकिन आज उनके प्रतिरूप दुनिया के अन्य हिस्सों में भी देखे जा सकते हैं।

    विशेषता

    कांसे से बनी मूर्तियों में लोग हाथ में सूटकेस लिए चलते हुए दिखते हैं। लेकिन इनका मध्य भाग गायब यानी खोखला होता है। जिससे वह अधूरी प्रतीत होती हैं।

    प्रतीकात्मक अर्थ

    यह मूर्तियां यात्राओं प्रवास और जीवन की अधूरी कहानियां का प्रतीक हैं। हर इंसान की यात्रा अधूरी होती है और हर सफर इंसान से इसका एक हिस्सा छीन लेता है। प्रवासियों और यात्रियों की पीड़ा को समझने का यह एक कलात्मक प्रयास है। ब्रूनो की यह कला आधुनिक समाज के बदलाव और पहचान की खोज को बेहद गहरे अंदाज में सामने लाती है।

    द हेड ऑफ़ डेजर्ट (The Head of Desert) रेगिस्तान से उठता हाथ, चिली

    चिली के अटाकामा रेगिस्तान में आपको रेत से निकलता हुआ एक विशाल हाथ दिखाई देगा। इसे देखकर लगता है मानव धरती के नीचे से कोई मदद की पुकार कर रहा हो।

    निर्माता और स्थान

    इस अद्भुत मूर्ति को चिली के कलाकार मारियो इराराजाबल (Mario Irarrazabal) ने 1992 में बनाया था। यह मूर्ति एंटोफेगस्ता शहर से लगभग 75 किमी दूर रेगिस्तान में स्थित है।

    आकार

    यह हाथ लगभग 36 फीट (11मीटर)ऊंचा है। यह पूरी तरह से कंक्रीट से बनाया गया है।

     प्रतीकात्मक अर्थ

    यह मूर्ति मानवीय भेद, अन्याय और पीड़ा का प्रतीक है। चिली में जब सैन्य शासन था, तब हजारों लोग अत्याचार और यातना के शिकार हुए। यह मूर्ति उसी इतिहास को याद दिलाती है। यह चिली में मानवीय संघर्ष की निशानी बनी हुई है।

    जहां रेगिस्तान की सुनसान भूमि पर खड़ा यह अकेला हाथ अकेलेपन, असहायता की अनुभूति कराता है।

    स्पॉट (Spot) मूर्ति, कुत्ते और कार की अदभुद जुगलबंदी, अमेरिका

    न्यूयार्क में मौजूद यह मूर्ति देखने वालों को हैरान भी करती है। इसे देख कर लोगों को हंसी भी आती है। ‘स्पॉट’ नामक यह मूर्ति एक विशाल डॉलमेशन नस्ल के कुत्ते की आकृति है, जिसकी नाक पर एक पीली टैक्सी कार उल्टी खड़ी है।

    स्थान और निर्माता

    यह मूर्ति अमेरिका के न्यूयार्क यूनिवर्सिटी लैंगोंन हेल्थ के हैसेनफेल्ड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के सामने लगाई गई है। इसे मशहूर कलाकार डोनाल्ड लिप्स्की (DONALD LIPSKI) ने 2018 में बनाया था।

    आकार

    इस कुत्ते की ऊंचाई लगभग 38 फीट है। ऊपर लगी कार असली TAXI CAB है। जिसे टोयोटा ने दान में दिया था।

     मूर्ति की विशेषता

    यह मूर्ति बच्चों को खुशी और मुस्कान देने के लिए बनाई गई है। अस्पताल में आने वाले छोटे मरीज जब इस मूर्ति को देखते हैं तो उनका ध्यान दर्द से हटकर रोमांच की ओर चला जाता है। यह मूर्ति न्यूयार्क के लिए एक अनोखा लैंडमार्क बन चुकी है।

    अप्साइड डाउन मूर्ति (Upside Down Statue) उल्टा लेफ्टिनेंट गवर्नर, आस्ट्रेलिया

    आस्ट्रेलिया में स्थित एक मूर्ति जितनी विचित्र है, उतनी ही विचारोत्तेजक भी। इसे देखकर लगता है जैसे कोई मूर्ति गलती से उल्टी लगा दी गई हो। लेकिन यह कोई गलती नहीं, बल्कि कलाकार की कलात्मक सोच है।

     किसकी मूर्ति है?

    यह मूर्ति चार्ल्स ला ट्रोब (Charles La Trobe) की है। जो विक्टोरिया राज्य के पहले लेफ्टिनेंट – गवर्नर थे।

     स्थान और कलाकार

    यह मूर्ति मेलबर्न के La Trobe University (Boundoora Campus) में स्थित है। इसे ऑस्ट्रेलियाई कलाकार चार्ल्स रॉबिंसन (Charles Robb) ने 2006 में बनाया था।

    आकार और विशेषता

    मूर्ति की ऊंचाई 16 फीट है। सामान्य सोच से विपरीत इसे जानबूझकर उल्टा बनाया गया है यानी सिर नीचे और पैर ऊपर।

    प्रतीकात्मक अर्थ

    मूर्ति का संदेश यही है कि विश्वविद्यालयों को समाज की परम्परागत सोच को चुनौती देनी चाहिए। नई दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। यह मूर्ति देखने वालों को चौंकाती है।

    दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियां को देखकर साफ झलकता है कि कला सिर्फ सुंदरता दिखाने का साधन नहीं बल्कि संदेश देने और सोच को बदलने का माध्यम भी है।

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