
Nahargarh Biological Park (Image Credit-Social Media)
Nahargarh Biological Park
जयपुर, 31 दिसम्बर। राजधानी जयपुर में स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान पर्यटन के नक्शे पर राज्य के एक प्रमुख और तेजी से उभरते टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। जयपुर भ्रमण पर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए नाहरगढ़ जैविक उद्यान के साथ संचालित टाइगर एवं लायन सफारी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। प्राकृतिक हरियाली और पहाड़ी परिवेश के बीच वन्यजीवों को उनके स्वाभाविक वातावरण में देखने का रोमांच पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।
सहायक वन संरक्षक देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि जनवरी 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक नाहरगढ़ जैविक उद्यान एवं टाइगर-लायन सफारियों के माध्यम से कुल 3 लाख 73 हजार 869 देशी एवं विदेशी पर्यटकों ने वन्यजीवों का दीदार किया। इस अवधि में वन विभाग को 2 करोड़ 36 लाख 3 हजार 620 रुपये का उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त हुआ, जो उद्यान की बढ़ती लोकप्रियता और सुव्यवस्थित प्रबंधन को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष भर में नाहरगढ़ जैविक उद्यान में 3 लाख 39 हजार 433 पर्यटक पहुंचे, जबकि 18 हजार 831 पर्यटकों ने लायन सफारी और 15 हजार 605 पर्यटकों ने टाइगर सफारी का आनंद लिया। पर्यटन सीजन के दौरान ये दोनों सफारियां जयपुरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण बनी रहीं।
शहर के निकट स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली और समृद्ध जैव विविधता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यहां परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को न केवल मनोरंजन का अवसर मिलता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी मिलता है।
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सहायक वन संरक्षक देवेन्द्र सिंह राठौड़ एवं रेंज अधिकारी शुभम शर्मा द्वारा नियमित रूप से सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है।
रेंज अधिकारी शुभम शर्मा की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा सफारी संचालन, भीड़ नियंत्रण, टिकटिंग, वाहन सुविधा, दिशानिर्देश और स्वच्छता प्रबंधन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव प्राप्त हो सके।
वन विभाग की सतत निगरानी, प्रभावी प्रबंधन और निरंतर सुविधाओं के विस्तार के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के सबसे लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। यह स्थल न केवल पर्यटन और राजस्व संवर्धन का सशक्त माध्यम बन रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और जन-जागरूकता का भी प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहा है।


